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9.9.18

सफ़ेद मूसली के उपयोग

                                                                                                                                                                                                                   
                       


 (क्लोरोफिटम बोरेवियायनम), जिसे व्हाईट मुस्ली भी कहा जाता है, आयुर्वेद और हर्बल विज्ञान में प्रयोग किया जाने वाला एक शक्तिशाली कामोत्तेजक और स्ट्रिंग एडेडोजेनिक जड़ी बूटी है। परंपरागत रूप से यह गठिया, कैंसर, मधुमेह, जीवन शक्ति बढ़ाने और यौन प्रदर्शन में सुधार के लिए इस्तेमाल किया गया था। यह विशेष रूप से उन पुरुषों के लिए निर्धारित है जिनके कम शुक्राणुओं की संख्या और कम कामेच्छा है।
आयुर्वेदिक अभ्यास में सफेद मुस्ली या क्लोरोफिटम बोरेवियायनम जड़ पाउडर का उपयोग किया जाता है। यह विभिन्न आयुर्वेदिक योगों के रूप में भी प्रयोग किया जाता है जिसमें मुस्ली पाक शामिल है। यह पुरुष कमजोरी, शारीरिक दुर्बलता, स्तंभन दोष, ऑलिगॉस्पर्मिया, रात का उत्सर्जन, आदि के उपचार में उपयोगी है।
सफेद मूसली के लाभ
1. थकान और कमजोरी के लिए: शक्कर (गन्ना ब्राउन शुगर) के साथ सफेद मुस्ली थकान को कम करने में मदद करता है और शरीर को ताकत देता है।
2. वजन बढ़ाने के लिए: आप वजन बढ़ाने के लिए दूध के साथ इसे ले सकते हैं।
3. अल्पशुक्राणुता के लिए: यह अल्पशुक्राणुता के उपचार के लिए बहुत उपयोगी है और गिनती, मात्रा, द्रवीकरण समय और गतिशीलता को बेहतर बनाता है। यह सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर और वृषण कार्य भी सुधारता है।
4. स्वप्नदोष के इलाज के लिए: अगर रोगी रात में उत्सर्जन के बाद कमजोरी, पीठ दर्द और शक्ति या ऊर्जा की कमी महसूस करता है, तो शक्कर के साथ सफ़ेद मूसली पाउडर का कुछ हफ्तों तक इस्तेमाल किया जाना चाहिए।


5. स्तम्भन दोष के इलाज के लिए:


यह लिंग ऊतक को ताकत प्रदान करता है, कठोरता में सुधार करता है, और लंबे समय तक उत्सर्जन को बनाए रखने में मदद करता है। यह मुख्य रूप से ताकत प्रदान करता है, टेस्टो पर कार्य करता है, हार्मोन प्रोफ़ाइल में सुधार करता है, और शुक्राणुजनन को प्रेरित करता है।
6. गठिया और संयुक्त दर्द के लिए: इसमे अनुत्तेजक गुण है, जो गठिया में होने वाली संयुक्त सूजन को कम करने में मदद करतें हैं।
7. यह मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने और तनाव और अवसाद का सामना करने में मदद करता है।
8. महिलाओं के लिए यह जड़ी-बूटी योनि के  सूखापन से छुटकारा पाने में मदद कर सकती है।
9. यह स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी उपयोगी है क्योंकि इससे दूध की गुणवत्ता में सुधार होता है।
10. यह शरीर के निर्माण के लिए एक स्वास्थ्य- पूरक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
*यह अल्पशुक्राणुता के उपचार के लिए बहुत उपयोगी है और शुक्राणुओं की संख्या, वीर्य की मात्रा, सम्भोग का समयऔर गतिशीलता को बेहतर बनाता है। सफेद मूसली टेस्टोस्टेरोन (पुरषों का सेक्स होर्मोन) का स्तर को बढ़ाता है और वृषण के कार्य (वीर्य उत्पादन) को भी सुधारता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सफेद मूसली के नियमित सेवन से वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ती है। इससे आपको कई तरह की सेक्स समस्याओं में आराम मिलता है। अगर आप भी शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाना के कोशिश कर रहे है तो आपको इसका इस्तेमाल जरुर करना चाहिए|
*अगर आप अपनी सेक्स क्लिफे को सही से एन्जॉय नहीं कर पा रहे है और उतेज्जना की कमी से जूझ रहे है तो आपको सफ़ेद मूसली का सेवन मिश्री और दूध के साथ करना चाहिए इससे आपकी शरीर की कामोत्तेजना फिर से पहले जैसी हो जाएगी |
*सफ़ेद मूसली  का सेवन लिंग के ऊतक को ताकत प्रदान करता है, और उसकी कठोरता में सुधार करता है, और लंबे समय तक उत्सर्जन को बनाए रखने में मदद करता है। यह मुख्य रूप से टेस्टेरोंन पर कार्य करता है जो मेल सेक्स होर्मोन होता है जिससे लिंग को ताकत मिलती है इसके नियमित सेवन से शुक्राणुजनन को बढ़ाया जाता है।
*अगर आपको कोई दुबला पतला बोलता है तो आप उनको आपकी बॉडी क्या है दिखाने के लिए आपको सफेद मुसली का इस्तमाल से अपने दुबलेपन का इलाज कर सकते हो. इसके लिए आपको अश्वगंधा,शतावरी,सफेद मुसली और मुलहठी इन सब को 50 -50 ग्राम लेकर इनका चूर्ण बनाके इसमें १०० ग्राम मिश्री को पीसकर मिला दे . इसको रोज सुबह शाम मतलब दिन में दो बार ४० दिन तक पिने से आपका शरीर मजबूत और शक्तिशाली बन जाता है.

*अगर आपको पेशाब करने में दर्द होता है तो हो सकता है कि सेक्स की वजह से आपको कोई समस्या हुई हो। इसके लिए आपको सफेद मूसली का सेवन करना चाहिए आपको बार बार पेशाब जाना पड़ता हो तो इस के लिए आपको 2 ग्राम जायफल का चूर्ण और 5 ग्राम मुसली का चूर्ण या मुसली की पाउडर पानी के साथ पिने से आपकी बार बार मूत्र आने की समस्या दूर हो जायेगी.
महिलाओं के लिए यह जड़ीबूटी योनि में सूखापन से छुटकारा पाने में मदद कर सकती है। इसके इस्तमाल से आप लम्बे समय तक जवान रहती है
यह स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी उपयोगी है क्योंकि इससे दूध की गुणवत्ता में सुधार होता है। महिला के स्तनों का दूध शुद्ध करने और ब्रैस्ट का दूध को बढाता है.
गर्भावस्था में सफेद मुसली का थोडा इस्तमाल करने से बच्चे की और माँ के लिए nutritive tonic की तरह काम करता है
*कौंच के बीज, सफेद मूसली और अश्वगंधा के बीजों को बराबर मात्रा में मिश्री के साथ मिलाकर बारीक चूर्ण बनाकर एक चम्मच चूर्ण सुबह और शाम एक कप दूध के साथ लेने से शीघ्रपतन और वीर्य की कमी जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं। सालों से विभिन्न दवाइयो के निर्माण में भी सफेद मूसली का उपयोग किया जाता है। मूलतः यह एक ऐसी जडी-बूटी है जिससे किसी भी प्रकार की शारीरिक शिथिलता को दूर करने की क्षमता होती है। यही कारण है की कोई भी आयुर्वेदिक सत्व जैसे च्यवनप्राश आदि इसके बिना संम्पूर्ण नहीं माने जाते हैं।
यह इतनी पौष्टिक तथा बलवर्धक होती है की इसे शिलाजीत की संज्ञा भी दी जाती है। चीन, उत्तरी अमेरिका में पाये जाने वाले इस पौधे, जिसका वानस्पतिक नाम पेनेक्स जिंन्सेग है का विदेशों में फलेक्स बनाये जाने पर भी काम कर रहे हैं। सफेद मुसली पुरुषों को शारीरिक तौर पर पुष्ट बनाने के अलावा वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में भी मदद करती है। यही नहीं, कई शोध अपने परिणाम बताते हैं कि डायबिटीस के बाद होने वाली नपुंसकता में भी सफेद मुसली सकारात्मक असर करती पाई गई है।


दुष्प्रभाव:


हालांकि अधिकांश दुष्प्रभाव सामान्य होते हैं और ठीक हो सकते हैं सफेद मुसली का अत्यधिक सेवन सही नहीं है।
इसमें मौजूद फाइबर, नमी को कम करके मल को कड़ा करता है। आप आंत में एक रूकावट का अनुभव कर सकते हैं जिसके कारण कब्ज, ऐंठन और दर्द हो सकता है ।
आँख की सूजन, चिड़चिड़ापन और खुजली गले, त्वचा पर खुजली, जी मचलना, हल्कापन, चक्कर आना, सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई कुछ सामान्य साइड इफ़ेक्ट हो सकते है|


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