2016-06-22

सफ़ेद मूसली के गुण और उपयोग: The benefits of safed musli



सफ़ेद मूसली एक औषधीय शाकीय पौधा है | सफेद मूसली का उपयोग आयुर्वेदिक औषधी में किया जाता है। जड़ो का उपयोग टॅानिक के रूप में किया जाता है। इसमें समान्य दुर्बलता को दूर करने का गुण होता है। इसका उपयोग गाठिया वात, अस्थमा, अधिश्वेत रक्ता, बवासीर और मधुमेह के उपचार में किया जाता है। इसमें स्पर्मेटोनिक गुण होता है इसलिए नपुंसकता के उपचार में इसका उपयोग किया जाता है। जन्म संबंधी और जन्मोत्तर रोगों के उपचार में यह सहायक होती है। वियाग्रा के एक विकल्प के रूप में भी इसका प्रयोग किया जाता है। सफ़ेद मूसली के सामने सब फ़ीके हैं, जिन्सेंग भी |वियाग्रा के बहुत सारे साइड इफेक्ट हैं किन्तु सफेद मूसली का कोई साइड इफेक्ट नहीं पाया गया है क्योकि यह आयुर्वेदिक औषधि है और सीधे वानस्पतिक रूप से ही उपयोग होता है |

*एक फार्मास्युटिकल्स कंपनी अपनी वेबसाइट पर ये दावा करते हैं कि मूसली पावर एक्स्ट्रा के कोई ज्ञात नकारात्मक साइड इफेक्ट नहीं हैं और क्योंकि यह पूरी तरह कार्बनिक हर्बल सामग्री से बनाया जाता है, इसलिये मानव उपभोग के लिए सुरक्षित है। कंपनी दावा करती है कि इस उत्पाद को उच्च रक्तचाप, रुमेटी गठिया वाले तथा स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी इसका सेवन सुरक्षित है, हालांकि इस संबंध में उन्होंने कोई चिकित्सकीय प्रमाण नहीं दिया।

*आदिवासी अंचलों में आदिवासी हर्बल जानकार प्रतिदिन 2 से 4 ग्राम सफ़ेद मूसली की जडों के चूर्ण के सेवन की सलाह देते हैं। ऐसा माना जाता है कि ये चूर्ण पुरुषों में सेक्स से संबंधित कई विकारों को दुरुस्त कर देता है।

 


*सफ़ेद मूसली को बतौर सेक्स मेडिसिन बहुत प्रचारित किया गया लेकिन इसके अन्य औषधीय गुणों पर कम ही चर्चा होती है। यदि जानकारों की माने तो यदि आपको पेशाब में जलन की शिकायत रहती है तो सफेद मूसली की जड़ों के चूर्ण के साथ इलायची मिलाकर दूध में उबालते हैं और पेशाब में जलन की शिकायत होने पर रोगियों को दिन में दो बार पीने की सलाह देते हैं। इन्द्रायण की सूखी जड़ का चूर्ण और सफेद मूसली की जड़ों के चूर्ण की समान मात्रा (1-1 ग्राम) लेकर इसे एक गिलास पानी में डालकर खूब मिलाया जाए और मरीज को प्रतिदिन सुबह दिया जाए। ऐसा सात दिनों तक लगातार करने से पथरी गलकर बाहर आ जाती है। अक्सर बदन दर्द की शिकायत करने वाले लोगों को प्रतिदिन इसकी जड़ों का सेवन करना चाहिए, फायदा होता है।

*सफ़ेद मुसली पुरुषों को शारीरिक तौर पर पुष्ट बनाने के अलावा इनके वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बढाने में मददगार है। यही नहीं, कई शोध परिणाम ये भी बताते हैं कि डायबिटीस के बाद होने वाली नपुंसकता की शिकायतों में भी सफ़ेद मुसली क्लिनिकल तौर पर सकारात्मक असर करते दिखाई दी।

*सफेद मूसली शीघ्रपतन के देसी इलाज के काफी मशहूर है। कौंच के बीज, सफेद मूसली और अश्वगंधा के बीजों को बराबर मात्रा में मिश्री के साथ मिलाकर बारीक चूर्ण बनाकर एक चम्मच चूर्ण सुबह और शाम एक कप दूध के साथ लेने से शीघ्रपतन और वीर्य की कमी जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं।

*सालों से विभिन्न दवाइयो के निर्माण में भी सफेद मूसली का उपयोग किया जाता है। मूलतः यह एक ऐसी जडी-बूटी है जिससे किसी भी प्रकार की शारीरिक शिथिलता को दूर करने की क्षमता होती है। यही कारण है की कोई भी आयुर्वेदिक सत्व जैसे च्यवनप्राश आदि इसके बिना संम्पूर्ण नहीं माने जाते हैं।

*यह इतनी पौष्टिक तथा बलवर्धक होती है की इसे शिलाजीत की संज्ञा भी दी जाती है। चीन, उत्तरी अमेरिका में पाये जाने वाले इस पौधे, जिसका वानस्पतिक नाम पेनेक्स जिंन्सेग है का विदेशों में फलेक्स बनाये जाने पर भी काम कर रहे हैं।

*सफेद मुसली पुरुषों को शारीरिक तौर पर पुष्ट बनाने के अलावा वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में भी मदद करती है। यही नहीं, कई शोध अपने परिणाम बताते हैं कि डायबिटीस के बाद होने वाली नपुंसकता में भी सफेद मुसली सकारात्मक असर करती पाई गई है।

*कामोत्तेजना बढ़ाने में भी मूसली काफी लाभदायक होती है। इसके लिये कौंचबीज चूर्ण, सफेद मूसली, तालमखाना, अश्वगंध चूर्ण को बराबर मात्रा में तैयार कर 10 ग्राम ठंडे दूध के साथ सेवन करना होता है। ये काफी कारगर नुस्खा माना जाता है।

*आदिकाल से इसे एक महत्वपूर्ण टोनिक और सेहत दुरुस्त करने वाली जडी के तौर पर इस्तमाल किया जाता रहा है। तमाम पौराणिक लेखों से लेकर कई अत्याधुनिक शोधों ने भी इसकी असर क्षमता को प्रमाणित किया है।

*कोरिया, चीन और भूटान जैसे देशों में पाए जाने वाले जिंसेंग ने भारतीय बाजार में पैठ जमाना शुरु कर दिया है, कई सेहत से जुडे उत्पादों में जिंसेंग को समाहित कर भारत देश में खूब प्रचारित करके बेचा भी जा रहा है। 


*इस चूर्ण का सेवन लम्बे समय तक करने पर भी किसी तरह की परेशानी नहीं। चाहे वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम हो, नपुंसकता की शिकायत हो या स्वप्नदोष, मूसली हमेशा हर्बल जानकारों द्वारा सुझाई जाती है