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2017-05-18

जन्म का महीना (बर्थ मंथ) से जाने आगंतुक रोग



पिछले कुछ समय से चल रहे शोध में यह सामने आया है कि एक व्यक्ति जिस महीने में जन्म लेता है इससे उसे भविष्य में होने वाली बीमारियों का पता लगता है। यानी कि आपका बर्थ मंथ आपको बताता है कि आप किन-किन बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।
आप वर्ष के बारह महीनों में से किस माह में जन्म लेते हैं इसका आपके व्यक्तित्व पर गहरा असर होता है। ज्योतिष शास्त्र में मौजूद 12 राशियां हमें हमारे व्यक्तित्व, हमारे शौक तथा हमसे जुड़े सभी तथ्यों के बार में बताती हैं। लेकिन राशियों के अलावा प्रत्येक महीना भी हमारे बारे में कई राज़ खोलता है।
  भविष्य में होने वाली बीमारियां
पिछले कुछ समय से चल रहे शोध में यह सामने आया है कि एक व्यक्ति जिस महीने में जन्म लेता है इससे उसे भविष्य में होने वाली बीमारियों का पता लगता है। यानी कि आपका बर्थ मंथ आपको बताता है कि आप किन-किन बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।
*कोलंबिया विश्वविद्यालय का शोध
 
कोलंबिया विश्वविद्यालय में हुए एक शोध के मुताबिक एक व्यक्ति के जन्म के महीने का उसकी सेहत से गहरा नाता होता है। इस शोध में यह सामने आया है कि यदि इसी व्यक्ति का जन्म मई या जुलाई के माह में हुआ है तो वह उम्र भर बीमारियों से बचा रहता है।
नवंबर या दिसंबर में जन्म
कुछ आम तथा कम नुकसान देने वाली बीमारियां भले ही उसे परेशान कर सकती हैं लेकिन किसी घातक बीमारी के होने की संभावना काफी कम है। लेकिन यदि आपका जन्म अक्टूबर या नवंबर के महीने में हुआ है तो आप हरदम बीमारियों से घिरे रहेंगे।
जून, अगस्त, जनवरी में जन्म
यदि पूरे बारह महीनों की बात करें तो रिसर्च के मुताबिक जून, अगस्त, जनवरी तथा दिसंबर में जन्म लेने वाले लोग बीमारियों से काफी हद तक बचे रहते हैं। उन्हें किसी बड़ी बीमारी के होने का खतरा नहीं रहता है।
अक्टूबर या नवंबर में जन्म
लेकिन अक्टूबर या नवंबर के माह में जन्म लेने वाले लोग अक्सर बीमारियों के जंजाल में फंसे रहते हैं। इसके अलावा फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई तथा जुलाई के माह में जन्म लेने वाले लोगों को भी बीमारियों के संदर्भ में चिंतामुक्त पाया गया है।
मार्च या अप्रैल में जन्म
यदि विशेष तौर पर विभिन्न बीमारियों की बात की जाए तो, मार्च या अप्रैल के महीने में जन्म लेने वाले लोग हृदय रोगों से ज्यादा पीड़ित होते हैं। इन्हें दिल से सम्बन्धित बीमारियां जकड़ लेती हैं, लेकिन यह कितनी नुकसानदेह होती हैं यह उस व्यक्ति की आंतरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है।
 
दिल की बीमारी
परन्तु सितंबर, अक्टूबर तथा नवंबर में जन्म लेने वाले लोगों को दिल की बीमारी होने की आशंका ना के बराबर रहती है। किन्तु सांस की दिक्कतें इन्हें जरूर परेशान कर सकती हैं।
सांस की तकलीफ
खासतौर पर अक्टूबर या फिर नवंबर के महीने में जन्म लेने वाले लोग सांस से सम्बन्धित तकलीफों का शिकार होते हैं। इन्हें थोड़ा सा ही काम करने पर सांस का फूलना या फिर अस्थमा जैसी बीमारी होने का भी खतरा रहता है।
मानसिक रोग
लेकिन यदि आपका जन्म जुलाई से सितंबर के बीच हुआ है तो आपको सांस की तकलीफें शायद ही कभी होंगी। इसके अलावा ऐसे लोगों से मानसिक रोग भी कुछ कदम की दूरी बनाए रखते हैं।
सर्दी के समय में जन्म
परन्तु सर्दी के समय में जन्म लेने वाले लोगों को मानसिक बीमारियां हो जाना आम पाया गया है। यही दिक्कत लोगों की प्रजनन शक्ति में भी पाया गया है। सर्दियों में जन्म लेने वाली महिलाओं को प्रजनन संबंधी कई तकलीफों का शिकार होना पड़ता है।
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इन्हें होते हैं सबसे ज्यादा रोग
कोलंबिया विश्विद्यालय में हुए इस शोध में एक बात और सामने आई है कि खासतौर पर सर्दी के समय जन्म लेने वाले लोग बीमारियों के ज्यादा शिकार होते हैं जबकि बाकी महीनों में जन्में लोग स्वस्थ रहते हैं।
दिल की बीमारी से सबसे अधिक मौतें
शोध का मानना है कि दुनिया भर में सबसे ज्यादा मौतें दिल की बीमारी से होती हैं। और दिल के रोग उन्हें ही अधिक होते हैं जिनका जन्म जनवरी से लकर जून माह के बीच हुआ हो। अन्य महीनों में जन्म लेने वाले लोगों को हृदय रोग परेशान नहीं करते।
ये जीते हैं लंबी उम्र
यह भी एक कारण है कि आमतौर पर एक लंबी आयु जीने वाले व्यक्ति का जन्म जुलाई से दिसंबर महीने के बीच ही पाया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह बता पाना मुश्किल है कि किसी विशेष महीने का एक बीमारी से क्या संबंध होता है।
मौसम का असर
लेकिन इन बीमारियों के आधार पर यह जरूर बताया जा सकता है कि बच्चे का जिस महीने में जन्म होता है, उस माह के मौसम का उस पर कम से कम तीन महीने तक असर रहता है। यही मौसम उसके लिए विभिन्न बीमारियों को न्यौता देता है।