5.9.26

"रोज 1 चम्मच अजवाईन और 7 बीमारियां गायब"




क्या आपको पता है?
आपकी रसोई में एक ऐसी चीज पड़ी है,
जो आपकी 7 बड़ी बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकती है।
रोज सिर्फ 1 चम्मच...
और ना गैस, ना कब्ज, ना मोटापा, ना जोड़ों का दर्द।
मैं आज आपको बताऊंगा,
अजवाईन खाने का सही तरीका क्या है,
कब खानी है, कैसे खानी है,
और किसे अजवाईन भूलकर भी नहीं खानी चाहिए।
वीडियो को आखिर तक देखना,
क्योंकि आखिर में मैं एक ऐसी गलती बताऊंगा जो 90% लोग करते हैं,
जिससे अजवाईन फायदे की जगह नुकसान करने लगती है।
तो चलिए शुरू करते हैं।
नमस्कार, मैं डॉ. दयाराम आलोक
आज हम बात करेंगे अजवाईन के बारे में।
आयुर्वेद में अजवाईन को कहा गया है - "यमानी"।
यमानी यानी जो यम के समान दर्द को नष्ट करे।
अजवाईन में होता है थाइमोल।
यही थाइमोल हमारी पाचन शक्ति को 10 गुना तक बढ़ा देता है।
बीमारी नंबर 1 - गैस, एसिडिटी, खट्टी डकार
पहली बीमारी - गैस और एसिडिटी।
आज हर दूसरे व्यक्ति को गैस है।
पेट फूल जाता है, डकार आती है, सीने में जलन होती है।
क्यों होता है ऐसा?
जब हमारा खाना ठीक से नहीं पचता,
तो पेट में आम बनता है। यही आम गैस बनाता है।
अजवाईन क्या करती है?
अजवाईन सीधे आपके जठराग्नि को तेज करती है।
पेट में पाचक रस ज्यादा बनते हैं, खाना जल्दी पचता है।
कैसे लेनी है?
रात को 1 चम्मच अजवाईन को 1 गिलास पानी में भिगो दें।
सुबह उस पानी को छान कर, हल्का गुनगुना करके,
उसमें आधा नींबू और काला नमक मिलाकर पी लें।
5 दिन में ही आपको फर्क दिखेगा।
खट्टी डकारें बंद हो जाएंगी।
दूसरी बीमारी - पुरानी कब्ज।
सुबह पेट साफ नहीं होता,
तो पूरा दिन खराब हो जाता है।
सिर भारी, आलस, भूख नहीं लगना।
अजवाईन में फाइबर बहुत है।
और थाइमोल आंतों की गति को बढ़ाता है।
यानी आंतें अच्छे से काम करती हैं।
नुस्खा -
1 चम्मच अजवाईन + 1 चम्मच जीरा।
दोनों को हल्का भून लें।
इसमें थोड़ा काला नमक मिलाकर पाउडर बना लें।
रोज रात को खाने के बाद,
गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच ये पाउडर ले लें।
सुबह पेट एकदम साफ।
ये नुस्खा बुजुर्गों के लिए बहुत अच्छा है।
तीसरी बीमारी - मोटापा।
अजवाईन वजन कैसे घटाती है?
तीन तरीके से।
पहला - मेटाबॉलिज्म तेज करती है।
दूसरा - शरीर में जमा एक्स्ट्रा पानी को बाहर निकालती है।
तीसरा - भूख को कंट्रोल करती है, बार-बार खाने की इच्छा खत्म करती है।
फैट कटर ड्रिंक -
1 चम्मच अजवाईन,
1 चम्मच सौंफ,
1 गिलास पानी में रात भर भिगो दें।
सुबह इसे 5 मिनट उबालें।
जब आधा रह जाए तो छान लें।
इसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं।
रोज सुबह खाली पेट 15 दिन तक पियें।
साथ में थोड़ा टहलना जरूर करें।
पेट की चर्बी पिघलने लगेगी।
ध्यान दें - अजवाईन अकेले जादू नहीं करेगी।
खान-पान का ध्यान रखना जरूरी है।
चौथी बीमारी - सर्दी, खांसी और कफ।
बदलते मौसम में नाक बंद, कफ जमा हो जाता है।
अजवाईन की तासीर गर्म है।
ये कफ को पिघला कर बाहर निकालती है।
दो बहुत असरदार प्रयोग -
प्रयोग 1 - काढ़ा।
1 चम्मच अजवाईन + 5 तुलसी के पत्ते + छोटा टुकड़ा अदरक।
1.5 गिलास पानी में उबालें।
जब 1 गिलास रह जाए तो शहद मिलाकर पियें।
प्रयोग 2 - धुंआ।
अजवाईन को तवे पर गर्म करें,
एक रुमाल में बांध कर पोटली बना लें।
इसे सूंघें।
बंद नाक 2 मिनट में खुल जाएगी।
छोटे बच्चों को भी सुला सकते हैं, पास में रख दें।
पांचवी बीमारी - जोड़ों का दर्द।
ठंड में दर्द बढ़ जाता है।
अजवाईन में Anti-inflammatory गुण है।
यानी सूजन को कम करती है।
तेल बनाने की विधि -
100 ग्राम सरसों के तेल में,
2 चम्मच अजवाईन और 4-5 लहसुन की कलियां डालें।
तेल को धीमी आंच पर पकाएं।
जब लहसुन काला पड़ जाए तो तेल छान लें।
इस गुनगुने तेल से घुटनों पर मालिश करें।
बहुत आराम मिलेगा।
और साथ में -
अजवाईन की पोटली से सिकाई भी कर सकते हैं।
छठी बीमारी - बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल।
अजवाईन खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL को कम करने में मदद करती है।
पेट साफ रहेगा तो खून भी साफ रहेगा।
कैसे लें?
सुबह अजवाईन का पानी पीने से,
शरीर में जमा गंदगी बाहर निकलती है।
लिवर साफ होता है, तो कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है।
लेकिन -
जिनको हाई बीपी की दवा चल रही है,
वो अजवाईन ज्यादा मात्रा में ना लें।
क्योंकि इसकी तासीर गर्म है।
सातवीं और आखिरी बीमारी - पेट के कीड़े और कमजोर इम्यूनिटी।
बच्चों के पेट में अक्सर कीड़े हो जाते हैं।
भूख नहीं लगती, वजन नहीं बढ़ता।
अजवाईन में कृमिनाशक गुण है।
ये पेट के कीड़ों को मारती है।
नुस्खा -
आधा चम्मच अजवाईन का चूर्ण + चुटकी भर काला नमक।
गुड़ के साथ सुबह खाली पेट दें। बच्चों को आधी मात्रा दें।
और बड़ों के लिए -
रोज अजवाईन खाने से इम्यूनिटी भी बढ़ती है।
बार-बार सर्दी-जुकाम नहीं होगा।
अब सबसे जरूरी बात।
अजवाईन खानी कैसे है?
मात्रा -
एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिन में 1 से 2 चम्मच से ज्यादा नहीं।
छोटा चम्मच, जो चाय वाला होता है।
सही समय -
सुबह खाली पेट पानी के रूप में,
या रात को खाने के 1 घंटे बाद चूर्ण के रूप में।
कभी भी दोपहर में खाली पेट ज्यादा मात्रा में ना लें।
किसे नहीं खानी चाहिए?
ये जरूर सुनें।
गर्भवती महिलाओं को ज्यादा मात्रा में नहीं लेनी चाहिए।
जिनको अल्सर है, मुंह में छाले पड़ते हैं, उन्हें नहीं लेनी।
जिनको बवासीर में खून आता है, वो परहेज करें।
5 साल से छोटे बच्चों को सीधे अजवाईन ना दें।
वो गलती जो 90% लोग करते हैं
अब वो गलती।
बहुत लोग अजवाईन को कच्चा, ज्यादा मात्रा में,
रोज-रोज महीनों तक खाते रहते हैं।
याद रखिए, अजवाईन दवा है, रोज का भोजन नहीं।
लगातार 15-21 दिन लें, फिर 10 दिन का गैप दें।
और हमेशा भून कर या पानी में उबाल कर लें।
कच्ची अजवाईन तेज होती है, एसिडिटी बढ़ा सकती है।
तो देखा आपने,
सिर्फ 10 रुपये की अजवाईन कैसे लाखों की दवाओं पर भारी है।
आप इनमें से कौन सा नुस्खा ट्राई करना चाहेंगे?
कमेंट में जरूर बताइए।
अगर आपको ये जानकारी काम की लगी,
तो वीडियो को लाइक कर दीजिए।
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आप स्वस्थ रहें, मस्त रहें।
फिर मिलते हैं अगले वीडियो में।
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