2017-07-03

कमल ककड़ी और फूल के अद्भुत फायदे // Wonderful Benefits of Lotus Flowers




     कमल का फूल भारतीय परंपरा में बहुत पवित्र माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पौधे की जड़, जिसे कमल ककड़ी भी कहते हैं, के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह कई बीमारियों में आपको राहत प्रदान करती है। हालांकि कमल कीचड़ में पैदा होता है, लेकिन इसकी जड़ अपनी शुद्धता बनाए रखती है। कमलककड़ी से खुशबू आती है, जो आपके मन को लुभाती है। स्वाद में यह कुरकुरी और मीठी होती है। भारत के कई प्रांतों में कमलककड़ी का सब्जी के रूप में उपयोग होता है। आइए जानते हैं, क्या हैं इसके स्वास्थ्य संबंधी लाभ।

बहुतायत में है एंटी-ऑक्सीडेंट
कमलककड़ी में एंटी-ऑक्सीजेंट बहुतायत में उपलब्ध हैं। फ्री रेडिकल्स के कारण, कैंसर या इस जैसी और भी घातक बीमारियां हो सकती हैं, लेकिन इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट हमें इनसे बचाते हैं। कमलककड़ी खाने से हमारे शरीर को भरपूर एंटी-ऑक्सीडेंट उपलब्ध होता है, जो कि स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है।
 
चर्म रोग
जिन लोगों को त्वचा से संबंधित समस्याएं है जिसे हम चर्म रोग के नाम से जानते हैं जो किसी बाहरी संक्रमण के कारण ज्यादा फैल जाती है और आगे चलकर काफी भयानक रूप ले लेती है। इस समस्या को दूर करने में कमल का पौधा काफी अच्छा उपचार है। इसके लिये पानी में से कमल की जड़ निकालकर उसे घिस लें और उससे निकलने वाले सार को संक्रमित जगह पर लगाये। ऐसा करने से चर्म रोग की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
बुखार में प्रभावी दवा
कमलककड़ी बुखार में प्रभावी दवा के रूप में उपयोग में लाई जाती है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाती है और बुखार के कारण बढ़े हुए शरीर के तापमान को कम करती है। कमलककड़ी का सूप बनाकर रोगी को पिलाएं, लाभ होगा।
शीध्रपतन की समस्या
शीध्रपतन एक ऐसी समस्या जो आज के समय में महामारी के रूप में फैलती ज्यादा नजर आ रही है। बीर्य का ना बनना या समय से पहले ही बीर्यपात हो जाना नव दंपती के जीवन की खुशहाली को दूर कर देता है । इस समस्या से मुक्ति दिलाने में कमल की जड़ से बना चूर्ण काफी फायदेमंद साबित हुआ है। इसके लिये आप गर्म गुनगुने किये हुए पानी में कमल की जड़ का चूर्ण कम से कम चार ग्राम मिलाकर पीएं। ऐसा करते रहने से आप जल्द ही वीर्यपात जैसी समस्या से छुटकारा पा सकते है।
एन्टीडायरियल गुण हैं कमल ककड़ी में
रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि कमल के पौधे की जड़ में डायरिया को रोकने वाले गुण पाए गए हैं। तो जब भी आपको डायरिया की समस्या हो, आप कमलककड़ी का इस्तेमाल करें, जो कि फायदा पहुंचाता है।बवासीर
बवासीर से परेशान लोगों के लिये कमल का फूल सबसे बढ़िया औषधीय उपचार माना गया है। इस समस्या से परेशान लोग कमल केसर का उपयोग कर इस समस्या से मुक्ति पा सकते है। ये आपको आसानी से आस पास के नदी तलाबों में मिल सकता है। आप आधा ग्राम मक्खन और चीनी में कमल केसर को मिलाकर एक सप्ताह तक लगातार खायें। आपको इस बीमारी से जल्द ही राहत मिलगी ।
लीवर के लिए फायदेमंद
कमलककड़ी में जो दो रसायनिक तत्व बहुतायत में पाए जाते हैं, वे हैं टैनिन और टीसुरुता एट। ये दोनों तत्व आपके लीवर को शक्ति प्रदान करते हैं, और लीवर संबंधी बीमारियों को दूर रखते हैं।
दिल की बीमारी
कमल के गट्टे की सब्जी नियमित रूप से रोज खाने से दिल संबंधी रोग दूर होते है। यह शरीर के रक्त चाप को सूचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाता है।
गर्भपात 
बार बार हो रहे गर्भपात को रोकने के लिये आप नागकेसर और कमल की नाल को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें पीसे गये पेस्ट को गाय के दूध के साथ सिर्फ एक ग्राम लें। आपकी मिसकैरिज जैसी होने वाली समस्या खत्म हो जायेगी। 
डायबिटीज में है लाभदायक
कमलककड़ी खून में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है। इसमें मौजूद इथेनॉल का अर्क, खून में शक्कर को नियंत्रित करता है और ग्लूकोज टॉलरेंस को बढ़ाता है। इस तरह यदि डायबिटीज यानि मधुमेह के रोगी इसका नियमित सेवन करें, तो उन्हें लाभ होगा।
 
ब्रेस्ट टाइट के लिए
बढ़ती उम्र के साथ या फिर शरीर में पौषक तत्वों की कमा होने से जिन महिलाओं के ब्रेस्ट ढीले होने लगते है। वे महिलाये कमल के बीजों का उपयोग करें। इसके लिये आप कमल के बीजों के पीसकर पाउड़र बना लें और उस पाउडर को गाय के दूध के साथ करीब दो माह तक पीते रहें। इसके फायदे आपको जल्द ही देखने को मिल जायेगे।
इंफ्लेमेशन को रोकता है इसका सेवन
जानकारों के अनुसार, यह एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है, जिस कारण, शरीर में कहीं भी दाह या इंफ्लेमेशन होता है, यह उसकी रोकथाम करता है। तो जब भी आपको जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों का दर्द या फिर सूजन हो, इसका इस्तेमाल करें।
उल्टी होने पर
बार बार जी मचलाना या फिर उल्टी के आने वाली समस्या को दूर करने के लिये आप कमल के कुछ बीजों को तवे पर भून लें और उसे छीलकर उसके अंदर के सफेद भाग को पीसकर इसमें शहद मिला लें और जब भी आपको उल्टी की समस्या आये इस तरह पेस्ट बनाकर खा लें। जल्द ही राहत देने वाला सबसे अच्छा औषधीय उपचार है।
बालों को काला करने के लिए
बालों की समस्या के लिये कमल का फूल एक वरदान के समान साबित हुआ है। इसके फूल का प्रयोग करने से बाल काले घने लंबे होते है। इसका उपयोग करने के लिये आप एक कटोरे में गाय के कच्चे दूध में कमल के फूल को डालकर किसी गढ्ढे में एक महीने के लिये दबाकर रख दें फिर इसे निकालकर उस सार को अपने बालों पर लगाएं इससे आपके बालों की सुदंरता बढ़ जाएगी।