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24.1.26

"पेट की सूजन को न करें नज़रअंदाज़: जानें जड़ से खत्म करने के अचूक आयुर्वेदिक उपाय और सही आहार!


                        


आंतों की सूजन (Inflammatory Bowel Disease - IBD) के लिए कई आयुर्वेदिक दवाएं और उपचार उपलब्ध हैं, जिनमें कुछ सामान्य जड़ी-बूटियाँ और शास्त्रीय औषधियाँ शामिल हैं। इनमें अदरक, हल्दी, त्रिफला, और गिलोय विशेष रूप से प्रभावी माने जाते हैं।
प्रमुख आयुर्वेदिक दवाएं और घरेलू उपचारअदरक (Ginger): अदरक को आंतों की सूजन के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवाओं में से एक माना जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सूजन, जलन और दर्द से राहत दिलाते हैं और पाचन में सुधार करते हैं।
हल्दी (Turmeric):
हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व होता है, जिसमें शक्तिशाली सूजनरोधी गुण होते हैं, जो आंतों की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं
त्रिफला (Triphala): यह आंवला, बिभीतकी और हरीतकी का एक हर्बल मिश्रण है। यह पाचन में सुधार करता है और आंतों की सूजन को कम करने में सहायक हो सकता है।
गिलोय/गुड़ूची (Giloy): इसे बलगुदुची भी कहा जाता है, यह एक प्राकृतिक प्रतिरक्षा बूस्टर है और आंतों की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।
अविपत्तिकर चूर्ण (Avipattikar Churna): यह पित्त को शांत करता है और एसिडिटी, जलन, दस्त और सूजन में फायदेमंद है।
अश्वगंधा चूर्ण (Ashwagandha Churna): यह आंतों की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
धनिया और जीरा (Coriander and Cumin): इनका उपयोग भी आंतों की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। इन्हें हर्बल चाय या भोजन में शामिल किया जा सकता है।
आहार और जीवन शैली में बदलाव
आयुर्वेद केवल दवाओं पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि आहार और जीवन शैली में बदलाव की भी सलाह देता है।
हल्का और सुपाच्य भोजन करें।
घी, मीठा और दूध का सेवन उन लोगों के लिए सीमित या बंद कर देना चाहिए जिन्हें गंभीर कोलाइटिस की समस्या है।
हाइड्रेटेड रहें और हर्बल चाय का सेवन करें।
योग और ध्यान तनाव को कम करने और पाचन में सुधार करने में मदद कर सकते हैं।
आंतों में सूजन (जैसे कोलाइटिस या IBD) के लिए कुछ प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार निम्नलिखित हैं:कुटज (Kutaja): यह आंतों के संक्रमण और सूजन को कम करने के लिए सबसे प्रसिद्ध जड़ी-बूटी है। आप कुटजारिष्ट (Kutajarishta) का सेवन कर सकते हैं।
बेल (Bael): कच्चे बेल का फल आंतों की परत को ठीक करने में मदद करता है। बेल का मुरब्बा या चूर्ण का सेवन खाली पेट करना फायदेमंद होता है।
हल्दी और अदरक: हल्दी में मौजूद 'curcumin' सूजन रोधी गुणों से भरपूर होता है। ताजी हल्दी या अदरक का पानी पीने से आंतों की सूजन कम होती है।
तक्र (मट्ठा/छाछ): आयुर्वेद में मट्ठे को आंतों के रोगों के लिए अमृत माना गया है। इसमें भुना हुआ जीरा और काला नमक मिलाकर पिएं।
गिलोय (Giloy): यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और पुरानी सूजन 
को खत्म करने में मदद करता है।
पुदीना, अदरक, कैमोमाइल, सौंफ और जीरा जैसी हर्बल चाय को अपने आहार में शामिल करने से पेट संबंधी समस्याओं का प्राकृतिक उपचार मिल सकता है। ये चाय न केवल पाचन तंत्र को आराम देती हैं, बल्कि सूजन को कम करके और पाचन क्रिया को बेहतर बनाकर आंतों के समग्र स्वास्थ्य में भी सुधार करती हैं।
आहार में बदलाव: हल्का और सुपाच्य भोजन लें जैसे मूंग दाल की खिचड़ी। अत्यधिक तीखा, तला-भुना और मैदा खाने से बचें।
आंतों में सूजन (Intestinal Inflammation), जिसे चिकित्सकीय भाषा में कोलाइटिस या IBD (Inflammatory Bowel Disease) कहा जाता है, के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. संक्रमण (Infection)
यह सबसे आम कारणों में से एक है। जीवाणु (जैसे साल्मोनेला या ई. कोलाई), वायरस, या परजीवी आंतों की परत को संक्रमित कर सूजन पैदा कर सकते हैं।
2. ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया (Autoimmune Response)
कभी-कभी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) गलती से आंतों की स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला कर देती है। इसमें दो मुख्य बीमारियाँ शामिल हैं: अल्सरेटिव कोलाइटिस: यह केवल बड़ी आंत और मलाशय को प्रभावित करता है।
क्रोहन रोग (Crohn's Disease): यह पाचन तंत्र के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है।
3. खान-पान और जीवनशैलीगलत आहार: अत्यधिक तला-भुना, मसालेदार भोजन, मैदा और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन।
फाइबर और पानी की कमी: आहार में फाइबर कम होने या कम पानी पीने से कब्ज होती है, जिससे आंतों पर दबाव और सूजन बढ़ती है।
तनाव (Stress): मानसिक तनाव पाचन तंत्र और आंतों के माइक्रोबायोम को असंतुलित कर सूजन बढ़ा सकता है।
4. अन्य महत्वपूर्ण कारणदवाओं का प्रभाव: दर्द निवारक दवाओं (NSAIDs) जैसे इबुप्रोफेन या एस्पिरिन का लंबे समय तक सेवन।
आनुवंशिक (Genetic): यदि परिवार में किसी को IBD रहा हो, तो इसके होने की संभावना बढ़ जाती है।
धूम्रपान: तंबाकू का सेवन क्रोहन रोग के जोखिम को बढ़ाता है।
रक्त संचार में कमी: आंतों की धमनियों में रक्त के प्रवाह में कमी (Ischemic Colitis) भी सूजन का कारण बन सकती है।
मुख्य लक्षण: पेट में तेज दर्द, ऐंठन, बार-बार दस्त (कभी-कभी खून के साथ), थकान और बिना कारण वजन कम होना। यदि ये लक्षण एक महीने से अधिक समय तक रहें, तो इसे 'क्रोनिक कोलाइटिस' माना जाता है और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
आंतों में सूजन (Gut Inflammation/IBD) होने पर आसानी से पचने वाला, कम फाइबर और कम वसा वाला भोजन करना चाहिए। दही, पके चावल, आलू, उबली सब्जियां, केला, और लीन प्रोटीन (मछली, चिकन) खाएं। साथ ही, मसालेदार भोजन, तली हुई चीजें, शराब, कैफीन, डेयरी उत्पाद (अगर लैक्टोज असहिष्णुता है), और साबुत अनाज से परहेज करना चाहिए।
आंतों की सूजन में क्या खाएं (सुझाव):आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थ: चावल, खिचड़ी, उबला आलू, शकरकंदी, और दलिया।
प्रोटीन: उबला अंडा, मछली, त्वचा रहित चिकन, और मूंग दाल।
फल और सब्जियां: पके हुए और बिना छिलके वाले फल (जैसे केला, सेब का मुरब्बा) और नरम पकी सब्जियां (जैसे लौकी, गाजर)।
प्रोबायोटिक्स: दही (विशेषकर ताजी और कम वसा वाली) पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाती है।
तरल पदार्थ: पर्याप्त पानी, नारियल पानी, और नारियल का दूध।
आंतों की सूजन में क्या न खाएं (परहेज):तली और मसालेदार चीजें: समोसा, कचौरी, पिज्जा, और ज्यादा मसालेदार करी।
उच्च फाइबर वाले भोजन: साबुत अनाज, कच्ची सब्जियां (सलाद), कच्ची गोभी, ब्रोकली, और बीन्स।
डेयरी उत्पाद: दूध, पनीर, और आइसक्रीम (अगर इनसे दस्त बढ़ते हों तो)।
मीठे और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ: सोडा, जूस, केक, कैंडी, और पैकेटबंद फूड।
शराब और कैफीन: शराब, कॉफी, और चाय।
विशेष टिप्स:एक बार में ज्यादा खाने के बजाय, थोड़ी-थोड़ी देर में कई बार खाएं।
भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं।
सूजन वाली आंत को कैसे शांत करें?
पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली और साबुत अनाज जैसे फाइबर युक्त विकल्प शामिल करने से आंतों की कार्यप्रणाली में सुधार होता है और स्वस्थ माइक्रोबायोम को बढ़ावा मिलता है। दही, केफिर और किमची जैसे किण्वित खाद्य पदार्थ लाभकारी प्रोबायोटिक्स प्रदान करते हैं जो आंतों की सूजन को कम करने और पाचन में सुधार करने में सहायक होते हैं।1

यदि आपका पेट संवेदनशील है, तो आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों का चयन करने से असुविधा से बचा जा सकता है।कच्चे सलाद की जगह नरम पकी हुई सब्जियां।
तले हुए भारी खाद्य पदार्थों के बजाय सादा चावल, इडली या टोस्ट खाएं।
उबले अंडे या अच्छी तरह से पकी हुई दाल जैसी कम वसा वाली प्रोटीन।
खट्टे या कच्चे फलों के बजाय पके हुए फल
ये पेट के लिए अनुकूल खाद्य पदार्थ पाचन तंत्र पर दबाव कम करते हैं और बीमारी या पाचन संबंधी गड़बड़ी से उबरने के दौरान आदर्श होते हैं।