2016-03-18

सैंधा नमक के फायदे



भारत मे अधिकांश लोग समुद्र से बना नमक खाते है जो की शरीर के लिए हानिकारक और जहर के समान है । समुद्री नमक तो अपने आप मे बहुत खतरनाक है लेकिन उसमे आयोडिन नमक मिलाकर उसे और जहरीला बना दिया जाता है , आयोडिन की शरीर मे मे अधिक मात्र जाने से नपुंसकता जैसा गंभीर रोग हो जाना मामूली बात है।

*नमक को सेहत का दुशमन माना जाता है और अधिक नमक खाना सेहत पर गलत असर डाल सकता है। इसलिए सभी डाक्टर नमक के अधिक सेवन करने से मना करते हैं। लेकिन एक एैसा नमक भी है जो आपको कई गंभीर बीमारियों से बचा सकता है। आयुर्वेद में सेंधा नमक को सबसे उत्तम माना गया है। सेंधा नमक लाखों साल पुराना समुद्री नमक है जो पृथ्वी की गहराइयों में दबकर बनता है। यह नमक स्वास्थवर्धक और भोजन का स्वाद बढ़ाने वाला होता है। बहुत ही कम लोगों को इस बारे में पता है कि सेंधा नमक इंसान को कई रोगों से बचा सकता है।
*उत्तम प्रकार का नमक सेंधा नमक है, जो पहाडी नमक है । आयुर्वेद की बहुत सी दवाईयों मे सेंधा नमक का उपयोग होता है।आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप ,डाइबिटीज़,लकवा आदि गंभीर बीमारियो का भय रहता है । इसके विपरीत सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप पर नियन्त्रण रहता है । इसकी शुद्धता के कारण ही इसका उपयोग व्रत के भोजन मे होता है ।




*सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप पर नियन्त्रण रहता है । इसकी शुद्धता के कारण ही इसका उपयोग व्रत के भोजन मे होता है । इसके सेवन से शरीर में ब्लड प्रेशर, चर्म रोग, फेफड़ा, नेत्र रोग, मोटापा, शरीर में जकड़न सहित बीस घातक बीमारियां होती हैं। अगर आपको लगता है कि समुंद्री नमक में आयोडीन होता है और इसलिये यह शरीर के लिये बहुत अच्‍छा होता है तो, आप गलत हैं।

*ऐतिहासिक रूप से पूरे उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में खनिज पत्थर के नमक को 'सेंधा नमक' या 'सैन्धव नमक' कहा जाता है जिसका मतलब है 'सिंध या सिन्धु के इलाक़े से आया हुआ'। अक्सर यह नमक इसी खान से आया करता था। सेंधे नमक को 'लाहौरी नमक' भी कहा जाता है क्योंकि यह व्यापारिक रूप से अक्सर लाहौर से होता हुआ पूरे उत्तर भारत में बेचा जाता था।
*भारत मे 1930 से पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था विदेशी कंपनीया भारत मे नमक के व्यापार मे आज़ादी के पहले से उतरी हुई है ,उनके कहने पर ही भारत के अँग्रेजी प्रशासन द्वारा भारत की भोली भली जनता को आयोडिन मिलाकर समुद्री नमक खिलाया जा रहा है सिर्फ आयोडीन के चक्कर में ज्यादा नमक खाना समझदारी नहीं है,
* सेंधा नमक हड्डियों को मजबूत रखता है।2. मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या सेंधा नमक के सेवन से ही ठीक हो सकती है।
* नियमित सेंधा नमक का सेवन करने से प्राकृतिक नींद आती है। यह अनिंद्रा की तकलीफ को दूर करता है।
*. यह साइनस के दर्द को कम करता है।
*शरीर में शर्करा को शरीर के अनुसार ही संतुलित रखता है।



* पाचन तंत्र को ठीक रखता है।
*यह शरीर में जल के स्तर की जांच करता है जिसकी वजह से शरीर की क्रियाओं को मदद मिलती है।
* पित्त की पत्थरी व मूत्रपिंड को रोकने में सेंधा नमक और दूसरे नमकों से बेहद उपयोगी है।
* पानी के साथ सेंधा नमक लेने से रक्तचाप नियंत्रित रहता है।
*सेंधा नमक समुद्री नमक होता है इसलिए इसमें सेहत को ठीक रखने के लिए बेहद उपयोगी खनिज तत्व होते हैं। सेंधा नमक और दूसरे आयोडीनयुक्त नमक से बेहद सस्ता भी और फायदेमंद भी होता है।
*. सेंधा नमक का सेवन दमा के रोगीयों के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

*यह नमक वजन को नियंत्रित करता है क्योंकि यह शरीर में पाचक रसों का निर्माण करता है। जिससे खाना जल्दी पच जाता है और कब्ज भी दूर हो जाती है।
* सेंधा नमक को पानी के साथ लेने से कोलेस्ट्रोल कम होता है और हाई ब्लडपे्रशर भी नियंत्रित रहता है। इसलिए यह दिल के दौरे को रोकने में मदद करता है साथ ही अनियमित दिल की धड़़कनों को नियंत्रित करता है।
* डायबिटीज के मरीजों को सेंधा नमक अपने भोजन में जरूर शामिल करना चाहिए। ये
*मानसिक तनाव कम करे
तनाव को कम करने के लिए सेंधा नमक का सेवन बेहद जरूरी है क्योंकि यह तनाव का सामना करने वाले *हार्मोन्स सेरोटोनिन और मेलाटोनिन को शरीर में बनाए रखता है। और इसके नियमित सेवन से तनाव रहित नींद भी आती है।
*सेंधा नमक खून के विकार को भी दूर करता है। इसकी तासीर ठंडी होती है।
*सेंधा नमक का नियमित सेवन करने से फेफड़ों के रोग, चर्म रोग और शरीर की जकड़न आदि नहीं होते हैं।
*पायरिया की समस्या से दांतों में काले धब्बे बन जाते है। ऐसे में सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर दांतों पर मलें। इस उपाय को कुछ दिनों तक लगातार करते रहें।
*नाखूनों के पीलेपन को हटाता है सेंधा नमक।
*सेंधा नमक कफ और वात दोष को भी खत्म करता है।



*काला और सेंधा नमक में 84 मिनरल्स होते हैं इसके अलावा इसमें Trace Minerals भी होते हैं इन Trace Minerals के कारण ही सोडियम शरीर को निरोगी बनाता है।
*आयोडीन के नाम पर हम जो नमक खाते हैं उसमें कोर्इ तत्व नहीं होता। आयोडीन और फ्रीफ्लो नमक बनाते समय नमक से सारे तत्व निकाल लिए जाते हैं और उनकी बिक्री अलग से करके बाजार में सिर्फ सोडियम वाला नमक ही उपलब्ध होता है जो आयोडीन की कमी के नाम पर पूरे देश में बेचा जाता है, जबकि आयोडीन की कमी सिर्फ पर्वतीय क्षेत्रों में ही पार्इ जाती है इसलिए आयोडीन युक्त नमक केवल उन्ही क्षेत्रों के लिए जरुरी है।
आयोडीन हमें आलू, अरवी के साथ-साथ हरी सब्जियों से भी मिल जाता है।
*सैंधा नमक सफ़ेद और लाल रंग मे पाया जाता है । सफ़ेद रंग वाला नमक उत्तम होता है। यह ह्रदय के लिये उत्तम, दीपन और पाचन मे मदद रूप, त्रिदोष शामक, शीतवीर्य अर्थात ठंडी तासीर वाला, पचने मे हल्का है । इससे पाचक रस बढ़्ते हैं। रक्त विकार आदि के रोग जिसमे नमक खाने को मना हो उसमे भी इसका उपयोग किया जा सकता है। यह पित्त नाशक और आंखों के लिये हितकारी है । दस्त, कृमिजन्य रोगो और रह्युमेटिज्म मे काफ़ी उपयोगी होता है ।

*सेंधा नमक /काला नमक / डेले वाले नमक में सोडियम की मात्रा कम होती है और मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम आदि का अनुपात सन्तुलित होता है इसलिये यह नमक हल्का, सुपाच्य और शरीर के लिए लाभदायक होता है।
*सेंधा नमक रक्त विकार आदि के रोग जिसमें नमक खाने को मना हो उसमे भी इसका उपयोग किया जा सकता है। यह पित्त नाशक और आंखों के लिये हितकारी है । दस्त, कृमिजन्य रोगो और रह्युमेटिज्म मे काफ़ी उपयोगी होता है ।