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29.7.10

वाटर थिरेपी से करें रोगों का ईलाज

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वाटर थिरेपी (water therapy)चिकित्सा विधि रोगों का ईलाज करने में बेहद चमत्कारी साबित हुई है।बिना दवाई लिये रोगी को रोग मुक्त करने की पानी में असीम शक्ति है। इसके नियम पूर्वक प्रयोग से अनेकों कष्ट साध्य रोग भी ठीक हो जाते हैं।

वाटर थेरेपी कैसे करें?


सुबह जल्दी उठें। बिस्तर छोडते ही करीब डेढ लिटर पानी पी जाएं। बाद में मुहं धोना और ब्रश ईत्यादि करें। ध्यान रखें कि पानी पीने के ४५ मिनिट बाद तक कुछ न खाएं कुछ न पीयें। संक्छेप में यही वाटर थिरेपी कहलाती है। अगर आपको लगे कि उपलब्ध पानी निर्मल नहीं है तो पानी को उबालकर ठंडा करलें। क्या यह संभव है कि व्यक्ति एक ही बार में १.५० लिटर पानी पी सकता है। हां,शुरू में थोडी दिक्कत मेहसूस होगी लेकिन कुछ समय बाद में आदत पड जाएगी। बासी मुहं पानी पीने में क्या तुक है? दर असल रात भर की लार(सेलिवा) पानी के जरिये पेट में पहुंचाना इसका उद्देश्य हो सकता है। जहां तक मुहं में मौजूद जीवाणुओं का सवाल है तो इनके पेट में उतरने से कोइ नुकसान नहीं होता है। हमारी जठराग्नी इन जीवाणुओं को नष्ट कर देती है।
अगर आप १.५ लिटर पानी एक दफ़ा में नहीं पी सकें तो पहिले एक लिटर पानी पीयें। ५ मिनिट बाद आधा लिटर पीयें। इसका भी वही प्रभाव होगा। वाटर थिरेपी का प्रभाव बढाने केलिये यह प्रक्रिया दिन में दो या तीन बार भी की जा सकती है।जहां तक इस चिकित्सा से होने वाले लाभ का सवाल है मेरा मानना है कि आप जब तक इसे खुद व्यवहार में नहीं लाएंगे आपको विश्वास होगा ही नहीं कि वाटर थिरेपी इतना जबर्दस्त प्रभाव रखती है।
वाटर थिरेपी के दौरान दिन भर में याने २४ घंटे में मौसम के मुताबिक ४से ६ लिटर पानी पीना उत्तम है।

वाटर थिरेपी के लाभ--

दिन भर तरो ताजा उत्साहित मेहसूस होना, शरीर की कांति में वृद्धि ,मोटापा से मुक्ति,तनाव से मुक्ति , हाजमा अच्छा होना।
जल-चिकित्सा भारत और जापान में बहुत समय पहिले से ही अस्तित्व में है। भारत में तांबे के पात्र में रात भर रखे पानी को पीने का निर्देश दिया गया है।
जापान की मेडिकल सोसायटी ने अपने शोध में निम्न रोगों का १०० प्रतिशत सफ़ल इलाज वाटर थिरेपी के जरिये बताया है-

सिर दर्द,

बदन का दर्द,

दमा,

मिर्गी,

मोटापा,

संधिवात,

बवासीर,

कब्ज,

हृदय के विकार,

गुर्दे के विकार,

गुर्दे की पथरी,

मस्तिष्क ज्वर,

टी बी

औरतों के मासिक धर्म के विकार,

अतिसार,

उल्टी होना,(vomiting)

आंखों के सभी रोग,

कान के रोग,

गले की बीमारियां,

कितने दिनो में दूर होगी बीमारी?

जापान की मेडिकल सोसायटी ने रोग मुक्ति के लिये निम्न अवधि उल्लेखित की है--

हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure) ३० दिन

पेट के रोग १० दिन

कब्ज (constipation)१० दिन

टी बी ९० दिन

मधुमेह ३० दिन
अंत में सलाह देना चाहूगा कि आप अपने जीवन में पानी को विशेष महत्व दें। स्वस्थ्य व्यक्ति भी वाटर थिरेपी से लाभान्वित हो सकते हैं। यह बिना खर्चे का प्रभावशाली ईलाज है।

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