2016-02-20

गाय के दूध के लाभ :Benefits of Cow's milk



      प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान में कहा गया है कि शुद्ध आहार खाने वाली गाय का दूध पीने से असमय खो चुका यौवन भी लौट आता है। लेकिन इसके अलावा भी इसके कई फायदे हैं। सिर्फ एक गिलास गाय का दूध क्या क्या कमाल कर सकता है, निम्न लेख मे उल्लेख करते हैं-
गाय का दूध पूर्ण भोजन माना गया है| व्यक्ति कई दिनों तक केवल गाय का दूध पीकर एकदम स्वस्थ्य और ताकतवर बना रह सकता है| गाय का दूध बेहद पौष्टिक और सेहतमंद होता है| चिकित्सा अनुसंधान मे प्रमाणित हुआ है कि गाय के दूध मे मिलने वाले प्रोटीन से हार्ट अटेक,,डायबीटीज़ और मानसिक रोग ठीक करने मे सफलता मिली है| रुग्ण लोगों के लिए गाय का दूध आदर्श भोजन होता है|
    कुछ लोग कहते है कि भैंस का दूध ज्‍यादा लाभदायक होता है जबकि कुछ लोगों का मानना है कि गाय के दूध में ज्यादा पोषक तत्व होते हैं। हर प्रकार के दूध में पोषक तत्व की भरमार होती है, बस उम्र और शरीर की आवश्‍यकता के हिसाब से इसका उपयोग किया जाता है।
    अगर आप अपना वजन और मासपेशियां बढाना चाहते हैं, तो भैंस का दूध आपके लिये अच्‍छा है। भैंस के दूध में गाय के मुकाबले अधिक प्रोटीन होता है, जो कि मासपेशियां बढाने में मददगार है। अगर आपको पाचन संबंधित समस्या है तो गाय के दूध का सेवन करें। यही कारण है कि बच्चों को गाय का दूध दिया जाता है क्योंकि यह आसानी से पच जाता है। जबकि भैंस का दूध भारी होता है और पचने में गाय के दूध की अपेक्षा अच्छा नहीं होता है क्‍योंकि इसमें पानी की मात्रा कम होती है। गाय के दूध से वीर्य की बढ़ोतरी होती है| यह शुक्राणु बढ़ाने मे मददगार होता है| लिंग मे कड़ापन लाता है और वीर्य छूटने का समय बढ़ाता है|आनंदमय दांपत्यजीवन के लिए गाय का दूध बेहद उपयोगी है|
पेट के केन्सर को प्रारम्भिक स्थिति मे रोकने के लिए गाय के दूध की उपयोगिता प्रमाणित हुई है| ट्यूमर को बढ़ाने वाले बेसलीन के प्रभाव को कम करने मे दूध के पौष्टिक तत्ब मदद करते हैं|
   दूध को उबालकर मलाई निकाली जाती है मलाई बलवर्धक,तृप्तिकारक,गरिष्ठ,पुष्टिकारक,वीर्यवर्धक,कफकारक और धातुवर्धक है| इससे पित्त,वायु,रक्तपित्त और रक्त दोष का निवारण होता है|पेशाब मे जलन हो तो दूध मे गुड डालकर सेवन करना चाहिए| रात्री मे पिया हुआ दूध बुद्धि वर्धक, टीबी नाशक,वृद्ध व्यक्तियों मे वीर्य बढ़ाने वाला होता है| दूध एसीडीटी मे भी उपकारी है|
एग्जिमा से त्वचा खराब हो रही है तो सूती कपड़े की पट्टी बनाकर इसे गाय के दूध में भिगोए और एक्जीमा वाली जगह पर दस मिनट के लिए बांध दें। एक हफ्ते तक ये पट्टी करें, देखिए एक्जीमा और उसकी खुजली गायब हो जाएगी।
पीलिया - 
गाय के दूध से बने 50 ग्राम दही में 10 ग्राम हल्दी का चूर्ण मिलाकर रोज सुबह खाली पेट खाने से पीलिया में आराम मिलता है।
गाय का दूध रोगों का प्रतिकार करने के साथ ही चेहरे की सुंदरता को भी निखारता है। गाय के दूध में मसूर की दाल और बेसन को भिगोकर रात भर के लिए रख दें। सुबह इन्हें पीस कर पेस्ट बना लें। इसे नियमित तौर पर लगाने से मुंहासे, चेचक के दाग, चेहरे पर बाल और झाइयां खत्म हो जाती हैं।
अगर बाल झड़ रहे हैं और गंजापन आ रहा है तो गाय के दूध से बना मट्ठा कुछ दिन रखकर इससे बाल धोएं, इससे बालों के झड़ने की समस्या दूर होगी।
खूनी बवासीर -
 आयुर्वेद के अनुसार गाय के दूध की छाछ में मसूर की दाल का उबला पानी मिलाकर पीएं। इससे भी बवासीर में रक्तस्राव में आराम मिलता है।
अगर मुंह में छाले परेशान कर रहे हैं तो रात को सोने से पहले इन छालों पर खूब सारी मलाई लगाएं। छाले ठीक हो जाएंगे। यदि सुबह के समय गाय के दूध से बने दही के साथ पका हुआ केला खाएंगे तो मुंह के छाले ठीक हो जाएंगे।
कब्ज - 
गाय के दूध से बनी ताजी छाछ 250 मी.ली.के साथ लगभग 5 ग्राम अजवाईन का चूर्ण मिलाकर सुबह सुबह खाली पेट पिए। कब्ज में आराम होगा।
गाय का दूध पीने से पेट में गैस बनने की समस्या खत्म होती है और इससे शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है।
दूध अपनी खूबियों के कारण हमारा पहला आहार बनता है। फिर भी काफी लोग दूध से बचने लगते हैं। तो क्यों न हम दूध के फायदों को एक बार फिर याद करें-
दूध में स्वाभाविक रूप से भरपूर पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें शरीर के लिए आवश्यक कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस और विटामिन डी आदि सभी तत्व काफी मात्रा में होते हैं। इस तरह दूध एक संपूर्ण आहार बन जाता है,|
आंखों के लिए भी गुणकारी -
दूध पीने से आंखों को भी काफी फायदा होता है। इसमें पाया जाने वाले विटामिन ए और बी अच्छी दृष्टि का निर्माण करने में मददगार साबित होते हैं।
तनाव दूर करे-
दूध बहुत अच्छा एपेटाईजर होने के साथ तनाव भी कम करता है। थकान होने पर एक गिलास गरम दूध का सेवन करने से तनावयुक्त मांसपेशियों को आराम और अस्तव्यस्त तंत्रिकाओं को शांत करने में मदद मिलती है।


गाय का दूध बेहतर-
गाय का दूध अन्य प्राणियों के दूध की अपेक्षा हल्का और तुरंत शक्तिवर्धक है। गाय के दूध को बुद्घि के लिए बेहतर माना जाता है। इसके सेवन से दिमाग तेज होता है। भैस के दूध की अपेक्षा गाय का दुग्ध आसानी से पचता है। गाय का दूध शरीर के लिए और तरह के फायदे पहुंचाता है। इससे आलस्य नहीं आता और शरीर में फुर्ती बनी रहती है।
हड्डियों को मजबूत बनाता है-
दूध कैल्शियम का बेहतर स्त्रोत है और हम जानते हैं कि कैल्शियम हमारी हड्डियों के लिए अत्यधिक आवश्यक होता है। इसलिए केवल छोटे बच्चों को ही नहीं, बल्कि वयस्कों को उनकी हड्डियों को मजबूत रखने के लिए और हड्डियों की कमजोरी को रोकने के लिए दूध की जरूरत पड़ती है, ताकि हड्डियों सबंधी रोग जैसे लोअर बोन डेनसिटी या ऑस्टियोपोरोसिस आदि से बचने में मदद मिल सके।
दांतों के लिए फायदेमंद-
दूध में मौजूद कैल्शियम और फास्फोरस स्वस्थ दांतों के विकास और रखरखाव के लिए फायदेमंद होते हैं। दूध में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन केसीन है, जो दांतों के लिए रक्षात्मक कार्य करता है। यह इनेमल सतह पर पतली फिल्म बनाता है, जिससे कैल्शियम और फॉस्फेट की क्षति कम होती है और दांतों को लाभ होता है।
मांसपेशियों के लिए कारगर -
इस बात में दो राय नहीं कि प्रोटीन हमारी मांसपेशियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है और दूध में प्रोटीन भी शामिल होता है। अत: दूध मांसपेशियों की मजबूती व उनके पुनर्निर्माण में मदद करता है।
त्वचा के लिए लाभदायक-
अपनी त्वचा के प्रति सजग लोगों के लिए दूध का सेवन जैसे अमृत है। इसमें विभिन्न तत्वों का मिश्रण होने से यह त्वचा को सुंदर दिखने में मदद करता है। इसमें लैक्टिक एसिड पाया जाता है, जो त्वचा को कोमल और चमकदार बनाने में मददगार एक्स्फोलिएन्ट और एंजाइम का काम करता है।
ह्दय रोग व उच्च रक्तचाप से सुरक्षा-
कई अध्ययनों से दूध को स्वस्थ ह्दय के लिए लाभदायक और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी प्रभावी बताया गया है।
कैंसर का खतरा कम करे-
दूध के नियमित सेवन से स्तन कैंसर और पेट के कैंसर का शिकार होने की आशंका कम हो जाती है।
टाइप 2 डायबिटीज की आशंका कम-
आजकल बच्चों में बढम्ती टाइप 2 डायबिटीज की बीमारी से बचाव में भी दूध का सेवन हितकर हो सकता है। इस लिए भी दूध का सेवन जरूरी है।