2017-07-26

होम्योपैथिक चिकत्सा के दोष, हानियाँ // Incompleteness of homeopathic medicine



आम तौर पर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए होमि‍योपैथि‍क दवाईयों को सबसे सुरक्षि‍त और प्रभावकारी माना जाता है। हालांकि यह बात सही है कि एलोपैथी की तुलना में होमियोपैथी, बगैर केमिकल का एक प्राकृतिक विकल्प हैलेकिन इसके भी कुछ साइड इफेक्ट। यदि आप भी अनजान हैं इनसे तो जरूर जानिए -
*होमियाेपैथि‍क दवाओं का सबसे बड़ा नुकसान यह है, कि किसी आपातकाल स्थि‍ति के समय यह दवाएं आपके किसी काम की नहीं है, क्योंकि यह धीरे-धीरे असर करती हैं। सर्जरी या अन्य स्थि‍यों में, जब मरीज को तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है, तब होमियोपैथी आपकी कोई मदद नहीं कर सकती।
*होमियोपैथ‍िक दवाईयां पोषण संबंधी समस्या या पोषण की कमी होने की स्थि‍ति में बिल्कुल भी प्रभावकारी नहीं होती। उदाहरण के तौर पर एनिमिया या आयरन की कमी और अन्य तत्वों की कमी होने पर होमि‍योपैथी बेअसर साबि‍त होता है। इन कमियों को सिर्फ डाइट या सप्लीमेंट के माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है।
*इन दवाईयों का एक साइड इफेक्ट यह भी है कि डॉक्टर द्वारा दीगई दवाईयों का सेवन अगर निश्चित समय सीमा से अधि‍क समय तक किया जाए, तो इसका ओवर डोज लेना आपके लिए हानिकारक भी हो सकता है। इससे पेट में इंफेक्शन और अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं।
*होमियोपैथि‍क दवाईयों हर किसी पर उतनी ही प्रभावकारी साबित हो, यह जरूरी नहीं है। लंबे समय तक इसके सेवन से अगर आप लाभ महसूस नहीं करते, तो समस्या के गंभीर होने से पहले ही डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
*कई बार होमियोपैथी दवाओं का परामर्श आपके चिकित्सकीय इतिहास और बीमारियों पर भी निर्भर करता है। ऐसा न होने की स्थि‍ति में यह दवाईयों आपको अपेक्षा अनुरूप लाभ नहीं पहुंचा पाएंगी।