2017-09-02

मैग्नीशियम के स्वास्थ्य लाभ और उपचार


मैग्नीशियम क्या है-

मैग्नीशियम आपके शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरी होता हैं। शरीर की मजबूती और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए इसकी बहुत ही जरूरत होती है। यदि शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो तो बॉडी में थकान महसूस होने लगती है तथा जोड़ों में दर्द और त्वचा संबंधित समस्या का सामना करना पड़ता है। तो आइए जानते हैं कि शरीर में मैग्नीशियम को कैसे बढ़ाया जाए।
मैग्नीशियम एक प्रकार का रासायनिक तत्व है जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। यह कैल्शियम और बेरियम की तरह एक क्षारीय तत्व है। मैग्‍नीशियम आदमी के शरीर में पाए जाने वाले पांच प्रमुख तत्वों में से एक है।
पूरे शरीर का आधे से अधिक मैग्नीशियम हमारी हड्डियों में पाया जाता है जबकि बाकी शरीर में हाने वाली अन्‍य जैविक क्रियाओं में सहयोग करता है। आमतौर पर एक स्वस्थ खुराक में मैग्‍नीशियम की पर्याप्त मात्रा होनी अनिवार्य है। मैग्‍नीशियम की अधिकता से डायरिया और कमी से न्यूरोमस्कुलर की समस्या हो सकती है। यह हरी सब्जियों में के साथ सूखे मेवे में पाया जाता है। इस लेख में जानिए मैग्‍नीशियम के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बारे में।
हाइपरटेंशन मे लाभ -
मैग्‍नीशियम रक्‍तचाप को विनियमित करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है, यह हाइपरटेंशन से बचाव करता है। इसलिए रक्‍तचाप को सुचारु करने के लिए ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन कीजिए।
आस्टियोपोरोसिस से बचाव-
यदि हड्डियों में मैग्‍नीशियम की कमी हो गई तो इसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस की संभावना भी बढ़ जाती है। पूरे शरीर का आधे से अधिक मैग्नीशियम हमारी हड्डियों में पाया जाता है। कई शोधों में भी यह बात सामने आयी है कि मैग्‍नीशियम हड्डियों की बीमारी खासकर आस्टियोपोरोसिस से बचाता है।
दिल के लिए उपयोगी -
मैग्‍नीशियम दिल के लिए बहुत फायदेमंद है। कोरोनरी हार्ट डिजीज से बचाव के लिए मैग्‍नीशियम का सेवन कीजिए। यदि शरीर में मैग्‍नीशियम की कमी हो जाये तो दिल के दौरे का खतरा अधिक होता है। इसलिए दिल को मजबूत बनाने के लिए मैग्‍नीशियम का सेवन भरपूर मात्रा में कीजिए।
याददाश्‍त करे तेज-
खाने में यदि मैग्‍नीशियम की पर्याप्‍त मात्रा है तो इससे याददाश्‍त मजबूत होती है। विज्ञान पत्रिका न्यूरॉन में छपे एक शोध के अनुसार, याददाश्त को बढ़ाने के लिए मैग्नीशियम की मात्रा बढ़ाना कारगर उपाय हो सकता है। मैग्नीशियम मस्तिष्क सहित शरीर के अनेक ऊतकों के सही ढंग से काम करने के लिए अनिवार्य है। इसलिए याददाश्‍त की क्षमता को बढ़ाने के लिए मैग्‍नीशियम का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।
मधुमेह से बचाव-
एक शोध में यह बात सामने आयी है कि यदि शरीर में मैग्‍नीशियम की कमी हो जाये तो इसके कारण टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए यदि मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारी से बचना है तो मैग्‍नीशियमयुक्‍त आहार का सेवन अवश्‍य कीजिए।
मैग्नीशियम के स्रोत
खजूर-
खजूर पौष्टिक होने के साथ-साथ बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं। सर्दियों का मेवा कहे जाने वाला खजूर न केवल स्वास्थ्य को दुरुस्त करता है बल्कि कई रोगों को भी भगाता है। जिनके शरीर में मैग्नीशियम की कमी है उन्हें खजूर का सेवन करना चाहिए। 100 ग्राम खजूर में लगभग 43 मिलीग्राम मैग्नीाशियम पाया जाता है। खजूर एक ऐसा फल जो मधुर, शीतल, पौष्टिक और तुरंत शक्ति देने वाला आहार है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस आदि प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
 केला-

केले के सेवन से घटती पोटेशियम की मात्रा संतुलित होने लगती है। इससे शरीर में पानी का स्तर भी नियमित होता है। केले के सेवन के फलस्वरूप मानसिक तनाव से राहत और शरीर को मजबूती मिलती है। यही नहीं, केले में पोटेशियम के अलावा मैग्नीशियम भी पाया जाता है। यदि आप एक केले का सेवन करते हैं तो उसमें 30 से 32 मिलीग्राम मैग्नीशियम पाया जाता है जो शरीर के लिए काफी लाभदायक माना जाता है। इससे शरीर की धमनियों में खून पतला रहने के कारण खून का बहाव सही रहता है।
बादाम-
आपको बता दें कि एक बार बादाम खाने से शरीर को लगभग 75 मिलीग्राम मैग्नीतशियम मिलता है। मैग्नीशियम के अलावा बादाम में विटामिन और मिनरल्स जैसे जिंक, कैल्शियम, विटामिन ई और ओमेगा- 3 फैटी एसिड से भरपूर मात्रा में पाया जाता है। आप रात को बादाम को भिगोकर प्रतिदिन 5 खा सकते हैं।
सोयाबीन-
सोयाबीन का नियमित रूप से सेवन करने न केवल शारीरिक वृद्धि होती है बल्कि कब्ज दूर होता है और दूसरी बीमारियां दूर भागती हैं। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मिनरल और एमिनो एसिड उच्च मात्रा में पाया जाता है। सोयाबीन मैग्नीशियम की कमी को पूरा करता है। इसे भिगोकर अंकुरित करके खाने से भी काफी लाभ होता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए स्वेस्थ बनाये रखने, दिल की धड़कन को सामानय बनाये रखने, हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाये रखने में मदद करता है।
पालक-
पालक डायबटीज और कैंसर के रोगियों के लिए बहुत गुणकारी सब्जी है। यदि आप नियमित रूप से पालक का सेवन करते हैं तो इससे न केवल आपकी आयरन की कमी पूरी होगी बल्कि शरीर को मैग्नीशियम भी प्राप्त होगा।
अलसी-
वजन कम करने में, बालों और त्वचा के लिए, सर्दी, फ्लू, पाचन तंत्र, उच्च रक्तचाप आदि के उपचार में अलसी बहुत ही काम आता है। इसलिए इसे बहुमुखी सुपर आहार का नाम दिया जाता है। इसके अलावा आप एक चम्म च अलसी से दैनिक जरूरत के अनुसार 39 मिलीग्राम मैग्नीमशियम की पूर्ति कर सकते हैं। मैग्नीशियम के अलावा इसमें विटामिन बी, ओमेगा-3 फैटी एसिड एवं कैल्शियम, कॉपर, आयरन, जिंक, पोटेशियम आदि पाये जाते हैं।
मछली-
शरीर में मैग्नीशियम की कमी को पूरा करने के लिए सप्ताह में कम से कम एक मछली का सेवन करना चाहिए। विटामिन डी, विटामिन बी -12, ओमेगा-3 फैटी एसिड और मैग्नीाशियम से भरपूर मछली में दैनिक आहार के लिए मैग्नीसशिम की लगभग 53 मिलीग्राम और 367 कैलोरी होती है।
दही-
अगर कोई हड्डियों और ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से ग्रसित है उसे रोजाना दही का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा दही के सेवन से कैल्शियम और मैग्नी शियम दोनों पर्याप्तस मात्रा में शरीर में पहुंच जाते हैं। इसलिए इसका सेवन करना चाहिए।