2016-03-17

जौ खाने के फायदे :Benefits of barley




      हमारे ऋषियों-मुनियों का प्रमुख आहार जौ ही था। वेदों द्वारा यज्ञ की आहुति के रूप में जौ को स्वीकारा गया है। जौ को भूनकर, पीसकर, उस आटे में थोड़ा-सा नमक और पानी मिलाने पर सत्तू बनता है। कुछ लोग सत्तू में नमक के स्थान पर गुड़ डालते हैं व सत्तू में घी और शक्कर मिलाकर भी खाया जाता है। गेंहू , जौ और चने को बराबर मात्रा में पीसकर आटा बनाने से मोटापा कम होता है और ये बहुत पौष्टिक भी होता है .राजस्थान में भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए सुबह सुबह जौ की राबड़ी का सेवन किया जाता है .

बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को लेकर परेशान हैं तो ऎसा करें
जौ कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और हृदय  रोगों से बचाता है।


अगर आपको ब्लड प्रेशर की शिकायत है और आपका पारा तुरंत चढ़ता है तो फिर जौ को दवा की तरह खाएँ। हाल ही में हुए एक अध्ययन में दावा किया गया है कि जौ से ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है।कच्चा या पकाया हुआ जौ नहीं बल्कि पके हुए जौ का छिलका ब्लड प्रेशर से बहुत ही कारगर तरीके से लड़ता है।
रोटी: 
जौ, गेहूं और चने को मिक्स करके बनाए हुए आटे की रोटी डायबिटीज, ब्लड प्रेशर , मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और हृदय  रोगों में बहुत फायदेमंद होती है।
इस मिक्स आटे में गेहूं 60 प्रतिशत, जौ 30 प्रतिशत और चना 10 प्रतिशत होना चाहिए। रोटी के अलावा जौ से बना दलिया भी स्वादिष्ट व शरीर के लिए पौष्टिक होता है।
त्वचा: 
जौ के आटे में बेसन, संतरे के छिलके का पाउडर, हल्दी, चंदन पाउडर और गुलाब जल मिलाकर बनाया गया उबटन त्वचा की चमक बनाए रखता है।
*सत्तू भी फायदेमंद: 
भुने हुए जौ को पीसकर पानी व मिश्री मिलाकर बनाया सत्तू गर्मी में अमृत के समान है। जौ से बनी आयुर्वेद की दवा यवक्षार को आयुर्वेद की अन्य दवाओं के साथ लेने से गुर्दे की पथरी निकल जाती है और पेशाब की जलन भी दूर होती है। यदि यवक्षार को 1-2 ग्राम की मात्रा में शहद के साथ कुछ दिन लिया जाए तो खांसी से आराम मिलता है।*जौ में विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैगनीज, सेलेनियम, जिंक, कॉपर, प्रोटीन, अमीनो एसिड, डायट्री फाइबर्स और कई तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. जौ एक बहुत ही फायदेमंद अनाज है. आप चाहे तो इसे अपने रोज के आहार में शामिल कर सकते हैं या फिर एक औषधि के रूप में भी ले सकते हैं.
*हर रोज जौ का पानी पीने से एक ओर जहां स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत सी समस्याएं दूर हो जाती हैं वहीं कई बीमारियों के होने का खतरा भी बहुत कम हो जाता है. इसके साथ ही ये शरीर को स्वस्थ रखने में भी बहुत कारगर होता है. कई लोग जौ को भाप द्वारा पकाकर भी इस्तेमाल करते हैं. पर जौ का पानी स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक फायदेमंद होता है
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    जौ का पानी तैयार करने के लिए कुछ मात्रा में जौ ले लीजिए और उसे अच्छी तरह साफ कर लीजिए. उसके बाद इसे करीब चार घंटे तक पानी में भिंगोकर छोड़ दीजिए. उसके बाद इस पानी को तीन से चार कप पानी में मिलाकर उबाल लीजिए. पर इसे धीमी आंच पर ही उबलने दें.लगभग 45 मिनट बाद गैस बंद कर दीजिए और इस पानी को ठंडा होने दीजिए. जब ये ठंडा हो जाए तो इसे एक बोतल में भर लीजिए और दिनभर एक से दो गिलास पीते रहें|
* पथरी- 
जौ का पानी पीने से पथरी निकल जायेगी। पथरी के रोगी जौ से बने पदार्थ लें।
* अगर आपको यूरीन से जुड़ी कोई समस्या है तो जौ का पानी आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा. इसके अलावा किडनी से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं में जौ का पानी बहुत कारगर होता है.
*मूत्रावरोध- 
जौ का दलिया दूध के साथ सेवन करने से मूत्राशय सम्बन्धि अनेक विकार समाप्त हो जाते है।
*अतिसार- 
जौ तथा मूग का सूप लेते रहने से आंतों की गर्मी शांत हो जाती है। यह सूप लघू, पाचक एंव संग्राही होने से उरःक्षत में होने वाले अतिसार (पतले दस्त) या राजयक्ष्मा (टी. बी.) में हितकर होता है।
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शरीर का वजन बढ़ाने के लिये-
 जौ को पानी भीगोकर, कूटकर, छिलका रहित करके उसे दूध में खीर की भांति पकाकर सेवन करने से शरीर पर्यात हूष्ट पुष्ट और मोटा हो जाता है।
*ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने के लिए भी जौ का पानी बहुत फायदेमंद होता है. कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होने की वजह से दिल से जुड़ी कई तरह की समस्याएं होने का खतरा कम हो जाता है. इससे दिल भी स्वस्थ रहता है्.
*मधुमेह के रोगियों के लिए जौ का पानी बहुत फायदेमंद होता है. ये शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में बहुत सहायक होता है.
*मधुमेह (डायबटीज)- 
   छिलका रहित जौ को भून पीसकर शहद व जल के साथ सत्तू बनाकर खायें अथवा दूध व घी के साथ दलिया का सेवन पथ्यपूर्वक कुछ दिनों तक लगातार करते करते रहने से मधूमेह की व्याधि से छूटकारा पाया जा सकता है।
*जौ का पानी पीने से शरीर के भीतर मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. जिससे चेहरे पर भी निखार आता है. साथ ही ये इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाए रखता है.
* जलन- 
गर्मी के कारण शरीर में जलन हो रही हो, आग सी निकलती हो तो जौ का सत्तू खाने चाहिये। यह गर्मी को शान्त करके ठंडक पहूचाता है और शरीर को शक्ति प्रदान करता है।
*जौ की राख को पानी में खूब उबालने से यवक्षार बनता है जो किडनी को ठीक कर देता है
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