2015-11-12

आंवला के फायदे Amla 's benefits

आंवले का फल हो या इसका जूस, सेहत के लिए कितना फायदेमंद है, इसका उल्लेख  आयुर्वेद से लेकर एलोपैथ तक विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों में आपको मिलेगा ही।

विभिन्न भाषाओं में नाम : संस्कृत- आमलकी धात्री। हिन्दी- आंवला। मराठी- काम्वट्ठा, आंवला। गुजराती- आँवला। कन्नड़-मलयालम- नेल्लि। तमिल- नेल्लिकाई। तेलुगू- उशीरिकई, उसरकाम। फारसी- आमलज। इंग्लिश- एम्बलिक माइरोबेलेन। लैटिन- एम्बिलिका आफिसिनेलिस। 


उपयोग -
 त्रिफला की 3 औषधियों में से आंवला एक है। इसे सूखे चूर्ण के रूप में अन्य औषधियों के साथ नुस्खे के रूप में और अचार, चटनी, मुरब्बे के रूप में सेवन किया जाता है। च्यवनप्राश, ब्राह्मरसायन, धात्री लौह और धात्री रसायन आदि आयुर्वेदिक योग तैयार करने में आंवला काम आता है। यह अनेक रोगों को नष्ट करने वाला पोषक, धातुवर्द्धक और रसायन है। आयुर्वेद ने इसे 'अमृतफल' कहा है। 

लिखता हूँ आंवला  के गुण जो आपकी सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है-


मोटापा  मे हितकारी- 
आंवले के सेवन से शरीर में प्रोटीन का स्तर अधिक होता है और नाइट्रोजन का संतुलन रहता है जिससे फैट्स बर्न होता है और वजन घटाने में मदद मिलती है।

पेट के रोगों मे अमृत तुल्य -
आंवला में फाइबर की अधिकता है। यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक को साफ रखता है और शरीर के टॉक्सिन दूर रखता है। 

एसीडिटी  की समस्या मे लाभकारी-
इसका कसैला स्वाद शरीर में पाचन ठीक रखने वाले एन्जाइम्स को सक्रिय रहता है जिससे एसिडिटी कम करने में आसानी होती है।

डायबीटीज़  मे उपयोगी-
आंवले के सेवन से शरीर में शुगर का स्तर संतुलित रहता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स क्रीएटिनाइन के सीरम का स्तर सामान्य करता है और शरीर में ऑक्सीडेटिव तत्व को कम करता है जिससे ग्लूकोज नियंत्रित रहता है।

त्वचा के लिए उत्तम -
आंवले में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में हैं जो त्वचा को सेहतमंद रखते हैं और शरीर के टॉक्स‌िन दूर करते हैं। इसके नियमित सेवन से मुहांसे और झुर्रियों की समस्या कम हो जाती है।

बालों के लिए  फायदेमंद-
आंवले में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में हैं जो बालों के प्राकृतिक रंग को बरकरार रखते हैं और यह बालों के लिए प्राकृतिक कंडिशनर का काम करता है।


कोलेस्ट्रॉल घटाने के लिए -
इसमें विटामिन सी, अमीनो एसिड व पेसटिन हैं जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर घटाते हैं और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। यह आर्ट्रीज व रक्त कोशिकाओं में फैट्स जमने से भी बचाव करता है।

केन्सर से बचाव-
आंवला में एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में है जो कार्सिनोजेनिक कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं और कैंसर से बचाव करते हैं।

मूड ठीक रखता है-
आंवले में एंटीऑक्सीडेंट्स अधिक हैं जो दिमाग की कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाते हैं और इसमें मौजूद नियोपाइनफ्राइन नामक तत्व मूड से जुड़ी क्रियाओं को नियंत्रित रखता है।

मोतियाबिंद ,रतौंधी मे लाभप्रद -

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स रेटीन को ऑक्सीडाइज होने से बचाकते हैं। इसके नियमित सेवन से मोतियाबिंद व रतौंधी जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। 


गठिया मे सेवनीय-
इसमें एंटी इन्फ्लामेट्री गुण है जो गठिया में होने वाले दर्द और सूजन को कम करने में मददगार है। इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर में कैल्शियम के पाचन में मदद करता है जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसे रोगों से बचना आसान हो सकता है।

 एक साबुत आंवला दाल या शाक बनते समय शुरू से ही डाल दीजिए तो यह दाल-शाक बनने के दौरान पक जाएगा। आंवले को ठण्डा होने पर मसलकर इसमें शकर या मिश्री मिलाकर भोजन के साथ शाक की तरह खाते जाइए। इस प्रकार आप एक आंवला प्रतिदिन भोजन के साथ तब तक खाते रहिए जब तक आपको हरा व ताजा आंवला मिलता रहे।