2016-08-22

प्याज की चाय के फायदे




प्याज़ की चाय प्याज़ के छिलके से बनती है। इसके बाहरी स्तर में उच्च मात्रा में क्वेरसेटिन नाम का पिग्मेंट होता है जिसके कई तरह के औषधीय गुण होते हैं। ये धमनी में रक्त का थक्का बनने से रोककर हाइपरटेंशन के खतरे को कम करने के साथ अनिद्रा की बीमारी से भी कुछ हद तक राहत दिलाता है। प्याज में बाहरी छिलके में एन्टी ऑक्सिडेंट, एन्टी फंगल और एन्टी कैंसरकारी गुण भी होता है।
• क्वेरसेटिन में एन्टी कैंसरकारी गुण होने के कारण ये फ्री रैडिकल्स को नष्ट करने में मदद करता है। अध्ययन में ये पाया गया है कि कैसर के सेल्स को बढ़ने से रोककर ये कोलोन कैंसर को ठीक करने में सहायता करता है।
• प्याज के छिलकर में घुलनशील फाइबर होने के कारण ये कोलोन को साफ रखने में बहुत मदद करता है। ये घुलनशील फाइबर स्किन और आंत से टॉक्सिन को बाहर निकालकर कैंसर सेल्स के उत्पादन को रोकता है।

• 2011 के अध्ययन के अनुसार प्याज का छिलका ग्लूकोज़ रेसपोन्स को बेहतर करके इन्सूलिन रेजिटेंट को बढ़ाकर टाइप-2 डाइबिटीज़ में राहत दिलाने में सहायता करता है।
प्याज के छिलके को अपने डायट में शामिल करने पर आप इन बीमारियों के राहत पा सकते हैं –
• टाइप-2 डाइबिटीज़
• कार्डियोवसकुलर डिज़ीज
• गैस्ट्रोइंटेसटिनल प्रॉबल्म
• कोलोन कैंसर
• वज़न का बढ़ना
प्याज की चाय बनाने की विधि
• एक प्याज को अच्छी तरह से धो लें। उसके बाद उसके छिलकों को अच्छी तरह से निकाल लें।
• एक ग्लास के जार में छिलकों को रख दें और उसके ऊपर से उबलता हुआ पानी डालकर 15 मिनट के लिए जार को बंद कर दें।
• अब प्याज की चाय को छानकर पी लें।
नोट- ये चाय प्रेगनेंट महिला और दूध पिलानेवाली मां को न दें।