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13.11.16

तोरी के स्वास्थवर्धक फायदे



सब्जी के रूप में तोरी हर जगह खाई जाती है। तुरूई को अंग्रजी में लुफफा एक्युटंगुला कहा जाता है। यह कई तरह की बीमारियों के उपचार में काम आती है। बहुत ही कम लोग तुरई के फायदों के बारे में जानते हैं। आदिवासी क्षेत्रों में तुरई को बहुत अच्छे तरह से खाने के लिए बनाया जाता है। आजकल हम लोगों के खान-पान में बदलाव आ गया है जिसकी वजह से शरीर को कई तरह की बीमारियां लगना भी आसान हो गया है। ऐसे में जरूरी है कि जहां हम एक तरफ फास्ट फूड का सेवन अधिक करते हैं उनकी जगह प्राकृतिक सब्जीयों को प्रयोग करके हम कई तरह के बीमारियों से बच सकते हैं। 

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अब जानते हैं तुरई के स्वास्थवर्धक फायदे -

डायबिटीज रोग में तुरई-
मधुमेह यानि डायबिटीज में तुरई एक कारगर औषधि का काम करती है। इसमें इंसुलीन की तरह पेपटाइडस होता है। इसलिए जो लोग शुगर से परेशान हैं वे तुरई की खूब सब्जी खाएं।
लीवर की समस्य में तोरी-
तुरई की सब्जी खाने से लीवर की समस्याएं ठीक होती हैं। इसके अलावा तोरी लीवर में खून को साफ करती है। लीवर के लिए यह किसी गुणकारी औषधि से कम नहीं होती है।

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पथरी निकाले-पथरी को ठीक करने के लिए और इसके दर्द से बचने के लिए आप तुरई के बेल को पानी या फिर दूध के साथ घिसकर एक सप्ताह तक सेवन करें।

पीलिया की बीमारी-
यदि किसी कारणवश पीलिया रोग हो जाए तो आप तोरी के फल के रस की कम से कम दो बूंदे रोगी के नाक में डालें। इस उपाय से नाक से पीले रंग का पदार्थ बाहर आ जाता है और पीलिया जल्दी ठीक हो जाता है।
बालों को काला करने के लिए -

यदि बाल समय से पहले सफेद हो गए हों तो आप तुरई के छोटे-छोटे टुकड़ों को काटकर इसे सुखा लें और इसके सुखे हुए टुुकड़ों को नारियल तेल में मिला लें और कम से कम पांच दिनों तक इसे रखे रहें। और इस तेल को हल्का गरम करने के बाद बालों पर लगाएं । इस तेल कि नियमित मालिश करने से बाल जल्दी काले हो जाते हैं।

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पेट दर्द में-
यदि पेट में दर्द हो रहा हो तो आप तुरई की सब्जी का सेवन करें। यह पेट दर्द दूर करने का आसान उपाय है। पेट दर्द की मुख्य वजह है अपच है। तुरूई अपच को खत्म कर देती है। जो लोग लंबे समय से तोरी की सब्जी खाते हैं उन्हें कब्ज और पेट दर्द नहीं होता है।
दाद, खुजली और खाज -
दाद, खाज और खुजली की समस्या से यदि आप परेशान हैं तो तुरई के बीजों और पत्तों को पानी के साथ पीसकर इसका पेस्ट बनाएं और इसका लेप त्वचा पर लगाएं। यह खुजली और दाद से तुरंत राहत देती है। इसके अलावा आप तुरई के इस पेस्ट को कुष्ठ रोग पर भी लगा सकते हो।