26.10.17

सिर्फ आपरेशन से नहीं ,किडनी की पथरी का १००% सफल इलाज जड़ी बूटियों से



वृक्क अश्मरी या गुर्दे की पथरी (वृक्कीय कैल्कली, नेफरोलिथियासिस) (अंग्रेजी:Kidney stones) मूत्रतंत्र की एक ऐसी स्थिति है जिसमें, वृक्क (गुर्दे) के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर सदृश कठोर वस्तुओं का निर्माण होता है। गुर्दें में एक समय में एक या अधिक पथरी हो सकती है। सामान्यत: ये पथरियाँ बिना किसी तकलीफ मूत्रमार्ग से शरीर से बाहर निकाल दी जाती हैं, किन्तु यदि ये पर्याप्त रूप से बड़ी हो जाएं (२-३ मिमी आकार के) तो ये मूत्रवाहिनी में अवरोध उत्पन्न कर सकती हैं। इस स्थिति में मूत्रांगो के आसपास असहनीय पीड़ा होती है।
   वृक्कों गुर्दों में पथरी होने का प्रारंभ में रोगी को कुछ पता नहीं चलता है, लेकिन जब वृक्कों से निकलकर पथरी मूत्रनली  में पहुंच जाती है तो तीव्र शूल की उत्पत्ति करती है। पथरी के कारण तीव्र शूल से रोगी तड़प उठता है।

पथरी क्यों बनती है-

भोजन में कैल्शियम, फोस्फोरस  और ऑक्जालिकल अम्ल की मात्रा अधिक होती है तो पथरी का निर्माण होने लगता है। उक्त तत्त्वों के सूक्ष्म कण मूत्र के साथ निकल नहीं पाते और वृक्कों में एकत्र होकर पथरी की उत्पत्ति करते हैं। सूक्ष्म कणों से मिलकर बनी पथरी वृक्कों में तीव्र शूल की उत्पत्ति करती है। कैल्शियम, फोस्फेट, कोर्बोलिक युक्त खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से पथरी का अधिक निर्माण होता है।
“गुर्दे की पथरी की चिकित्सा”:


लक्षण -

पथरी के कारण मूत्र का अवरोध होने से शूल की उत्पत्ति होती है। मूत्र रुक-रुक कर आता है और पथरी के अधिक विकसित होने पर मूत्र पूरी तरह रुक जाता है।
पथरी होने पर मूत्र के साथ रक्त भी निकल आता है। रोगी को हर समय ऐसा अनुभव होता है कि अभी मूत्र आ रहा है। मूत्र त्याग की इच्छा बनी रहती है।
पथरी के कारण रोगी के हाथ-पांवों में शोध के लक्षण दिखाई देते हैं। मूत्र करते समय पीड़ा  होती है। कभी-कभी पीड़ा बहुत बढ़ जाती है तो रोगी पीड़ा से तड़प उठता है। रोगी कमर के दर्द से भी परेशान  रहता है।

पथरी रोगी का आहार- 


* चुकंदर का सूप बनाकर पीने से पथरी रोग में लाभ होता है।
* मूली का रस सेवन करने से पथरी नष्ट  होती है।
* जामुन, सेब (apple) और खरबूजे खाने से पथरी के रोगी को बहुत लाभ होता है।
* वृक्कों में पथरी पर नारियल  का अधिक सेवन करें।

* करेले के 10 ग्राम रस में मिसरी मिलाकर पिएं।
* पालक का 100 ग्राम रस गाजर के रस  के साथ पी सकते हैं।
* लाजवंती की जड़ को जल में उबालकर कवाथ बनाकर पीने से पथरी का निष्कासन हो जाता है।
* इलायची, खरबूजे के बीजों की गिरी और मिसरी सबको कूट-पीसकर जल में मिलाकर पीने से पथरी नष्ट होती है।
* बथुआ, चौलाई, पालक, करमकल्ला या सहिजन की सब्जी खाने से बहुत लाभ होता है।
* वृक्कों की पथरी होने पर प्रतिदिन खीरा, प्याजव चुकंदर का नीबू के रस से बना सलाद खाएं।
* गन्ने का रस) पीने से पथरी नष्ट होती है।
* मूली के 25 ग्राम बीजों को जल में उबालकर, क्वाथ बनाएं। इस क्वाथ को छानकर पिएं।
* आंवले का 5 ग्राम चूर्ण  मूली के टुकड़ों पर डालकर खाने से वृक्कों की पथरी नष्ट होती है।

* शलजम की सब्जी का कुछ दिनों तक निरंतर सेवन  करें।
* गाजर का रस पीने से पथरी खत्म होती है।


मूत्राषय प्रदाह(cystitis)के सरल उपचार


वर्जित आहार-


 कॉफी व शराब का सेवन न करें।* चइनीज व फास्ट फूड वृक्कों की विकृति में बहुत हानि पहंुचाते हैं।
* मूत्र के वेग को अधिक समय तक न रोकें।
* अधिक शारीरिक श्रम और भारी वजन उठाने के काम न करें।
* वृक्कों में पथरी होने पर चावलों का सेवन न करें।
* उष्ण मिर्च-मसालों व अम्लीय रस से बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
* गरिष्ठ व वातकारक खाद्य व सब्जियों का सेवन न करें।
गुर्दे की पथरी का दर्द असनीय होता है, इसके मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है, लेकिन औषधियों के प्रयोग से इससे निजात मिलती है।

किडनी स्‍टोन गलत खानपान का नतीजा है, इसके मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। गुर्दे की पथरी होने पर असहनीय दर्द होता है। जब नमक एवं अन्य खनिज (जो मूत्र में मौजूद होते हैं) एक दूसरे के संपर्क में आते हैं तब पथरी बनती है। कुछ पथरी रेत के दानों की तरह बहुत छोटे आकार के होते हैं तो कुछ मटर के दाने की तरह। आमतौर पर पथरी मूत्र के जरिये शरीर के बाहर निकल जाती है, लेकिन जो पथरी बड़ी होती है वह बहुत ही परेशान करती है।
पथरी के उपचार के लिए रामबाण नुस्खे



*वैवाहिक जीवन की मायूसी दूर करने के  जबर्दस्त  नुस्खों से
 आंवला –

किड्नी स्‍टोन होने पर आंवले का सेवन करना चाहिए। आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से गुर्दे की पथरी निकल जाती है। इसमें अलबूमीन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है जिनकी वजह से इन्हें गुर्दे की पथरी के उपचार के लिए बहुत ही उत्तम (perfect) माना जाता है। इसलिए गुर्दे की पथरी होने पर आंवले का सेवन कीजिए।

 चौलाई-

गुर्द की पथरी को गलाने के लिए चौलाई का प्रयोग कीजिए। इसके अलावा चौलाई की सब्‍जी भी गुर्दे की पथरी से निजात दिलाती है, यह पथरी को गलाने के लिये रामबाण की तरह है। चौलाई को उबालकर धीरे-धीरे चबाकर खाएं। इसे दिन में 3 से 4 बार इसका प्रयोग कीजिए।

 बेल पत्र-
बेल पत्र को पर जरा सा पानी मिलाकर घिस लें, इसमें एक साबुत काली मिर्च डालकर सुबह खायें। दूसरे दिन काली मिर्च दो कर दें और तीसरे दिन तीन, ऐसे सात दिनों तक लगातार इसका सेवन कीजिए। बाद में इसकी संख्‍या कम कीजिए, दो सप्ताह तक प्रयोग करने के बाद पथरी बाहर निकल जायेगी।

 काली मिर्च –
काली मिर्च भी गुर्दे की पथरी से निजात दिलाती है, काली मिर्च का सेवन बेल पत्‍तर के साथ करने से दो सप्‍ताह में गुर्दे की पथरी पेशाब (urine) के रास्‍ते बाहर निलक जाती है।

 बथुआ-

बथुआ भी किड़नी स्‍टोन से निजात दिलाता है। आधा किलो बथुआ लेकर इसे 800 मिलि पानी में उबालें। अब इसे कपड़े या चाय की छलनी में छान लीजिए। बथुआ की सब्जी भी इसमें अच्छी तरह मसलकर मिला लीजिए। आधा चम्‍मच काली मिर्च और थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर दिन में 3 से 4 बार पीयें। इससे गुर्दे की पथरी निकल जाती है।

शीघ्र पतन? घबराएँ नहीं ,करें ये उपचार 

 तुलसी की पत्‍ती-

गुर्दे की पथरी होने पर तुलसी के पत्‍तों का सेवन कीजिए। तुलसी के पत्तों में विटामिन बी पाया जाता है जो पथरी से निजात दिलाने में मदद करता है। यदि विटामिन बी-6 को विटामिन बी ग्रुप के अन्य विटामिंस के साथ सेवन किया जाये तो गुर्दे की पथरी के इलाज में बहुत सहायता मिलती है। शोधकर्ताओं की मानें तो विटामिन बी की 100-150 मिग्रा की नियमित खुराक लेने से गुर्दे की पथरी से निजात मिलती है।

 जीरा

किड्नी स्‍टोन को बाहर निकालने में जीरा बहुत कारगर है। जीरा और चीनी को समान मात्रा में लेकर पीस लीजिए, इस चूर्ण को एक-एक चम्‍मच ठंडे पानी के साथ रोज दिन में तीन बार लीजिए। इससे बहुत जल्‍दी ही गुर्दे की पथरी से निजात मिल जाती है।

सौंफ

सौंफ भी गुर्दे की पथरी के लिए रामबाण उपचार है। सौंफ, मिश्री, सूखा धनिया इनको 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर रात को डेढ़ लीटर पानी में भिगोकर रख दीजिए, इसे 24 घंटे के बाद छानकर पेस्‍ट (paste) बना लीजिए। इसके एक चम्‍मच पेस्‍ट में आधा कप ठंडा पानी मिलाकर पीने से पथरी पेशाब के रास्‍ते बाहर निकल जाती है।

इलायची

इलायची भी गुर्दे की पथरी से निजात दिलाती है। एक चम्‍मच इलायची, खरबूजे के बीज की गिरी, और दो चम्‍मच मिश्री एक कप पानी में डालकर उबाल लीजिए, इसे ठंडा होने के बाद छानकर सुबह-शाम पीने से पथरी पेशाबके रास्‍ते से बाहर निकल जाती है।

किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि 

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि 

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि 

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विशिष्ट परामर्श-


पथरी के भयंकर दर्द को तुरंत समाप्त करने मे हर्बल औषधि सर्वाधिक कारगर साबित होती है,जो पथरी- पीड़ा बड़े अस्पतालों के महंगे इलाज से भी बमुश्किल काबू मे आती है इस औषधि की 2-3 खुराक से आराम लग जाता है|| वैध्य श्री दामोदर 9826795656 की जड़ी बूटी - निर्मित दवा से 30 एम एम तक के आकार की बड़ी पथरी भी आसानी से नष्ट हो जाती है|
गुर्दे की सूजन ,पेशाब मे जलन ,मूत्रकष्ट मे यह औषधि रामबाण की तरह असरदार है| आपरेशन की जरूरत ही नहीं पड़ती| औषधि से पथरी न गले तो मनी बेक गारंटी युक्त है|

यह औषधि लकवा रोगी के लिए किसी वरदान से कम नहीं॰




पुरादेवऽसुरायुद्धेहताश्चशतशोसुराः।
हेन्यामान्यास्ततो देवाः शतशोऽथसहस्त्रशः।

जीवन मे चाहे धन, एश्वर्य, मान, पद, प्रतिष्ठा आदि सभी कुछ हो, परंतु शरीर मे बीमारी है तो सब कुछ बेकार है ओर जीवन भी नीरस है। ऐसी ही एक बीमारी है पक्षाघात, जिससे पीड़ित व्यक्ति जीवनभर सारे परिवार पर बोझ बन जाता है। पक्षाघात पीड़ित व्यक्तियों के किए आज की ये पोस्ट एक नयी सुबह साबित होगी ये हमारा दावा है। पक्षाघात (लकवा) या अँग्रेजी मे पेरालाइसिस का एकदम प्रमाणिक ओर राम-बाण इलाज़।

पक्षाघात की पहचान :-

जैसे किसी का मुह टेढ़ा हो जाना, आँख का टेढ़ा हो जाना, हाथ या पैर का टेढ़ा हो जाना, या शरीर किसी एक साइड से बिलकुल काम करना बंद कर दे, ये सामान्यतया पक्षाघात की पहचान है।
अगर मेरा कोई भाई बहिन पक्षाघात से पीड़ित है तो कहीं जाने की जरूरत नहीं है। अगर शरीर का कोई अंग या शरीर दायीं तरफ से लकवाग्रस्त है तो उसके लिए व्रहतवातचिंतामणि रस ले ले। उसमे छोटी-छोटी गोली (बाजरे के दाने से थोड़ी सी बड़ी) मिलेंगी। उसमे से एक गोली सुबह ओर एक गोली साँय को शुद्ध शहद से लेवें। अगर कोई भाई बहिन बायीं तरफ से लकवाग्रस्त है उसको वीर-योगेन्द्र रस सुबह साँय एक एक गोली शहद के साथ लेनी है।
अब गोली को शहद से कैसे ले?
उसके लिए गोली को एक चम्मच मे रखकर दूसरे चम्मच से पीस ले, उसके बाद उसमे शहद मिलकर चाट लें। ये दवा निरंतर लेते रहना है, जब तक पीड़ित स्वस्थ न हो जाए। पीड़ित व्यक्ति को मिस्सी रोटी (चने का आटा) और शुद्ध घी (मक्खन नहीं) का प्रयोग प्रचुर मात्र मे करना है। शहद का प्रयोग भी ज्यादा से ज्यादा अच्छा रहेगा।*लाल मिर्च, गुड़-शक्कर, कोई भी अचार, दही, छाछ, कोई भी सिरका, उड़द की दाल पूर्णतया वर्जित है। 
*फल मे सिर्फ चीकू ओर पपीता ही लेना है, अन्य सभी फल वर्जित हैं।
* शरुआती दिनों मे किसी भी मालिश से परहेज रखें। तब तक कोई मालश न करें जब तक पीड़ित कम से कम 60% तक स्वस्थ न हो जाए।
   यह नुस्खा लाखों पीड़ित व्यक्तियों के लिए रामबाण की तरह अचूक असर रहा है। जो आज स्वस्थ जीवन जी रहे है। स्वास्थ्य वह मूल तत्व है जो जीवन की सारी खुशियों को जीवंत बनाता है और स्वास्थ्य के बिना वे सभी नष्ट और नीरस होती हैं। 

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15.10.17

नाखून खूबसूरत और मजबूत होंगे इन उपाय से



    नाखून अच्छे स्वास्थ्य की भी निशानी होते हैं और हाथों का खूबसूरती को बढ़ाने का भी काम करते हैं। कुछ लोगों के नाखून जल्दी टूट जाते हैं। इनको बढाने के लिए वह कई तरह की क्रीम का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इसका खास असर नहीं दिखाई देता। नाखूनों का पीलापन दूर करने और इनकी ग्रोथ को बढ़ाने के लिए खास केयर की जरूरत होती है। छोटे-छोटे टिप्स अपना कर नाखूनों को मजबूत किया जा सकता है। 

बादाम का तेल-
बादाम के तेल से नाखूनों की मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे नाखून की ग्रोथ तेजी से होती है। रात के समय रोजाना बादाम के तेल से नाखूनों की मसाज करें। फायदा मिलेगा।
सरसों का तेल -

नाखून कमजोर होकर टूटतो हैं तो रात को सोने से पहले नाखूनों को 5 मिनट के लिए सरसों के तेल में डुबो कर रखें। कुछ दिन लगातर यह प्रक्रिया दोहराने से नाखून बढ़ने शुरू हो जाएंगे, इसके साथ ही इनको मजबूती भी मिलेगी।
टूथपेस्ट-
    कुछ लोगों को नाखून पीले होते हैं जो खूबसूरत दिखने के बजाएं भद्दे लगते हैं। इनको सफेद करने के लिए टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें। नेल रिमूवर की तरह नाखूनों पर टूथपेस्ट को रगड़ें। इससे यह सफेद और मजबूत होने शुरू हो जाएंगे।
दूध-
दूध हड्डियों, दांतों और नाखूनों के लिए बहुत फायदेमंद है। एक अंड़े के सफेद भाग में दूध मिलाकर फैंट लें और इसमें 5 मिनट के लिए अपने नाखून डुबो कर रखें। हफ्ते में 2-3 बार ऐसा करने से नाखूनों को मजबूती मिलेगी और तेजी से बढ़ने शुरू हो जाएंगे। 

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10.10.17

ये चीजें दुबारा गरम करके इस्तेमाल ना करें //Do not heat these things again/



खान-पान
आप अपने खान-पान का कितना ख्याल रखते हैं? क्या समय से भोजन करते हैं? क्या सही मात्रा में भोजन करते हैं? क्या भोजन के अलावा अन्य पौष्टिक आहार के लिए समय निकाल पाते हैं? शायद इनमें से कुछ सवालों का जवाब आप ‘ना’ में ही दें, जिसका सबसे बड़ा कारण है हमारी बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल।
दिनचर्या
इसी बिगड़ी हुई दिनचर्या के चलते लोग बाकी सारे कार्य तो याद रखते हैं, लेकिन सबसे अहम कार्य जो भूल जाते हैं वह है समय से भोजन करना। हम यह नहीं कहते कि वे भोजन नहीं करते, पापी पेट तो अपनी प्यास बुझाने के लिए जरिया ढूंढ़ ही लेता है लेकिन इसके लिए विलंब करते रहना इंसान की आदत सी हो गई है।

हाथ पैर और शरीर का कांपना कारण और उपचार

समय से भोजन ना करना
समय से भोजन ना करना और फिर विभिन्न बीमारियों के शिकार हो जाना, यह आजकल आम बात हो गई है। ताज्जुब होता है यह सोचकर कि लोगों के पास खाना खाने तक का समय नहीं है। मैंने तो ऐसे लोग भी देखे जो खाने की प्लेट सामने तो रख लेते हैं लेकिन किसी और काम में व्यस्त हो जाते हैं।
खाना बेचारा भी ठंडा हो जाता है
   ऐसे में खाना बेचारा भी ठंडा हो जाता है और फिर ऐसे लोग उसे दोबारा गर्म करने की जद्दोजहद में लग जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाना गर्म करना तो सही बात है, गर्मागर्म भोजन करना भी अच्छी आदत है लेकिन कुछ भोजन ऐसे हैं जो एक बार पकाने के बाद दुबारा गर्म किए जाने पर नुकसान पहुंचाते हैं।
दोबारा गर्म करना

दोबारा गर्म करने पर ना केवल उनके पोषक तत्व मर जाते हैं, साथ ही वह दे जाते हैं कुछ ऐसे कण जो शरीर को केवल और केवल नुकसान ही पहुंचाते हैं। इसलिए आज हम यहां ऐसी ही एक लिस्ट प्रस्तुत करने जा रहे हैं, जिसमें कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें दोबारा गर्म करना शरीर के लिए नुकसानदेह है।
शलगम
पालक की तरह ही शलगम भी लोग दिनों तक बार-बार गर्म करके खाने के शौकीन होते हैं, लेकिन पालक की ही तरह इसमें भी नाइट्रेट तत्व पाया जाता है, जो पकने के कुछ घंटों के बाद नाइट्रायट में बदल जाता है। इसलिए इसे भी पकने के तुरंत बाद ही ग्रहण कर लेना चाहिए।
आलू
आलू के कई पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं, यह एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसे खाने से आप चुस्त-दुरुस्त महसूस कर सकते हैं। लेकिन आलू के सभी पौष्टिक तत्व तभी खत्म हो जाते हैं जब उसे एक बार पकाने के बाद दोबारा गर्म किया जाता है। यह ना केवल खाने लायक बचते हैं, बल्कि शरीर को खतरनाक प्रभाव देते हैं।
पालक
मैंने कई लोगों से यह कहते सुना है कि पालक तो पकने के कुछ घंटों बाद दोबारा गर्म करके खाने पर ही अधिक स्वादिष्ट लगता है। इसे दोबारा गर्म करके खाने का मज़ा ही अलग है, यदि आप भी इन्हीं लोगों में से हैं तो कृपया अपनी यह आदत बदल डालिए।

मशरूम
शायद आपने सुना भी हो कि मशरूम गर्म करके खाने वाली चीज़ नहीं है, यह तो जैसे ही थोड़ा पक जाए इसे खा लेना चाहिए। अब अच्छे से पकाने के बाद, थोड़ी देर रख के और फिर से इसे गर्म किया जाए, तो इससे अधिक अन-हेल्दी खाद्य पदार्थ कोई नहीं हो सकता।
चावल
चावल कच्चे नहीं खाने चाहिए, शायद आपने सुना भी होगा क्योंकि कच्चे चावलों में मौजूद कीटाणु के समान तत्व हमें बीमार कर सकते हैं। चावलों को पकाने से वह तत्व मर जाते हैं, लेकिन पकाने के बाद उन्हें रख दिया जाए तो वह तत्व दोबारा उजागर होना आरंभ हो जाते हैं। इसलिए इन्हें दोबारा गर्म करके खाया जाए तो यह कीटाणु कभी नहीं मरते, और यह हमें बीमार करने के लिए काफी हैं।

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आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचा


3.10.17

हाजमा ताकत बढ़ाने के बेहद असरदार नुस्खे // Extremely effective tips for increasing digestive power



1.काला नमक, जीरा और अजवाइन बराबर मात्रा में ले और मिक्स करके इस मिश्रण का एक चम्मच पानी के ले।
2. इलायची के बीजों को पीस कर चूर्ण बना ले और बराबर मात्रा में मिश्री मिला ले। तीन ग्राम मात्रा में ये देसी दवा दिन में दो से तीन बार खाए।
3. एक छोटा टुकड़ा अदरक ले और इस पर नींबू का रस डाल कर चूसे, इस घरेलू नुस्खे से पाचन क्रिया बढ़ती है।
4. आँवले का पाउडर, भूना हुआ जीरा, सौंठ, सेंधा नमक, हींग और काली मिर्च मिलाकर इसकी छोटी छोटी वडी बनाकर सेवन करे। इस उपाय से पाचन शक्ति मजबूत होती है और इससे भूख भी बढ़ती है।

5. अजवाइन के पानी से भी पाचन मजबूत होता है।
6.पाचन शक्ति बढ़ाने के योग-
भुजंगासन
पश्चिमोत्तासन
हलासन
धनुरासन
नौकासन
इन आसनों को करने से पहले आप किसी योग गुरु की मदद से इन्हे सही तरीके से करने की जानकारी ले।
7.  हरी सब्जियाँ पालक, मेथी पाचन सुधारने का अछा उपाय है, इनके सेवन से क़ब्ज़ का उपचार होता है और शरीर को ज़रूरी पोषण मिलता है।

पाचन क्रिया बलवान बनाने के उपाय-

8. संतरे का रस पीने से पाचन क्रिया दरुस्त होती है।
9. अंकुरीत गेंहू, मूँग दाल और चने खाने से भी पाचन शक्ति ठीक रहती है।
10. तांबे के बर्तन में रखा पानी सुबह खाली पेट पीने से पाचन शक्ति बढ़ती है।
11. विटामिन सी और फाइबर युक्त चीज़े खाने से डिजेस्शन की प्राब्लम से छुटकारा मिलता है।
12. मूली का सेवन पेट में गैस की समस्या में रामबाण इलाज है। मूली पर काला नमक लगाये और सलाद जैसे खाये। मूली की सब्जी और रस पिने से भी फायदा होता है। इसे रात को ना खाए।
13.  पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए पानी अधिक पिए। खाना खाने से आधा घंटा पहले गुनगुना पानी पीने से पाचन मजबूत होता है।
14.संतरे का रस पीने से पाचन क्रिया दरुस्त होती है।
15.  पुदीने का प्रयोग पेट की कई बीमारियों के उपचार में होता है। रोजाना इसका सेवन करने से पेट की बीमारियों से छुटकारा मिलता है।
16.हरी सब्जियाँ पालक, मेथी पाचन सुधारने का अछा उपाय है, इनके सेवन से क़ब्ज़ का उपचार होता है और शरीर को ज़रूरी पोषण मिलता है।
17.खाने में फलों का इस्तेमाल अधिक करे। फलों में पपीता, अमरूद, अंजीर, संतरे और अनार खाए। इनमें फाइबर अधिक मात्रा में होता है जिससे पाचन क्रिया ठीक होती है और पेट भी साफ़ रहता है।

दालचीनी के अद्भुत फायदे 

अन्य उपाय- 

1. पाचन क्रिया सुधारने के लिए सलाद अधिक खाए। सलाद में टमाटर, कला नमक और नींबू का प्रयोग करे।
लगातार कई घंटों तक एक ही जगह पर ना बैठे और अगर आपने काम की वजह से आपको एक ही जगह बैठना पड़ता है तो एक दो घंटे में पांच से दस मिनट का ब्रेक ले और कुछ कदम चले।
2. सुबह दोपहर और रात का भोजन सही समय पर करे।
3. खाना चबा चबा कर खाए।
4. तला हुआ और मसालेदार खाने से परहेज करे।
5. रात को देर से ना सोए, छह से आठ घंटे की नींद ले।
5. धूम्रपान, तंबाकू और शराब से दूर रहे।

किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि

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सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि

आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचा