2016-06-23

मधुमेह (डायबिटीज)की सरल चिकित्सा How to fight against diabities.

डायबिटीज (मधुमेह) की सरल चिकित्सा.. how to fight against diabeties?

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  अनुवाद द्वारा पॉवर्ड

                                                                                              

मधुमेह रोग में खून में शर्करा स्तर बढ जाता है| भारत में शुगर रोगियों की संख्या में बडी तेजी से वृद्धि देखने में आ रही है।इस रोग का कारण प्रमुख रूप से इन्सूलिन हार्मोन की है।की गड्बडी को माना जाता है।तनाव और अनियंत्रित जीवन शैली से इस रोग को बढावा मिलता है |

डायबिटीज के कारण
1. व्यायाम का अभाव
2. मानसिक तनाव
3. अत्यधिक नींद
4. मोटापा
5. चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट के अत्यधिक सेवन
6. वंशानुगत कारक
लक्षण-मधुमेह होने के कई लक्षण रोगी को स्वयं अनुभव होते हैं।
1. बार-बार रात के समय पेशाब आते रहना।
2. आंखों से धुंधला दिखना।
3. थकान और कमजोरी महसूस करना।
4. पैरों का सुन्न होना।
5. प्यास अधिक लगना।
 



6. घाव भरने में समय लगना।
7. हमेशा भूख महसूस करना।
8. वजन कम होना।
9. त्वचा में होना।
10. मूत्र बार-बार एवं अधिक मात्रा में होना तथा मूत्र त्यागने के स्थान पर मूत्र की मिठास के कारण चीटियां लगना।
11. शरीर में फोड़े-फुंसी होने पर उसका घाव जल्दी न भरना।
12. शरीर पर फोड़े-फुंसियां बार-बार निकलना।
13. शरीर में निरन्तर खुजली रहना एवं दूरस्थ अंगों का सुन्न पड़ना।
इस लेख में मैं कुछ घरेलू सरल उपचार प्रस्तुत कर रहा हूं जो इस रोग को नियन्त्रित करने मे कारगर साबित हुए हैं।
१) मधुमेह रोग नाशक निम्न उपचार आशातीत हितकारी सिद्ध हुआ है।-
घटक सामग्री:- गेहूं का आटा १०० ग्राम, जौ का आटा १०० ग्राम,कलौंजी (पिसी हुई) १०० ग्राम, बबूल या अन्य वृक्ष का गौंद १०० ग्राम बारीक किया हुआ|
चारों घटक पदार्थ डेढ लिटर पानी में डालकर लगभग १० मिनिट उबालें। फ़िर आंच से उतारकर स्वत: ठंडा होने दें। दवा तैयार है। किसी साफ़ बोतल में भरकर रखें।
प्रयोग विधि:- रोज सुबह करीब १०० मिलि दवा खाली पेट सात दिन तक लें। दवा लेने के बाद एक घंटे तक कुछ न खाएं। बाद में याने अगले हफ़्ते एक दिन छोडकर दवा ४ बार और लेना है। ईलाज कम्पलीट है। शुगर की जांच करालें।
2) आंवला और हल्दी का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम ५ ग्राम की मात्रा में पानी के साथ लें। बढे हुए रोग में भी अच्छे परिणाम मिलते हैं।
3) मैथी के बीज ५ ग्राम रात भर पानी में भिगो दें ,फ़िर मिक्सर में चलाकर छानकर पियें। अवश्य लाभ होगा।
4) करेला का ५० ग्राम रस नित्य पीना अति गुणकारी माना गया है।




5)  दाल चीनी ४० ग्राम एक लिटर पानी में रात भर भिगो दें , फ़िर मिक्सर में चलाकर छानकर दिन में पियें। यह नुस्खा शुगर कम करने की महौषधि है। जरूर आजमाएं।



6)  जामुन के ताजा ५ पत्ते पानी में पीसकर छानकर सुबह-शाम पीने से मधुमेह में बेहद फ़ायदा होता है।
7)  तुलसी,नीम और बेल के सूखे पत्ते बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनालें और शीशी में भर लें  यह चूर्ण ५ ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम पानी के साथ लेने से अधिकांश रोगियों को लाभ मिलता है।
8)   पके टमाटर का रस नियमित लेने से मधुमेह में लाभ होताहै।
9)  सोयाबीन,जौ और चने के मिश्रित आटे की रोटी खावें,इससे शुगर का स्तर कम करने में काफ़ी मदद मिलती है।
10)  मांस और वसायुक्त भोजन हानिकारक है।

11)  प्रतिदिन २४ घन्टे में ३-४ लिटर पानी पीने की आदत डालें।
12) हरी सब्जीयां,फ़ल और रेशे वाली चीजें भोजन में प्रचुर मात्रा में लें। शकर, मीठे फ़ल से परहेज करें।
१३)  गरम पानी भरे बर्तन में १०-१५ आम के पत्ते डाल कर   रात भर  रखें  सुबह छानकर  पियें\  मधुमेह का कारगर नुस्खा है|
१४) आकडा (मदार) के पत्ते से शूगर की चिकित्सा-

इस पौधे की पत्ती को उल्टा ( उल्टा का मतलब पत्ते का खुरदरा भाग )
कर के पैर के तलवे से सटा कर मोजा पहन लें !
ऐसा सुबह करें और पूरा दिन रहने दे रात में सोते समय निकाल दें !
एक सप्ताह में आपका शुगर सामान्य् हो जायेगा !
बाहर निकला पेट भी कम हो जाता है !
ये पेड़ हर जगह मिलता है और इसकी कई जातीय है जो भी मिले ले लें
और हा एक बात पर ध्यान दे इसका दूध आँख में ना जाये नहीं तो आप की आखे खराब हो सकती है और २ पत्ते से ज्यादा न ले| मदार एक अनमोल पेड़ है|
१५) अपनी आयु के हिसाब से २ से ४ किलोमिटर नित्य घूमना जरूरी है।