2016-03-22

खिचड़ी खाने के फायदे



वैसे तो खिचड़ी को कई प्रकार से बनाया जा सकता है, लेकिन मूंग दाल की खिचड़ी एक प्रचलित व बेहद पौष्टिक व्यंजन होता है। इसे बहुत ही आसानी से और कम समय में बनाया जाता है। स्वाद ही नहीं खिचड़ी सेहत के गुणों से भी भरपूर होती है। इसलिये जब कोई बीमार हो जाता है तो डॉक्टर भी उसे सुपाच्य मूग दाल की खिचड़ी खाने की ही सलाह देते हैं। खिचड़ी पौष्टिक होने के साथ साथ बहुत ही हल्की और आसानी से पचने वाली डिश होती है। साथ ही इसका धार्मिक महत्व भी है और उत्तर भारत में मकरसंक्रान्ति के पर्व पर मूंग दाल की खिचड़ी बनाई जाती है।
*खिचड़ी आयुर्वेदिक आहार का एक मुख्य भोजन है, क्योंकि इसमें तीन दोषों, वत्ता, पित्त और कफ को संतुलित करने की क्षमता होती है। यह क्षमता ही खिचड़ी को त्रिदोषिक आहार बनाती है। शरीर को शांत व डीटॉक्सीफाई करने के अलावा खिचड़ी की सामग्री में ऊर्जा, प्रतिरक्षा और पाचन में सुधार करने के लिए आवश्यक बुनियादी तत्वों का सही संतुलन होता है।


*मूंग दाल खिचड़ी के बारे में कौन नहीं जानता है। क्योंकि आमतौर पर लोग इसको बुखार होने पर या पेट खराब होने पर खाते हैं। आज भी मुझे माँ के हाथ की बनी मूंग दाल की खिचड़ी का स्वाद याद है। लेकिन इसको आप बीमार होने पर ही नहीं किसी भी वक्त खा सकते हैं। इसको बनाना जितना आसान है उतना ही यह पौष्टिकता से भरपूर होता है। मूंग दाल फाइबर से भरपूर होने के कारण इसको खाने के बाद भूख देर से लगती है। अगर आपको कुछ भी खाने का मन नहीं कर रहा है तो फटाफट टेस्टी मूंग दाल की खिचड़ी बनायें और पेट भर कर खायें ।
*चावल और मूंग दाल की खिचड़ी खाने से दिमाग का विकास होता है और साथ ही यह खिचड़ी शक्तिवर्धक भी होती है |
*सुपाच्य भोजन होने के नाते खिचड़ी फैट व आलस्य नहीं पैदा कतरती है। यही कारण है कि धार्मिक लोगों व मौंक्स का खिचड़ी प्रमुख आहार होता है। पर्याप्त प्रोटीन देने के साथ रक्त में शर्करा की स्थिरता बनाए रखने में सहायक खिचड़ी मन की शांति और शांति की भावनाओं को सुविधाजनक बनाने में मदद करती है।
*खिचड़ी पेट और आंतों को स्मूथ बनाती है। सुपाच्य और हल्की होने की वजह से ही बीमारी में खिचड़ी खाने की सलाह दी जाती है। इसके सेवन से विषाक्त भी साफ होते हैं। नरम और पौष्टिक होने की वजह से यह बच्चों और बुजुर्ग दोनों के लिये बेहतर भोजन है।


*खिचड़ी पेट और आंतों को स्मूथ बनाती है। सुपाच्य और हल्की होने की वजह से ही बीमारी में खिचड़ी खाने की सलाह दी जाती है। इसके सेवन से विषाक्त भी साफ होते हैं। नरम और पौष्टिक होने की वजह से यह बच्चों और बुजुर्ग दोनों के लिये बेहतर भोजन है।
*खिचड़ी एक पौष्टिक भोजन है, जिसमें पोषक तत्वों का सही संतुलन होता है। चावल, दाल और घी का संयोजन आपको कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और पोटेशियम प्रदान करता है। कई लोगों इसके पोषण मूल्य को बढ़ाने के लिए इसमें सब्जियां भी मिला देते हैं।