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24.12.16

घमोरियों (अलाई) के रामबाण उपचार // home remedies for prickly heat


गर्मियों का मौसम शुरू होती ही अनेक बीमारियों का आगमन होने लगता है. गर्मी में लापरवाही के कारण शरीर में निर्जलीकरण,लू लगना, चक्कर आना ,घबराहट होना ,नकसीर आना, उलटी-दस्त, घमोरियां जैसी कई बीमारिया हो जाती हैं. गर्मियों में पसीना अधिक मात्रा में बहता है यदि पसीने को साफ न किया जाये तो वह सुख जाता है, जिसके कारण पसीने की ग्रंथियां बंद हो जाती है जो घमोरियों का रूप ले लेती हैं.

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लक्षण:गर्मी के मौसम में बहुत छोटी छोटी ढ़ेर सारी लाल फुंसियां चेहरे या पीठ पर हो जाती है , ये ही घमोरियां ( ghamoriya ) होती है। इन्हे अलाई ( Alai ) भी कहते है। अंग्रेजी ये prickly heat कहलाती है। इनमे सुई चुभने जैसा अहसास होता है और खुजली भी चलती है। अधिकतर घमौरी हाथ पैरो, छाती तथा बगल में निकलती हैं. इस रोग के होने के कारण हमारे शरीर में खुजली होने के साथ हल्की सी चुभन भी होती है. यह एक प्रकार का चर्म रोग माना जाता हैं. जो गर्मियों के अतिरिक्त बरसात के दिनों में भी व्यक्तियों की त्वचा पर हो जाता है. गर्मी में हमारे शरीर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है, जिसके कारण हम काफी परेशान रहते हैं तथा हमारा किसी काम में मन नहीं लगता, इसलिए इन सभी बीमारियों से बचने के लिए जितना हो सके गर्मी से बचने की कोशिश करनी चाहिए. घरेलू उपाय आजमा कर हम गर्मी में धूप से बच सकते है और अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं.

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नीम और तुलसी का पेस्ट


कुछ नीम की तथा तुलसी की साफ़ पत्तियों को लेकर धो ले. अब इन पत्तियों को बारीक पीस कर इनका पेस्ट बन लीजिए और इस पेस्ट को घमोरियो वाले स्थान पर लगाए. सूखने के बाद धो दे. कुछ दिन ऐसा लगातार करे. नीम और तुलसी का पेस्ट लगाना फायदेमंद होता है.
अचूक औषधि है मुल्‍तानी मिट्टी
गर्मियों में होने वाली घमौरियों के उपचार में मुल्तानी मिट्टी अचूक औषधि है। घमौरी होने पर मुल्‍तानी मिट्टी का लेप बनाकर लगाने से लाभ मिलता है। या मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर घमौरियों पर लगाने से जल्द राहत मिलेगी। मुलतानी मिट्टी के लेप से घमौरी में होने वाली जलन और खुजली में भी राहत मिलती है।
स्वस्थ त्वचा का घरेलू नुस्खा
नमक, हल्दी और मेथी तीनों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें, नहाने से पांच मिनट पहले पानी मिलाकर इनका उबटन बना लें। इसे साबुन की तरह पूरे शरीर में लगाकर 5 मिनट बाद नहा लें। सप्ताह में एक बार प्रयोग करने से घमौरियों, फुंसियों तथा त्वचा की सभी बीमारियों से मुक्ति मिलती है। साथ ही त्वचा मुलायम और चमकदार भी हो जाती है

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संतरे के छिलके का प्रयोग
संतरा अनेक गुणों से भरपूर होता है साथ ही संतरे का छिलका भी अनेक रोगों का समाधान होता है. घमोरियां होने पर संतरे के छिलकों को सुखाकर उसका पाउडर बना लें. इस पाउडर में गुलाबजल मिलाकर अच्छी तरह मिला लें. अब इस मिश्रण को घमोरियों वाले स्थान पर लगाए. इससे घमोरियां ठीक होने लगेंगी.
सरसों के तेल का प्रयोग
सरसों का तेल अनेक रोगों का रामबाण इलाज माना जाता है. घमोरियां होने पर 2 चम्मच सरसों के तेल में 2 चम्मच पानी मिलाकर सुबह और शाम मालिश करे. यह प्रक्रिया करने से घमोरियां दूर होने लगती है.
खीरे का प्रयोग
खीरे में अनेक शक्तिशाली गुण पाये जाते है. यह घमोरियों का सबसे आसान इलाज है. एक गिलास पानी में निम्बू का रस डाले और इस पानी में खीरे के पतले-पतले टुकड़े काटकर दाल दीजिये. अब इन टुकड़ो को घमोरियों वाले स्थान पर लगाए. यह प्रक्रिया करने से घमोरियों जल्दी ठीक होने लगेंगी तथा जलन तथा खुजली से छुटकारा मिलेगा.

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घमौरियों के लिए का रामबाण इलाज एलोवेरा
एलोवेरा अपने हीलिंग गुणों के कारण जाना जाता है और यह अधिकांश लोगों के लिए त्वचा की समस्याओं जैसे घमौरियों के लिए का रामबाण इलाज होता है। एलोवेरा का रस या सत्व लगाने से घमौरियां जल्दी ठीक होती हैं।
चंदन पाउडर का जादू


चंदन की लकड़ी के लेप में एंटी-इंफ्लेमेटरी और ठंडक पहुंचाने वाला गुण होते है। इसका सुगंध लेप त्वचा की घमौरियों वाली जलन पर ताजगी भरे मलहम का काम करता है। चंदन पाउडर और धनिया पाउडर को बराबर मात्रा में मिलाकर इनमें गुलाबजल मिलाकर गाढ़ा लेप बनाएं तथा इस लेप को शरीर पर कुछ देर लगाकर ठंडे पानी से धो लें।
आइस पैक लगाएं
*प्लास्टिक की थैली में आइस क्यूब्स भरकर घमौरयों पर लगाने से आराम मिलता है। आइस पैक लगाते समय यह सावधानी जरूर रखें कि इसे सीधे त्वचा के संपर्क में लाने की बजाय कपड़े में लपेट लें। 5-10 मिनट तक इसे लगाएं। आइस पैक चार से छह घंटे के अंतराल मे फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है।
घमौरी होने पर प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार:-
लगभग 5 लीटर पानी में नीम की पत्तियां डालकर दस मिनट उबाल लें। इस पानी को नहाने के पानी में मिलाकर नहायें। घमोरियां( ghamory ) ठीक हो जाएगी।नीम की छाल को चन्दन की तरह पानी के साथ घिसकर घमोरियों ( Alaiya ) पर लगाने से ये ठीक होती है।

पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

एक कप जई का महीन आटा नहाने के एक बाल्टी पानी में घोल लें। इस पानी से घमोरियों को धीरे धीरे धोने से घमोरियों ( ghamori )में आराम मिलता है।एक कप पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा घोल लें। इसमें एक साफ कपड़ा भिगोकर निचो लें। इस कपडे को दस मिनट घमोरियों पर रखे। इस तरह दिन में तीन चार बार एक सप्ताह तक करने से घमोरियां ( Alaiya ) ठीक हो जाएँगी।
गुलाब की पंखड़ियों का प्रयोग
गर्मियों में अधिकांश लोगो को घमोरियां हो जाती है. गुलाब की पंखुड़िया मुहासो से निपटने के लिए बहुत ही अच्छा उपाय है. गुलाब के फूलों का तेल लगभग 12 मिली, थोड़ा सा कपूर, तीन ग्राम फिटकरी को आपस में मिला लीजिए. इस पेस्ट को मुहासो वाले स्थान पर लगा ले. इससे आपको फायदा मिलेगा.
गर्मी में सूती और हलके रंग के कपडे पहनने चाहिये| 
*बाहर निकलते समय चेहरा और सर पर रुमाल या साफी से ढक कर निकलना चाहिये.*गर्मियों में प्याज का सेवन करना चाहिए तथा जेब में प्याज रखना चाहिये|
*बाजार की ठंडा मतलब आम(केरी) का पना, खस,चन्दन गुलाब फालसा संतरा का सरबत ,ठंडाई सत्तू, दही की लस्सी,मट्ठा,गुलकंद का सेवन करना चाहिये|
*लोकी ,ककड़ी ,खीरा, तोरे,पालक,पुदीना ,नीबू ,तरबूज आदि का सेवन अधिक करना चाहिये
*गर्मियों में शीतल पानी का सेवन करना अनिवार्य होता है. 2 से 3 लीटर रोजाना पानी पिए.
*घमोरियों वाली जगह पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहनने से बचें|



वैसे यह रोग कुछ दिनों में अपने आप ही ठीक हो जाता है लेकिन यदि रोगी व्यक्ति इससे अधिक परेशान हो तो *इस रोग का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार किया जा सकता है। घमौरियों का उपचार करने के लिए रोगी व्यक्ति को रात के समय में अपने पेड़ू पर गीली मिट्टी की गर्म पट्टी बांधनी चाहिए। यदि रोगी व्यक्ति को कब्ज की शिकायत हो तो उसे प्रतिदिन सुबह के समय में एनिमा क्रिया करनी चाहिए ताकि उसका पेट साफ हो सके। इसके बाद रोगी को दिन में 2 बार अपने शरीर पर मिट्टी की गीली पट्टी का लेप करना चाहिए और जब यह लेप सूख जाए तब स्नान करना चाहिए।
*  इस रोग से पीड़ित रोगी को उत्तेजक पदार्थ वाला भोजन नहीं करना चाहिए। रोगी को हमेशा सादा भोजन ही करना चाहिए। 
बारिश के पानी में स्नान करन से घमौरी का रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है। 
*रोगी व्यक्ति को एक बर्तन में पानी भरकर उसमें नीम की पत्तियां डालकर उबालना चाहिए। फिर इस पानी को गुनगुना करके स्नान करना चाहिए। इस स्नान को प्रतिदिन दिन में 2 बार करने से घमौरियां ठीक हो जाती हैं। 
*रोगी व्यक्ति को सुबह के समय में नीम की 4-5 कच्ची पत्तियां चबाने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।