24.8.26

. तेजपत्ता को ऐसे खाओगे तो Sugar, BP, और मोटापा गायब!


                               
नमस्कार! क्या आपके किचन में वो खुशबूदार पत्ता रखा है, जिसे आप बिरयानी और सब्जी में डालकर अक्सर निकाल कर फेंक देते हैं?
अगर हाँ, तो आज के बाद आप ऐसा कभी नहीं करेंगे।
क्योंकि आयुर्वेद में इसी छोटे से पत्ते को औषधियों का खजाना कहा गया है। आज मैं आपको बताऊंगा तेजपत्ता खाने के 7 ऐसे वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक फायदे, जो आपके शुगर, कोलेस्ट्रॉल, जोड़ों के दर्द और पाचन को ठीक कर सकते हैं।
और सबसे ज़रूरी बात, अंत में मैं आपको बताऊंगा इसे खाने का सही तरीका क्या है, और किसे इसे भूलकर भी नहीं खाना चाहिए। तो वीडियो को अंत तक जरूर देखिएगा।
मैं हूँ आपका अपना साथी, और आज हम बात कर रहे हैं तेजपत्ता, जिसे अंग्रेजी में Bay Leaf और संस्कृत में तमालपत्र कहते हैं।
हम सब इसे मसाले के रूप में जानते हैं, पर आयुर्वेद के ग्रंथों जैसे भावप्रकाश निघण्टु में इसे दीपन, पाचन, कफ-वात शामक और हृदय के लिए हितकारी बताया गया है।
चलिये, अब एक-एक करके इसके 7 चमत्कारी फायदों को समझते हैं।
पहला फायदा है - पाचन को दुरुस्त करना।
आजकल गैस, एसिडिटी, पेट फूलना आम समस्या है। तेजपत्ता में यूजेनॉल और सिनेओल नामक तत्व होते हैं जो पाचक अग्नि को तेज करते हैं।
जाने माने आयुर्वेद के जानकार डॉ. दयाराम आलोक के अनुसार, तेजपत्ता वात और कफ को शांत करता है, जो अपच का मुख्य कारण है। यह आंतों में जमी आम को पचाता है और भूख को बढ़ाता है।
कैसे लेना है?
खाना खाने के बाद आधा चम्मच तेजपत्ता पाउडर को गुनगुने पानी में डालकर पी लीजिए। इससे खाना जल्दी पचेगा और गैस नहीं बनेगी।
डायबिटीज में रामबाण ]
दूसरा सबसे बड़ा फायदा है - ब्लड शुगर कंट्रोल।
अमेरिका की एक रिसर्च में पाया गया है कि रोजाना 1 से 2 ग्राम तेजपत्ता पाउडर लेने से टाइप-2 डायबिटीज में ब्लड शुगर 20 से 25% तक कम हो सकता है। इसमें मौजूद पॉलीफेनॉल इंसुलिन को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है।
जो लोग शुगर की दवा ले रहे हैं, वे सुबह खाली पेट तेजपत्ते की चाय पी सकते हैं। 2 पत्ते को 1.5 कप पानी में उबालें, जब पानी एक कप रह जाए तो छानकर पिएं।
अभी तो आपने सिर्फ 2 फायदे सुने हैं। आगे तीसरा और छठा फायदा तो ऐसा है, जिसके बारे में 90% लोगों को पता ही नहीं है। खासकर अगर आपको रात में नींद नहीं आती या जोड़ों में दर्द रहता है, तो फायदा नंबर 6 ध्यान से सुनिएगा।
दिल और कोलेस्ट्रॉल का रक्षक 
तीसरा फायदा - दिल की सेहत।
तेजपत्ता खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल HDL को बढ़ाता है। इसमें रूटिन और कैफिक एसिड होता है जो दिल की नसों को मजबूत करता है और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखता है।
आयुर्वेद में इसे 'हृद्य' कहा गया है, यानी दिल के लिए अच्छा। रोजाना इसके सेवन से हार्ट अटैक का खतरा कम होता है।
चौथा फायदा - गठिया और जोड़ों के दर्द में।
बढ़ती उम्र में घुटनों का दर्द, यूरिक एसिड बढ़ना बहुत आम है। तेजपत्ता में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसके पत्तों में पार्थेनोलाइड नामक तत्व होता है जो सूजन और दर्द को कम करता है।
इसके लिए आप तेजपत्ता के तेल से मालिश कर सकते हैं। 10 ग्राम नारियल तेल में 2-3 तेजपत्ता डालकर गर्म करें और गुनगुना होने पर जोड़ों पर मालिश करें। बहुत आराम मिलेगा।
सर्दी-खांसी और इम्युनिटी बूस्टर ]
पाँचवा फायदा - सर्दी, खांसी, कफ में।
तेजपत्ता कफ को बाहर निकालता है। अगर आपको पुरानी खांसी है, बलगम जमता है, तो तेजपत्ता आपके लिए बहुत उपयोगी है।
जाने माने आयुर्वेद के जानकार डॉ. दयाराम आलोक के अनुसार, तेजपत्ता उष्ण वीर्य का है। यह श्वसन नलियों में जमा कफ को पिघलाकर बाहर निकालता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। सर्दियों में इसका काढ़ा अमृत के समान है।
काढ़ा कैसे बनाएं?
3 तेजपत्ता, 4 तुलसी के पत्ते, आधा इंच अदरक और 2 काली मिर्च को 2 कप पानी में उबालें। आधा रह जाने पर शहद मिलाकर पिएं।
 अच्छी नींद और तनाव से मुक्ति ]
छठा फायदा, जो सबसे अनोखा है - नींद और तनाव।
तेजपत्ता में लिनालूल नामक तत्व होता है जो दिमाग को शांत करता है। रात में सोने से पहले अगर आप तेजपत्ता की चाय पीते हैं तो अनिद्रा की समस्या दूर होती है। पुराने समय में लोग तेजपत्ता को जलाकर उसकी सुगंध से मन को शांत करते थे।
अगर आपको बहुत चिंता, घबराहट रहती है, तो एक तेजपत्ता को एक कमरे में जलाकर 10 मिनट उसकी महक लें। मन शांत हो जाएगा।
बालों और त्वचा के लिए वरदान 
सातवां और आखिरी फायदा - बालों का झड़ना और डैंड्रफ।
तेजपत्ता में एंटी-फंगल गुण होते हैं। इसके पानी से बाल धोने से रूसी खत्म होती है और बालों की जड़ें मजबूत होती हैं।
100 ग्राम सरसों या नारियल तेल में 10-12 तेजपत्ता डालकर धीमी आंच पर 5 मिनट पकाएं। तेल ठंडा होने पर छान लें। हफ्ते में 2 बार इस तेल से सिर की मालिश करें।
 सही तरीका, मात्रा और सावधानी - बहुत ज़रूरी ]
अब सबसे ज़रूरी बात - इसे खाना कैसे है और किसे नहीं खाना है।
आयुर्वेद में तेजपत्ता की मात्रा दिन में 2 से 4 ग्राम पाउडर या 2 से 3 पत्ते ही बताई गई है। साबुत पत्ता कभी भी निगलना नहीं चाहिए, हमेशा तोड़कर या पाउडर बनाकर ही उपयोग करें, क्योंकि साबुत पत्ता आंत में चिपक सकता है।
कौन सावधानी बरते?गर्भवती महिलाएं इसका अधिक सेवन न करें।
जिन्हें तेजपत्ता से एलर्जी हो।
सर्जरी होने वाली हो तो 2 हफ्ते पहले इसका सेवन बंद कर दें, क्योंकि यह ब्लड शुगर को कम करता है।
हमेशा भारतीय तेजपत्ता ही लें, जो असली हो।
तो देखा आपने, हमारे किचन में रखा एक छोटा सा पत्ता कितना गुणकारी है।
अगर आपको यह जानकारी सच्ची और काम की लगी हो, तो इस वीडियो को लाइक कर दीजिए, अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर कर दीजिए, ताकि हर घर तक आयुर्वेद की यह जानकारी पहुंचे।
और ऐसे ही आयुर्वेद के सच्चे और वैज्ञानिक ज्ञान के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकॉन जरूर दबा दीजिए।
मैं मिलता हूँ आपसे अगले वीडियो में एक और नई औषधि के साथ। तब तक स्वस्थ रहिए, आयुर्वेद अपनाइए। नमस्कार!


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