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5.3.17

शहद के घरेलू,आयुर्वेदिक प्रयोग,उपयोग उपचार //Honey's Ayurvedic Usage benefits,Treatment



   शहद या मधु हमेशा से रसोई में इस्तेमाल होने वाला एक स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ रहा है, साथ ही सदियों से एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में भी उसका इस्तेमाल होता है। दुनिया भर में हमारे पूर्वज शहद के कई लाभों से अच्छी तरह परिचित थे। एक औषधि के रूप में उसका इस्तेमाल सबसे पहले सुमेरी मिट्टी के टेबलेटों में पाया गया है जो करीब 4000 साल पुराने हैं। लगभग 30 फीसदी सुमेरी चिकित्सा में शहद का इस्तेमाल होता था। भारत में शहद सिद्ध और आयुर्वेद चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण अंग है जो चिकित्सा की पारंपरिक पद्धतियां हैं। प्राचीन मिस्र में इसे त्वचा और आंखों की बीमारियों में इस्तेमाल किया जाता था और जख्मों तथा जलने के दागों पर प्राकृतिक बैंडेज के रूप में लगाया जाता था।

नई और पुरानी खांसी के रामबाण उपचार 

   आयुर्वेद में ऐसी मान्यता है कि अलग-अलग स्थानों पर लगने वाले छत्तों के शहद के गुण वृक्षों के आधार पर होते हैं। जैसे नीम पर लगे शहद का उपयोग आँखों के लिए, जामुन का मधुमेह, सहजने का हृदय, वात तथा रक्तचाप के लिए बेहतर होता है। इसके अलावा भी शहद का सेवन कई रोगों में उपयोगी है।
हम सभी जानते हैं कि दूध पीने से सेहत में कितना निखार आता है लेकिन गर्म दूध पीने से हमें क्‍या लाभ पहुंचता है, ये बहुत कम लोगों को पता है। और इस गर्म दूध में अगर शहद मिल जाए तो यह एक औषधि से कम नही है।
   शरीर को स्वस्थ, निरोग और उर्जावान बनाए रखने के लिए शहद का रोजाना सेवन बहुत अच्छा माना जाता है। आयुर्वेद में इसे अमृत माना गया है। यूं तो सभी मौसमों में शहद का सेवन लाभकारी है, लेकिन सर्दियों में तो शहद का प्रयोग विशेष लाभकारी होता है क्योंकि शरीर को इससे ऊर्जा प्राप्त होती है।

शीघ्र पतन? घबराएँ नहीं ,करें ये उपचार 

  शहद बहुत ही लाभकारी प्राकृतिक औषधी है। इसके सेवन से शरीर निरोगी रहता है। रोजाना दो चम्मच शहद सेवन करने के अनेकों लाभ हैं। इसे खाने से पाचन शक्ति मजबूत होती है। इसके सेवन से खुब भूख लगती है। बुढ़ापे में इसके सेवन से जवानी सा सामथ्र्य व शक्ति मिलती है। शहद कई तरह के विटामिन्स से भरपूर है। शहद में विटामिन ए, बी, सी, पाए जाते हैं।
   इसके अलावा आयरन, कैल्शियम, सोडियम फास्फोरस, आयोडीन भी पाए जाते हैं। इसीलिए प्रतिदिन शहद का सेवन करने से शरीर में शक्ति और ताजगी बनी रहती है। शहद रोजाना खाने से सेहत बनती है और शरीर मोटा होता है। शरीर की दुर्बलता दूर करने के लिए रात को बिना चीनी के एक गिलास दूध में शहद डालकर पीने से शरीर सुडौल, पुष्ट व बलशाली बनता है।शहद का सेवन रोज करने से शरीर फुर्तीला और उर्जावान बनता है।
  शरीर पर पड़े खरोंचों को जल्दी ठीक करने के लिए शहद मलना चाहिए। यह खरोचों के निशान भी हल्के कर देता है।

बवासीर  के  रामबाण  उपचार 

  पके आम के रस में शहद मिलाकर देने से पीलिया में लाभ होता है।
अदरक के रस में या अडूसे के काढ़े में शहद मिलाकर देने से खाँसी में आराम मिलता है।
बच्चों को गहरी नींद सोने में मदद करता है शहद
खांसी की वजह से बच्चे बे-वजह परेशान रहते हैं और वे रात को ठीक तरह से सो भी नहीं पाते हैं। ऐसे में रात को सोने से पहले बच्चों को शहद देना चाहिए। इस उपाय से बच्चे को खांसी नहीं होगी और वह गहरी नींद ले सकता है।
कीमोथैरेपी
शहद सेवन श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या को कम होने से रोकाता है। प्रतिदिन दो चम्मच शहद पीने से यह कीमोथैरेपी में असरदायक होता है।
शहद : रक्तचाप में फायदेमंद
शहद का नियमित सेवन सर्कुलेटरी सिस्टम और रक्त की केमिस्ट्री में संतुलन को पाने में न सिर्फ आपकी मदद करता है, बल्कि आपको ऊर्जावान और फुर्तीला भी बनाए रखता है। *अगर आपको निम्न रक्तचाप की शिकायत है और अगर आप नीचे बैठे-बैठे अचानक उठने की कोशिश करते हैं तो आपको चक्कर आ जाते हैं। निम्न रक्तचाप का मतलब दिमाग में ऑक्सीजन का कम मात्रा में पहुंचना है। इसी तरह से अगर आप अपना सिर नीचे करते हैं और आपको चक्कर आते हैं तो इसका मतलब है कि आपको उच्च रक्तचाप की समस्या है। या तो उच्च रक्तचाप की वजह से या फिर ऑक्सीजन की कमी की वजह से आपको चक्कर आते हैं। 
*जिन बच्चों को शकर का सेवन मना है, उन्हें शकर के स्थान पर शहद दिया जा सकता है।

आँखों  का चश्मा  हटाने का अचूक  घरेलू उपाय

   रोजान एक चम्मच शहद से दिमागी कमजोरियां दूर होती है।उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में शहद कारगर है।रक्त को साफ करने यानी रक्त शुद्धि के लिए भी शहद का सेवन करना चाहिए। शहद से मांसपेशियां बलवती होती हैं। दिल को मजबूत करने, और हृदय संबंधी रोगों से बचने के लिए प्रतिदिन शहद खाना अच्छा रहता है। शहद, मलाई और बेसन का उबटन लगाने से चेहरे पर चमक आ जाती है।
एक छोटा चम्मच शहद मे एक बादाम घिस कर मिला लें और रोज छोटे बच्चों को चटा देने से वे मजबूत कांतिवान मोटे हो जाते है ।
  बच्चों को खांसी होने पर एक चम्मच शहद मे एक चुटकी हल्दी मिलाकर सोते समय व सुबह खाली पेट चटा दे दो तीन दिनों मे खांसी गायब हो जाएगी ।
ऊर्जा प्रदान करता है- शहद प्राकृतिक रूप से कार्बोहाइड्रेड का स्रोत होता है और इसमें फ्रूकटोस होता है जो ग्लूकोज़ की तुलना में कम स्वीटनर होता है। इसलिए किसी भी वर्कआउट के बाद शहद खाने से तुरन्त ऊर्जा मिल जाती है।

सहवास अवधि  बढ़ाने के नुस्खे 

योगाभ्यासियों के लिए शहद
  जो लोग योग का अभ्यास करते हैं उनके लिए शहद बेहद फायदेमंद होता है। शहद के सेवन से शरीर के रसायन यानि कैमिकल संतुलित रहता है। सुबह के समय में योग शुरू करने से पहले गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीने से शरीर के सारे अंग सक्रिय हो जाते हैं।शहद एक्सरसाइज करने वालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ये रक्त में शर्करा की मात्रा को बैलेंस रखता है। मांसपेशियों की शक्ति पुनःलौटाता है। ग्लाइकोजेन की क्षति पूर्ती करता है। तुरंत शक्ति देता है।
   आयुर्वेद में नपुंसकता और बांझपन की समस्याओं के लिए शहद एक दवा के रूप में लेने की सलाह दी जाती है। हल्‍के गुनगुने दूध के साथ शहद पीने से प्रजनन क्षमता का स्‍तर शून्‍य से 60 मिलियन शुक्राणुओं की संख्‍या तब बढ़ जाती है। स्‍वाभाविक रूप से दूध एक हर्बल उपचार है जो कि शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करता है।
   खाँसी के लिए औषधि के रूप में काम करता है- कभी-कभी सोने के समय खाँसी होने लगती है उस वक्त खाँसी के तकलीफ से राहत दिलाने में शहद बहुत असरदार रूप में काम करता है। क्योंकि यह जीवाणु को मारने में सक्षम होता है।

छोटे स्तनों को बड़े और आकर्षक बनाने के उपाय 

शहद मे अदरक का रस और एक चुटकी दालचीनी पावडर मिलाकर चाटने से जोड़ों मे आराम मिलता है । खांसी होने पर भी इस प्रयोग को आजमाए सौ प्रतिशत आराम मिल जाएगा ।
   घाव के लिए औषधि के रूप में काम करता है- शहद में जो एन्टीबैक्टिरीअल, एन्टी-फंगल, और एन्टी-ऑक्सिडेंट गुण होता है वह किसी भी तरह के घाव को ठीक करने में मदद करता है।
10 ग्राम शहद प्रतिदिन खाने से दिल स्वस्थ रहता है।
शहद शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। शहद और दूध को एक साथ पीने से आपकी त्वचा में रौनक आती है।
   सर्दियों में यदि ठंड की वजह से सिर में दर्द हो रहा हो तो शहद में दालचीनी का पाउडर मिलाकर उसका लेप सिर पर लगाएं।
  गठिया के दर्द से राहत पाने के लिए शहद और दालचीनी को बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करें।
तनाव कम करने के लिए रोज एक चम्मच शहद में दालचीनी मिलाकर सेवन करें।
गर्म पानी में दालचीनी और शहद को मिलाकर पीने से सर्दी और जुकाम ठीक होता है।
भोजन से अरुचि होने पर एक चम्मच खट्टे अनार का रस और एक बड़ा चम्मच शहद और सेंधा नमक मिलाकर खिलाने से भोजन मे रुचि पैदा हो जाती है ।

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

* एक चुटकी छोटी हरड़ का पावडर और एक चम्मच शहद मिलाकर खाने से अम्ल पित्त शांत हो जाता है ।
* आधा नींबू का रस एक चम्मच शहद मिलाकर चाट लें अम्ल पित्त मे आराम हो जाएगा *
शहद और दो बूंद नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की कांति लौट आती है।
* एक चम्मच प्याज का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर बालों पर लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं ।
* रोजाना शहद खाने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। शहद का सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है।
शहद का नियमित सेवन खोई हुई शक्ति वापस लौटाता है, और शरीर को सुन्दर, स्फूर्तिवान,बलवान, दीर्घजीवी और सुडौल बनाता है
*शहद रोज खाने से आंखों की ज्योति बढ़ती है। आंखें स्वच्छ व चमकीली बनती है।
* ठंडे पानी में शहद मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से त्वचा का रंग साफ होता है तथा चेहरे पर लालिमा एवं कांति भी आ जाती है।
शहद कामशक्ति वर्धक माना गया है, इसका सेवन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन और महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन बनाने के प्रक्रिया को तेज करता है.

प्रोस्टेट वृद्धि से मूत्र समस्या का 100% अचूक ईलाज 

* त्वचा सम्बन्धी रोग हो या कहीं जल-कट गया हो तो शहद लगाएं। जादू सा असर दिखाई देगा|
*कब्जियत में टमाटर या संतरे के रस में एक चम्मच शहद डालकर सेवन करें, लाभ होगा।
अनिद्रा (insomnia) की बीमारी से राहत दिलाने में मदद करता है- आदिकाल से अनिंदा के बीमारी के घरेलु इलाज के रूप में शहद का इस्तेमाल किया जाता रहा है। रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में एक छोटा चम्मच शहद डालकर पीने से अच्छी नींद आती है।
• जले हुए घाव के जलन से राहत दिलाता है- शहद का एन्टी-इन्फ्लैमटोरी (anti-inflammatory) और एन्टी-बैक्टिरीअल गुण जलन के दर्द से जल्दी राहत दिलाने में बहुत मदद करता है साथ ही घाव को भी ठीक करने में मदद करता है। शहद एक हाइपरस्मोटिक एजेंट है इसलिए इसे घाव पर लगाने से यह घाव का तरल निकाल देता है, उस स्थान से बैक्टीरिया नष्ट करके शीघ्र भरपाई करता है .
घाव पर शहद सीधे लगाने की बजाय इसे पट्टी या रुई पर लगाकर फिर घाव पर लगायें.
* नींबू के पत्तों का रस और शहद समान मात्रा मे लेकर खिलाने से पेट के कीड़े मर जाते है 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

*त्रिफला एक छोटी चम्मच और एक चम्मच शहद मिलाकर रात्री के समय खाने के बाद चाट लिया करें और ऊपर से दूध पी लें , पेट के सभी रोगों से छुटकारा मिल जाएगा ।
* बीस ग्राम शहद दस ग्राम गाय का मक्खन मिलाकर दिन मे दो बार खाने से टी बी रोग ठीक हो जाता है ।
* अकरकरा का चूर्ण एक ग्राम दस ग्राम शहद मिलाकर चाटने से हिचकी दूर हो जाती है ।सांस लेने की परेशानी, कफ की समस्या आदि में शहद का सेवन बेहद उपयोगी है।
शहद खाने से हृदय रोग और कैंसर रोग कभी नहीं होता है।
चीनी की तुलना में शहद में 20 प्रतिशत कम कैलोरी होती है। यह मोटापा भी कम करता है।
शहद त्वचा की नमी को बरकरार रखता है जिस वजह से चेहरा मुलायम बना रहता है।
शहद को चेहरे पर लगाने से यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटा देता है और त्वचा का फिर से टाइट करने लगता है जिस वजह से झुर्रियां जल्दी से नहीं पड़ती हैं।
सूर्य की किरणों से त्वचा पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है जिस वजह से इंसान कम उम्र में बूढ़ा लगने लगता है ऐसे में शहद के इस्तेमाल से आप इन दिक्कतों से बच सकते हो।

*किडनी फेल रोग का अचूक इलाज* 

होठों पर शहद लगाने से होंठ नरम और चिकने बनते हैं और होंठ फटने की परेशानी भी दूर होती है।
शहद का नियमित रूप में सेवन करने से हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है जिस से शरीर में खून की कमी दूर होती है।
  शहद कभी खराब नहीं होता है। आप इसे बंद करके लंबे समय तक रख सकते हो। गहरे रंग के शहद में अधिक मात्रा में एंटीआक्सीडेंट होता है।
शरीर में मौजूद हानिकारक तत्वों को शहद बाहर निकालता है। इसी वजह से त्वचा में प्राकृतिक चमक वापस आती है और वह लंबे समय तक रहती है।
सुंदर और बेदाग त्वचा के लिए शहद को नींबू पानी में मिलाकर सेवन करें। एैसा करने से आपकी फिगर भी आकर्षक बनती है।

पेट मे गेस के अनुपम नुस्खे 

  शहद में कई तरह के विटामिन्स मौजूद होते हैं और शहद में सबसे अधिक विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है जो शरीर को कई तरह के रोगों से बचाने के काम आती है। इसलिए शहद को रोग प्रतिरोधक कहा गया है।
शहद को खाने से बढ़ा हुआ कालेस्ट्राल कम होता है।
शहद सूजन, पाचन की समस्या और कब्ज जैसी परेशानियों को दूर करता है। यह प्रोबायोटिक होता है जो पाचन को ठीक रखता है। शहद का सेवन करने से एलर्जी का खतरा कम होता है।
  शहद को गुनगुने पानी को मिला कर पीने से खून में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है और आयरन की कमी भी पूरी होती है।
  शहद में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। जिसकी वजह से यह घाव का उपचार करने में फायदेमंद होता है।
• कैंसर से लड़ने में मदद करता है- शहद का एन्टी-ऑक्सिडेंट गुण कैंसर संबंधी लक्षणों को रोकने में मदद करता है और कैंसर से लड़ने में सहायता करता है।
• हृदयरोग से दूर रखता है- शहद में फ्लेवोनॉयड और एन्टी-ऑक्सिडेंट गुण होता है जो हृदय के बीमारी से लड़ने में मदद करता है। और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
सावधानी :-
अधिक गर्म पानी, गर्म दूध, अधिक धूप में बच्चों को शहद का प्रयोग हानिकारक साबित होता है। साथ ही घी की समान मात्रा प्रयोग करने पर यह विष की भाँति कार्य करने लगता है। इसलिए इन स्थितियों में इसका प्रयोग सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।
चाय और कॉफी में कभी नैचुरल स्वीटनर के रूप में शहद का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
• मछली और मांस के व्यंजन में शहद का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

पित्त पथरी (gallstone) के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार 

किडनी निष्क्रियता की हर्बल औषधि 

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि 

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि



4.3.17

सालम पंजा के गुण औषधीय उपयोग //Medicinal uses of salam panja


सालमपंजा' एक बहुत ही गुणकारी, बलवीर्यवर्द्धक, पौष्टिक और यौन शक्ति को बढ़ाकर नपुंसकता नष्ट करने वाली वनौषधि है।
यह बल बढ़ाने वाला, शीतवीर्य, भारी, स्निग्ध, तृप्तिदायक और मांस की वृद्धि करने वाला होता है। यह वात-पित्त का शमन करने वाला, रस में मधुर होता है।
विभिन्न भाषाओं में नाम : ,
संस्कृत- मुंजातक। हिन्दी- सालमपंजा। मराठी- सालम। गुजराती- सालम। तेलुगू- गोरू चेट्टु। इंग्लिश- सालेप। लैटिन- आर्किस लेटिफोलिया।

किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*

परिचय : 
सालम हिमालय और तिब्बत में 8 से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर पैदा होता है। भारत में इसकी आवक ज्यादातर ईरान और अफगानिस्तान से होती है। सालमपंजा का उपयोग शारीरिक, बलवीर्य की वृद्धि के लिए, वाजीकारक नुस्खों में दीर्घकाल से होता आ रहा है।
यौन दौर्बल्य : 
सालमपंजा 100 ग्राम, बादाम की मिंगी 200 ग्राम, दोनों को खूब बारीक पीसकर मिला लें। इसका 10 ग्राम चूर्ण प्रतिदिन कुनकुने मीठे दूध के साथ प्रातः खाली पेट और रात को सोने से पहले सेवन करने से.शरीर की कमजोरी और दुबलापन दूर होता है, यौनशक्ति में खूब वृद्धि होती है और धातु पुष्ट एवं गाढ़ी होती है। यह प्रयोग महिलाओं के लिए भी पुरुषों के समान ही लाभदायक, पौष्टिक और शक्तिप्रद है, अतः महिलाओं के
लिए भी सेवन योग्य है।

पेट मे गेस के अनुपम नुस्खे 

वात प्रकोप : 
सालमपंजा और पीपल (पिप्पली) दोनों का महीन चूर्ण मिलाकर आधा-आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम बकरी के कुनकुने मीठे दूध के साथ सेवन करने से कफ व श्वास का प्रकोप शांत होता है। सांस फूलना, शरीर की कमजोरी, हाथ-पैर का दर्द, गैस और वात प्रकोप आदि ठीक होते हैं।
रतिवल्लभ चूर्ण : 
सालमपंजा, बहमन सफेद, बहमन लाल, सफेद मूसली, काली मूसली, बड़ा गोखरू सब 50-50 ग्राम। छोटी इलायची के दाने, गिलोय सत्व, दालचीनी और गावजवां के फूल-सब 25-25 ग्राम। मिश्री 125 ग्राम। सबको अलग-अलग खूब कूट-पीसकर महीन चूर्ण करके मिला लें और शीशी में भर लें।

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

*सालम पंजा व विदारीकन्द को ब्राबर मात्रा मे पीस कर 5 ग्राम चूर्ण में पिसी मिसरी व घी मिला लें। इस चूर्ण को खाने के बाद इसके ऊपर से मीठा ग्रम दूध पीने से वृद्ध पुरुष की भी संभोग करने की क्षमता वापस लौट आती है।
इस चूर्ण को 1-1 चम्मच सुबह व रात को कुनकुने मीठे दूध के साथ दो माह तक सेवन करने से यौन दौर्बल्य और यौनांग की शिथिलता एवं नपुंसकता दूर होती है। शरीर पुष्ट और बलवान बनता है।
विदार्यादि चूर्ण : 
विन्दारीकन्द, सालमपंजा, असगन्ध, सफेद मूसली, बड़ा गोखरू, अकरकरा सब 50-50 ग्राम खूब महीन चूर्ण करके मिला लें और शीशी में भर लें।
इस चूर्ण को 1-1 चम्मच सुबह व रात को कुनकुने मीठे दूध के साथ सेवन करने से यौन शक्ति और स्तंभनशक्ति बढ़ती है। यह योग बना-बनाया इसी नाम से बाजार में मिलता है। .

*पित्ताश्मरी(Gallstone) की अचूक औषधि*

शुक्रमेह :
 सालम पंजा, सफेद मूसली एवं काली मूसली तीनों 100-100 ग्राम लेकर कूट-पीसकर खूब बारीक चूर्ण करके मिला लें और शीशी में भर लें। प्रतिदिन आधा-आधा चम्मच सुबह और रात को सोने से पहले कुनकुने मीठे दूध.के साथ सेवन करने से शुक्रमेह, स्वप्नदोष, शीघ्रपतन, कामोत्तजना की कमी आदि दूर होकर यौनशक्ति की वृद्धि होती है।प्रदर रोग : सलमपंजा, शतावरी, सफेद मूसली और असगन्ध सबका 50-50 ग्राम चूर्ण लेकर मिला लें। इस चूर्ण को एक-एक चम्मच सुबह व रात को कुनकुने मीठे दूध के साथ सेवन करने से पुराना श्वेतप्रदर और इसके कारण होने वाला कमर दर्द दूर होकर शरीर पुष्ट और निरोगी होता है।
जीर्ण अतिसार : 
सालमपंजा का खूब महीन चूर्ण 1-1 चम्मच सुबह, दोपहर और शाम को छाछ के साथ सेवन करने से पुराना अतिसार रोग ठीक होता है। एक माह तक भोजन में सिर्फ दही-चावल का ही सेवन करना चाहिए। इस प्रयोग कोलाभ होने तक जारी रखने से आमवात, पुरानी पेचिश और संग्रहणी रोग में भी लाभ होता है।
पित्त पथरी (gallstone) के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार 

किडनी निष्क्रियता की हर्बल औषधि 

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि 

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि



10.12.16

शिलाजीत का प्रयोग बनाए मर्दों को लम्बी रेस का घोडा//Increase the masculinity with shilaajeet


     आयुर्वेद में शिलाजीत के काफी ज्यादा स्वास्थ्य लाभ पाए गए है शीलाजीत देखने में काले तारकोल की तरह होता है यह पत्थर की शिला ओमे पैदा होता है इसलिए इसे शिलाजीत कहते हैं शिलाजीत एक गुणकारी औषधि है जो कई बीमारियों में फायदेमंद पाया गया है शीलाजीत काफी फायदेमंद है बस साथ ही इसके कुछ सावधानी बरतनी पड़ती है
     शिलाजीत का सेवन दूध पानी या फिर फलों के रस के साथ किया जा सकता है अगर आप इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में थक गए हैं और शरीर थोड़ी सी उर्जा चाहता है तो आप शिलाजीत का सेवन नियमित रूप से शुरू कर सकते हैं आइए जानते हैं कि शिलाजीत के क्या क्या लाभ होते हैं
1. शिलाजीत से शरीर में तुरंत ऊर्जा आती है इसे प्रोटीन और विटामिन ज्यादा मात्रा में हमारे शरीर को प्राप्त होता है
2.शिलाजीत आपके शरीर की सूजन को मिटाता है अगर आप को शरीर में सूजन गठिया का  दर्द  है तो शिलाजीत का प्रयोग काफी लाभप्रद  पाया गया है |
3. अगर आप मानसिक रुप से कमजोर है और आप मानसिक मजबूती चाहते हैं तो शीलाजीत को घी के साथ सेवन करें इससे आपको काफी लाभ मिलेगा और आप तनाव मुक्त रहेंगे
4. शिलाजीत आपको हड्डी की बीमारी से भी दूर रखता है यह हमारी हड्डियों को मजबूत करता है और गठीया तथा जोड़ों के दर्द में आराम दिलाता है |
5.दूध या शहद के साथ अगर आप इसका सेवन करें सूरज उगने से पहले तो यह काफी फायदेमंद होता है और इसको खाने के 3-4 घंटे बाद ही कुछ और चीज खाने चाहिए |
किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार6.शिलाजीत नपुंसकता को खत्म करता है और यह स्वप्न दोष को भी दूर करता है स्पर्म  काउण्ट मे बढ़ोतरी होती है|
7.शिलाजीत के अंदर उच्च ऊर्जा और काफी अच्छे गुण पाए गए हैं जो कि नई कोशिकाओं को दोबारा बनाते हैं और पुरानी कोशिकाओं को खत्म करते हैं जिससे कि आप की उम्र कम लगती है
8.. जिन लोगों को शीघ्रपतन की समस्या है वे शिलाजीत का इस्तेमाल कर सकते हैं उन्हें इसके कुछ दिनों तक नियमित सेवन करना चाहिए इससे शीघ्रपतन की समस्या है उनकी खत्म हो जाती है|मर्दों को लंबी रेस का घोडा  बनाती है शिलाजीत|
9. शिलाजीत सेक्स पावर को बढ़ाता है और आपकी यौन इच्छा में भी वृद्धि करता है इसके प्रयोग अत्यंत लाभकारी होता है लेकिन किसी डॉक्टर की सलाह के बिना हमें इस्तेमाल नहीं करना चाहिए वरना यह आपको नुकसान पहुंचा सकता है
10.जब आप शिलाजीत का सेवन करें तो आपको मसालेदार खाना सिगरेट शराब खटाई युक्त खाने को नहीं खाना चाहिए आपको रात में ज्यादा देर तक नहीं जागना चाहिए और दिन में भी आपको नहीं सोना चाहिए


किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि

आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार