2016-12-05

चूना (Lime) के औषधीय गुण पढ़ कर हैरान हो जायेंगे आप



चूना पत्थर अनेक किस्मों में उपलब्ध है। यह रंग, विन्यास, कठोरता और टिकाऊपन में विभिन्न गुणों का होता है। सघन कणवाले गहन ओर मणिभीय पत्थर गृहनिर्माण के लिये उत्कृष्ट होते हैं। ये कार्यसाधक, दृढ़ और टिकाऊ होते हैं। चूना पत्थर पर तनु अम्ल की क्रिया बड़ी सरलता से होती है, अत: औद्योगिक नगरों के निकट गृहनिर्माण के लिये यह पत्थर ठीक नहीं होता। बनावट और अन्य गुणों की विभिन्नता के कारण चूना पत्थर की दृढ़ता विभिन्न होती है। इसलिये गृहनिर्माण के पूर्व पत्थर की परीक्षा कर लेनी चाहिए।
बहुत बड़ी मात्रा में चूना पत्थर का चूने के निर्माण में उपयोग होता है। १०० किलोग्राम चूने के पत्थर से लगभग ६५ किलोग्राम चूना प्राप्त होता है। शुद्ध चूना पत्थर याखड़िया से, जिसमें छ: प्रतिशत से अधिक सिलिका(Silica) , ऐल्यूमिना(Aelumina) तथा अन्य अपद्रव्य न हों, उत्कृष्ट चूना प्राप्त होता है। चार से सात प्रतिशत संयुक्त सिलिका ऐल्यूमिना वाले मिट्टीयुक्त चूना पत्थर से मध्यम श्रेणी का जलचूना और ११-२५ प्रतिशत संयुक्त सिलिकावाले चूनापत्थर से सर्वोत्कृष्ट श्रेणी का जलचूना प्राप्त होता है।
खाने का चूना बहुत ही गुणकारी और लाभकारी होता है लेकिन इस बारे में सब नहीं जानते हैं. खाने का चूना हमें बिमारियों से दूर रखता है और हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है| अब जानते हैं कि किस तरह चूना हमारे लिए लाभकारी होता है|
स्मरण शक्ति मजबूत करने के लिए ( To Strengthen Memory ) : चूने का प्रयोग करने से स्मरण शक्ति भी बढ़ती है लेकिन चूने का प्रयोग ज्यादा नहीं किया जाना चाहिये, इसलिए केवल चावल के दाने के बराबर चूना ही प्रयोग में लायें| इससे कम बुद्धि वाले व्यक्तियों की याद करने की क्षमता तेज़ होती है. जिन बच्चों का दिमाग देर से काम करता है उनका दिमाग तेज़ी से कम करने लगता है और जिनको धीमा याद होता है उनको जल्दी याद होने लगता है| चूना पढने वाले विद्यार्थियों के लिए बहुत ही गुणकारी और लाभकारी होता है इसको सोने से पहले लें इसका प्रयोग दिमाग को तंदरूस्त और मानसिक बिमारियों से भी दूर रखता है. इसके अलावा IQ लेवल बढ़ाने में भी चूना बहुत लाभकारी होता है|
लम्बाई बढ़ाने में ( To Increase Height ) : जिन इंसानों की लम्बाई नहीं बढती है या फिर कम होती है उनको नाम मात्र चूना दही में मिलाकर खायें. ऐसा करने से लम्बाई बढ़ जाती है. इसके अलावा आप एक चावल के जितना चूना दाल में मिलाकर खायें लम्बाई बढ़ जाती है. आजकल के व्यक्ति अपनी लम्बाई से बहुत परेशान है कि उनकी लम्बाई नहीं बढ़ रही है और तरह तरह के नुस्खे और दवाइयां अपना रहें हैं लकिन आराम नहीं हो रहा है तो वे एक बार जरूर चूने का प्रयोग करें|
बहनों को अपने मासिक धर्म (Menstrual)के समय अगर कुछ भी तकलीफ होती हो तो उसका सबसे अच्छी दवा है चूना।
हमारे घर में जो माताएं है जिनकी उम्र पचास वर्ष हो गयी और उनका मासिक धर्म ((Menstrual)) बंद हुआ उनकी सबसे अच्छी दवा है चूना — गेहूँ के दाने के बराबर चूना हर दिन खाना दाल में, लस्सी में, नही तो पानी में घोल के पीना।
जब कोई माँ गर्भावस्था में है तो चूना रोज खाना चाहिए क्योंकि गर्भवती (Pregnant) माँ को सबसे ज्यादा केल्शियम (Calcium) की जरुरत होती है और चूना केल्शियम का सबसे बड़ा भंडार है। गर्भवती माँ को चूना खिलाना चाहिए

 
अनार के रस में –
अनार का रस एक कप और चूना गेहूँ के दाने के बराबर ये मिलाके रोज पिलाइए नौ महीने तक लगातार दीजिये तो चार फायदे होंगे – पहला फायदा होगा के माँ को बच्चे के जनम के समय कोई तकलीफ नही होगी और नॉर्मल डीलिवरी होगा, दूसरा बच्चा जो पैदा होगा वो बहुत हृष्ट पुष्ट और तंदुरुस्त होगा, तीसरा फ़ायदा वो बच्चा जिन्दगी में जल्दी बीमार नही पड़ता जिसकी माँ ने चूना खाया और चौथा सबसे बड़ा लाभ है वो बच्चा बहुत होशियार होता है बहुत Intelligent और Brilliant होता है उसका IQ बहुत अच्छा होता है।
पीलिया ( Jaundice ) : जो व्यक्ति पीलिया से ग्रसित हो जाते हैं उनको चावल के दाने के बराबर चूना पानी या जूस के साथ दें ऐसा करने से पीलिया में लाभ मिलता है.
शुक्राणु बढ़ाने में ( To Increase Sperm ) : अगर किसी लड़के के शुक्राणु नहीं बनते है या फिर बढ़ते नहीं हैं तो चूना शुक्राणु बनाने और बढ़ाने में लाभकारी होता है. जिन लड़कियों में अंडे नहीं बनते हैं उनको गन्ने के जूस के साथ चूना मिलाकर खिलाने से अंडे बनने लगते हैं. चूना नपुसंकता के रोग को दूर करने में भी गुणकारी साबित होता है|
मासिक धर्म की समस्या ( Menstruation Problem ) :जिन लड़कियों में मासिक धर्म की समस्या होती है या फिर माहवारी चक्र में बदलाव या फिर माहवारी चक्र का रुक जाना इस तरह की परेशानियाँ होती हैं उनके लिए चूना बहुत ही गुणकारी होता है|
दर्द में आराम ( To Relieve in Pain ) : जिन व्यक्तियों को किसी भी कारण से वात की समस्या होने लगती है जिस कारण से कमर में, घुटनों में, हाथों में और कन्धों में दर्द होना शुरू हो जाता है उनको चूना पानी में मिलाकर पिलायें ऐसा करने से दर्द में आराम मिलता है|
शरीर में जब खून (Blood) कम हो जाये तो Lime जरुर लेना चाहिए, एनीमिया है खून की कमी है उसकी सबसे अच्छी दवा है ये Lime, Limeपीते रहो गन्ने के रस में, या संतरे के रस में नही तो सबसे अच्छा है अनार के रस में – अनार के रस में Lime पिए खून बहुत बढता है, बहुत जल्दी खून बनता है – एक कप अनार का रस गेहूँ के दाने के बराबर Lime सुबह खाली पेट।


अगर आपके घुटने में घिसाव (Wear Knee)आ गया और डॉक्टर कहे के घुटना बदल दो तो भी जरुरत नहीं चूना खाते रहिये और हरसिंगार के पत्ते का काढ़ा (Decoction of leaves harsingaar) खाइए घुटने बहुत अच्छे काम करेंगे।
चूना घुटने का दर्द (Knee Pain) ठीक करता है, कमर का दर्द (ठीक lumbar puncture) करता है, कंधे का दर्द (Shoulder Pain) ठीक करता है, एक खतरनाक बीमारी है “Spondylitis” वो चुने से ठीक होता है।
कई बार
हमारे रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) में जो मनके(Beaded) होते है उसमें दूरी बढ़ जाती है Gap आ जाता है – ये चूना ही ठीक करता है उसको; रीड़ की हड्डी की सब बीमारिया चूने से ठीक होता है।
अगर आपकी
हड्डी टूट जाये तो टूटी हुई हड्डी को जोड़ने की ताकत सबसे ज्यादा चूने में है। चूना खाइए सुबह को खाली पेट।
अगर मुंह में ठंडा गरम पानी लगता है तो चूना खाओ बिलकुल ठीक हो जाता है।
मुंह में अगर छाले हो गए है तो चूने का पानी पियो तुरन्त ठीक हो जाता है।

2016-12-03

नमक के पानी से नहाने से होता है रंग गोरा, होंगे और भी अनेक फायदे




दिनभर की भागदौड़ के बाद रात को रिलैक्स की जरूरत होती है। अगर शरीर की थकावट रात को भी दूर न हो तो सारा दिन बेकार जाता है लेकिन ऐसे में आप नमक वाले पानी से नहाकर अपने शरीर की थकान के साथ-साथ कई पेरशानियां दूर कर सकते है।
नमक ज्यादातर सिर्फ खाने में ही काम में लिया जाता है। लेकिन यदि इसे नहाने के पानी में मिलाकर नहाएं तो यह रंग गोरा करने समेत कइ तरह के फायदे भी करता है। नमक में मौजूद मैग्नीशियम, कैल्शियम, सोडियम जैसे मिनरल्स होते हैं जो शरीर को इन्फेक्शन से बचाते हैं। 
नमक के पानी से नहाने पर रंग गोरा होता है। यह स्किन की डेड सेल्स को निकाल देता है तथा स्किन को सॉफ्ट और चमकदार बनाकर रंग निखारता है।
 मसल्स पैन में राहत
शाम को नमक के पानी से नहाने से मसल्स पैन में राहत मिलती है और मसल्स को रिलैक्स फिल होता है।
 इंफैक्शन
नमक के पानी में भरपूर मैग्नीशियम, सोडियम और कैल्शियम होता है। जब आप नमक के पानी से नहाते है तो ये पानी स्किन के पोर्स में जाकर सफाई करते है। इससे स्किन इंफैक्शन का खतरा कम हो जाता है।
 डैंड्रर्फ
नमक के पानी में मौजूद तत्व फंगल इंफैक्शन को रोकने का काम करते है। रोज नमक के पानी से नहाने से डैंड्रर्फ से छुटकारा मिलता है।
यह आपकी त्वचा के लिए अच्छा है
यदि अपने प्राकृतिक और शुद्ध रूप से इस्तेमाल किया जाए तो नमक के पानी में कई मिनरल्स और पोषक तत्व होते हैं जो आपकी त्वचा को जवां बनाते हैं| मैग्नीशियम, कैल्शियम, ब्रोमाइड, सोडियम जैसे मिनरल्स त्वचा के रोम छिद्रों में प्रवेश करते हैं| ये त्वचा की सतह को साफ़ कर इसे स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं|
 मॉइश्चराइजर
नमक के पानी से नहाने से स्किन मॉइश्चराइजर होती है। इससे स्किन सेल्स की अच्छी ग्रोथ होती है। इससे झुर्रिंयों की समस्या भी दूर होती है।
 फेयरनेस


नमक का पानी स्किन के डेड सैल्स को निकालने में मदद करता है। रोज नमक के पानी से नहाने से स्किन सॉफ्ट और शाइनी होती है।
* नमक के पानी से नहाने पर हड्डियों के दर्द में राहत मिलती है। रोज नमक के पानी से नहाने पर ज्वॉइंट पेन की समस्या भी दूर होती है।
त्वचा की नई परत लाने में मददगार
त्वचा पर चमड़ी उतरकर नई चमड़ी आने से भी त्वचा स्वस्थ रहती है| फोस्फेट्स जैसे नमक के पानी से नहाने से डिटर्जेंट की भांति सफाई होती है और चमड़ी उतरकर नई चमड़ी आती है| इससे त्वचा नरम और मुलायम रहती है|
* नमक के पानी से नहाने से ब्लउ सर्कुलेशन सही रहता है तथा इससे ब्रेन फंक्शंस बेहतर होते हैं।
*नमक के पानी से नहाने से ब्लउ सर्कुलेशन सही रहता है तथा इससे ब्रेन फंक्शंस बेहतर होते हैं। तनाव दूर होकर दिमाग को शांति मिलती है।
यह डिटॉक्सीफिकेशन बढ़ाता है
नमक के पानी से नहाने से त्वचा से जहरीले तत्व बाहर निकलते हैं| गर्म पानी त्वचा के रोम छिद्रों को खोलता है| इससे मिनरल्स त्वचा के अंदर जाकर गहराई तक सफाई करते हैं| नमक का पानी जहरीले और नुकसानकारी पदार्थों और बैक्टीरिया को त्वचा से बाहर निकालता है और इसे जवां बनाता है|
* नमक के पानी से नहाने से मसल्स को आराम मिलता है तथा मसल्स पेन से राहत मिलती है।
* नमक के पानी में भरपूर मग्नीशियम, कैल्शियम, सोडियम जैसे खनिज-लवण होते हैं। ये स्किन की तह तक जाकर सफाई करते हैं जिससें स्किन में इन्फेक्शन का खतरा टलता है।
* नमक के पानी से नहाने पर स्किन मॉइश्चराइज होती है। इससे स्किन सेल्स की अच्छी ग्रोथ होने के साथ ही वो हेल्दी भी बनती है। इससे स्किन के दाग और झुर्रियां भी दूर होती है।
यह त्वचा को जवां बनाये रखता है


नियमित रूप से नमक के पानी से नहाने से दाग और झुर्रियां कम होती हैं| त्वचा नरम और मुलायम बनती है| यह त्वचा को फुलावट भरा बनाता है और स्किन मॉइस्चर का संतुलन बनाये रखता है|
* नमक के पानी में मौजूद तत्व स्किन की फंगस को हटा देते हैं तथा डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा दिलाते हैं।
*नमक के पानी से नहाने पर थकान और स्ट्रेस दूर होते हैं। दिमाग को शांति मिलती है तथा रात को अच्छी नींद आती है।
मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है
नमक के पानी से स्नान शारीरिक के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है| इस पानी से स्नान करने के बाद आप ज्यादा शांत, खुश और आराम महसूस करेंगे| यह एक शानदार स्ट्रेस बस्टर है| यह मानसिक शांति भी बढ़ाता है|
 *नमक के पानी से नहाने पर बालों के बैक्टीरिया खत्म होते हैं तथा बाल हेल्दी और चमकदार होते हैं।
 *नमक के पानी में मौजूद तत्व शरीर का ऑयल लेवल कंट्रोल करते हैं। यह शरीर में एसिडिटी की समस्या को दूर करने में मदद करता है।

2016-12-01

गर्भावस्था मे सूखे मेवे खाने के फायदे


मेवों में आवश्यक विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये गर्भावस्था के दौरान आपकी पोषण संबंधी जरुरतों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
मेवे फाइबर से भरपूर होते हैं, विशेषतः बाहर से भूरे आवरण वाले मेवे। फाइबर गर्भावस्था में आमतौर पर होने वाली कब्ज की समस्या में आराम देता है।
बादाम, अखरोट जैसे मेवे आयरन और प्रोटीन के भी अच्छे स्त्रोत हैं। अगर आप शाकाहारी हैं, तो आपके लिए ये विशेष रुप से फायदेमंद हो सकते हैं।
पर्याप्त मात्रा में आयरन का सेवन रक्त की कमी (एनीमिया) को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन सी आयरन को कुशलता पूर्वक अवशोषित करने में शरीर की सहायता करता है। इसलिए शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ाने के लिए मेवों का सेवन संतरे के रस या नींबू पानी के साथ करें।
यह ध्यान रखिए कि मेवों में अत्याधिक वसा और कैलोरी होती है, विशेषतः अगर वे तले हुए या चीनी से लेपित हैं। एक स्वस्थ और संतुलित आहार के लिए, यह बेहतर है कि मेवों को उनकी प्राकृतिक अवस्था में और अन्य किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह नियंत्रित मात्रा में ही खाया जाए। मुट्ठी भर मेवे एक दिन के लिए पर्याप्त हैं।

नीचे दिए गए रेखा-चित्र में दर्शाया गया है कि सबसे सामान्य मेवों में कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं और वे कैसे आप व आपके गर्भ में बढ़ रहे शिशु की मदद करते हैं:मेवे
पोषक तत्व का नाम
यह पोषक तत्व किसमें लाभकारी है
बादाम,
खजूर
अंजीर
कैल्शियम
कैल्शियम गर्भावस्था के दौरान हाइपरटेंशन और प्री-एक्लेमप्सिया के जोखिम को कम कर देता है। यह आपके शिशु की मजबूत हड्डियां व दांत, स्वस्थ नसें व मांसमेशियां विकसित करने में मदद करता है।
काजू,
खुबानी,
चिलगोजा,
पिस्ता,
अखरोट
तांबा (कॉपर)
कॉपर शरीर में संग्रहित आयरन का उपयोग करने में शरीर की मदद करता है। अंगों और मांसपेशियों के सुचारु रुप से काम करने के लिए भी यह महत्वपूर्ण है।
खजूर,
खुबानी,
सूखे सेब,
सूखे केले,
अंजीर,
मूंगफली,
किशमिश
फाइबर (रेशेदार खाद्य पदार्थ)
फाइबर ह्दय रोग और मधुमेह को रोकने में मदद करता है। यह वजन को नियंत्रित करता है और पाचन में सुधार लाता है। गर्भावस्था में कब्ज जैसी आम शिकायत को रोकने में मदद करता है और रक्तचाप को कम रखने में भी सहायक है।
खजूर,
अंजीर,
किशमिश
आयरन
शरीर में आयरन की पर्याप्त मात्रा खून की कमी एनीमिया से बचाती है।
बादाम,
काजू,
मूंगफली,
पिस्ता,
अखरोट
मैंगनीज
मैंगनीज स्वस्थ हड्डियों के लिए महत्पवूर्ण है। यह आपके और आपके शिशु के वजन को ठीक रखने में मदद करता है। यह आपके शिशु का अपने स्तर से छोटे होने का खतरा भी कम करता है। यह आपके चयापचय, थाइराइड, रक्त शर्करा और सामान्य कंकाल विकास को नियमित करने में मदद करता है।
बादाम,
काजू,
सूखे केले,
चिलगोजा,
किशमिश
मैग्नीशियम
हड्डियों के विकास व रखरखाव और नसों व मांसपेशियों के समुचित कार्य को सुनिश्चित करता है। मल त्याग में भी मदद करता है।
अखरोट
ओमेगा 3 फैट
आपके अजन्मे शिशु के मस्तिष्क और आंखों के विकास में मदद करता है।
काजू,
मूंगफली
फॉस्फोरस
स्वस्थ हड्डियों के गठन में मदद करता है। रक्त के थक्के बनाता है और दिल की सामान्य लय विकसित करता है।
खजूर,
खुबानी,
सूखे सेव,
सूखे केले,
किशमिश
पोटेशियम
मांसपेशियों पर नियंत्रण और रक्तचाप में सुधार करता है। यह हाइपरटेंशन को रोकने में मदद के लिए जाना जाता है।
बादाम,
मूंगफली,
पिस्ता
प्रोटीन
वजन बढ़ाने में मदद करता है और शिशु के जन्म के समय का वजन बढ़ाने में मददगार 


है।
शिशु का अपने स्तर से छोटे होने का जोखिम भी काफी हद तक कम करता है।
बादाम
राइबोफ्लेविन
ऊर्जा उत्पादन और शिशु की हड्डियों, मांसपेशियों और मस्तिष्क के विकास में सहायक है।
खुबानी
विटामिन ए
आंखों , त्वचा और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक।
सूखे केले,
पिस्ता
विटामिन बी 6
एनीमिया की रोकथाम में मदद करता है। दिल की बीमारियों और उच्च कोलेस्ट्रोल को ठीक करता है।
सूखे केले
विटामिन सी
प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और ह्दय रोग को रोकने में मदद करता है। यह भी शिशु के मस्तिष्क के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
बादाम,
खुबानी,
मूंगफली,
चिलगोजा
विटामिन ई
गर्भावस्था के बाद के चरणों में उच्च-रक्तचाप (प्री-एक्लेम्पसिया) के कारण होने वाली समस्याओं को रोक सकता है।
चिलगोजा
विटामिन के
सामान्य रक्त थक्कों के विकास और हड्डियों के लिए प्रोटीन बनाने के लिए आवश्यक।
चिलगोजा





प्रतिरक्षण प्रणाली को सुधारता है। आपके शिशु के अंगों, कंकाल, नसों और संचरण प्रणाली के गठन में मदद करता

2016-11-30

मेथी के दानों से बेहतर होगी सेक्स लाइफ



   मेथी दाना, भारत के घर-घर में मसाले के रूप में उपयोग किया जाता है लेकिन मेथीदाना का यह गुण सिर्फ हमारे आयुर्वेद में ही छुपा था कि यह सेक्स लाइफ को बेहतर बनाता है। फिर भी अपनी यौन क्रियाओं को बढ़ाने की इच्छा रखने वाले भारतीय पुरुष अक्सर पश्चिम के उत्पादों की तरफ देखते हैं। किंतु अब इसकी जरूरत नहीं है, क्योंकि इस भारतीय मसाले के बारे में विदेशों में सिद्ध हो गया है कि मेथी इसमें सक्षम है|
गौरतलब है कि भारत में कढ़ी और सब्जियों में इस्तेमाल की जाने वाली मेथी मुख्य तौर पर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में उगाई जाती है। बालों के लिए भी मेथीदाना को गलाकर पेस्ट बनाकर उपयोग किया जाता है। इससे बाल मुलायम, काले और चिकने होते हैं। इसके साथ में ये पुरुषों के लिए अत्यंत लाभकारी है.


मेथी के बीजों का काढ़ा-
मेथी के बीजों का काढ़ा मधुमेह और ब्लड प्रेशर के रोगियों को लाभ पहुंचाता है।
*कभी-कभी रोगी कोलेस्ट्रॉल घटाने वाली एलोपैथिक दवाइयां नहीं सहन कर सकते। ऐसे में यदि वे चाय के पानी में थोड़ा-सा मेथी का काढ़ा डाल कर पिएं तो फायदा होगा।
*कहा जाता है कि यदि गर्भावस्था में मेथी के बीज खाएं या इनका काढ़ा दो या तीन बार लें तो बच्चे के जन्म के बाद पर्याप्त मात्रा में शिशु को दूध मिलेगा और आप अपने शिशु को सही मात्रा में दूध पिला सकेंगी व दूध की कमी नहीं होगी। 
मेथी के बीजों का काढ़ा बनाने का एक आसान तरीका- 
चाय के दो चम्मच मेथी के बीज, एक प्याला पानी में उबालें। इसे दस मिनट तक धीमी आंच पर उबलने दें। अब इसे गैस से उतार लें। ठंडा होने के बाद यह काढ़ा दिन में तीन बार लें।
*यदि आपको पथरी की शिकायत है तो सर्दियों में सुबह सबसे पहले मेथी के काढ़े वाला पानी पिएं। यह पथरी गलाने में मदद करता है।


*ताजा अनुसंधान बताते हैं कि मेथी के बीज में पाया जाने वाला सैपोनीन पुरुषों में पाए जाने वाले टेस्टोस्टेरॉन हॉरमोन में उत्तेजना पैदा करता है। स्वस्थ सेक्स लाइफ के लिए गुणकारी मेथी का प्रचलन इसे पढ़कर बढ़ तो सकता है लेकिन यह सावधानी जरूरी है कि अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन न करें यह गर्म तासीर की वस्तु है। अधिक मात्रा में लेने से यह त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
• शिशु के जन्म की प्रक्रिया को आसान करता है-
मेथी शिशु के जन्म की प्रक्रिया को आसान बनाने में बहुत मदद करता है। यह शिशु के जन्म के समय गर्भाशय के संकुचन को बढ़ाकर जन्म की प्रकिया को आसान करने में मदद करता है। इसके कारण यह प्रसव वेदना को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन एक बात का ध्यान रखें गर्भधारण के अवस्था में अत्यधिक मात्रा में मेथी न खायें, इससे गर्भपात होने का खतरा बढ़ जाता है।
• स्तन के आकार को बढ़ाता है-
अगर आप स्तन के छोटे आकार को लेकर शर्मिंदा महसूस करते हैं तो मेथी को अपने रोज के आहार में शामिल करें। इसका एस्ट्रोजेन हार्मोन स्तन के आकार को बढ़ाने में मदद करता है।

2016-11-29

पपीता से करें मोटापा निवारण

    

 मोटापा एक बड़ी समस्या है और साथ ही कई गंभीर बीमारियों का कारण भी। वहीं मोटापा घटाना भी एक चुनौति पूर्ण काम हैं, लेकिन असंभव  कतई नहीं। बशर्ते आपने मोटापा कम करने का सही तरीका चुना हो। तो चलिये इस बार पपाया-ब्लैक पैपर याने पपीता और काली मिर्च प्रयोग  करके देखिये। यह  असरदार घरेलू नुस्खा आपकी कमर को कुछ इंच ज़रूर कम कर पाएगा। असरदार, सस्ते व कारगर होने के चलते घरेलू नुस्खों को सदियों से अपनाया जाता रहा है। कच्चा पपीता और काली मिर्च का संयोजन भी वजन कम करने के लिए एक कारगर घरेलू गुस्खा है।
पपीते के गुण-
पपीता एंटीऑक्सीडेंट जैसे खनिज - पोटेशियम और मैग्नीशियम, विटामिन सी, बी और ई तथा एन्जाइम्स का प्रचुर श्रोत होता है। यही कारण है कि पपीता को गुणों की खान कहा जाता है। यह पेट का बेहतर खयाल रखता है और त्वचा की खूबसूरती को भी निखारता है। यह कई बीमारियों से शरीर को दूर रखने वाला पपीता स्वाद मे  भी  भी बेजोड़ होता है। नियमित पपीता खाते रहने से कमर की अतिरिक्त चर्बी भी दूर होती है।

तो यदि आप आप मोटे हैं या पाचनतंत्र में गड़बड़ी है? आंतें कमजोर हैं या भूख नहीं लगती? तो फिर एक मामूली  पपीता ही आपकी ऐसी दजर्नों समस्याओं का निवारक बन सकता है। पपीते को पेट के लिए तो वरदान माना जाता है। इसमें पाये जाने वाला तत्व पेप्सिन भोजन को पचाने में मदद करता है।
मिर्च -
मिर्च आपके चयापचय दर को बढ़ाने में मदद करती है और कच्चे पपीते की ही तरह एक गर्म मसाला है। यह एक पाचन उत्तेजक है और कच्चे पपीते के साथ मिलकर आंतों की अंदरूनी परत के समुचित कार्य को बढ़ावा देते हुए वजन कम करने में मदद करता है। जी हां, लाल मिर्च आपके वजन को संतुलित रखने में मदद करती है। एक शोध के मुताबिक खाने में लाल मिर्च का पाउडर मिलाने से आपकी मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया तेज होती है और भोजन के बाद शरीर से अवांछित कैलोरी कम होती है और मोटापा नहीं बढ़ता है।
कैसे करें इस नुस्खे का उपयोग?
सबसे पहले एक कच्चा पपीता लें, इसे छीलें और फिर छोटे-छोटे चौकोर आकार में काट लें। अब, थोड़ा पानी लें -जितना पपीते को पकाने के लिये काफी हो और इसमें थोड़ा नमक स्वाद के लिये और फिर दो छोटे चम्मच पीसी मिर्च के मिलायें। अब कटे हुए पपीते के टुकड़ों को इस घोल में डाल दें और पाकाना शुरू करें। अनुकूल  परिणाम के लिए दिन में एक बार इस पकवान को खाएं। आप चाहें तो  कच्चे पपीते और मिर्च का सलाद भी खा सकते हैं।

2016-11-28

गारंटी के साथ बालों को काला करे ये उपाय



 हर किसी को बाल काले ही अच्‍छे लगते हैं लेकिन जब यह बिना बुढापे के ही सफेद होने लगें तो दिल घबरा सा जाता है। पर आपको जानना होगा कि बाल सफेद क्‍यों हो जाते हैं वो भी तब जब हमारी खेलने खाने की उम्र होती है। जब बालों में मिलेनिन पिगमेंटेशन की कमी हो जाती है तब बाल अपना काला रंग खो देते हैं और सफेद हो जाते हैं।हांलाकि बालों का सफेद होना आज कल आम सी बात हो गई है इसलिये इसके लिये घबराना बिल्‍कुल नहीं चाहिये।
कम उम्र में बाल सफेद होना युवाओं में एक आम समस्या है। असमय बालों के सफेद होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से अनियमित दिनचर्या, खाने में पोषक तत्वों की कमी, कमजोरी और अनुवांशिक कारण मुख्य हैं। ऐसे में, बालों को फिर से काला बनाने के लिए एक बढ़िया डाइट प्लान और प्राकृतिक नुस्खों से बेहतर कोई उपाय नहीं है। चलिए, आज जानते हैं ऐसे ही कुछ आसान घरेलू नुस्खों के बारे में जिन्हें अपनाकर सफेद बालों को फिर से काला बनाया जा सकता है।
अगर आपके बाल बहुत जल्दी सफेद हो
ने लगे हैं तो आपके लिए आंवला और गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद रहेगा. आंवला, गुड़हल और तिल का पेस्ट बना लें. इसमें नारियल तेल की कुछ बूंदे मिलाकर स्कैल्प पर मसाज करने से फायदा होगा.
*एक छोटी कटोरी मेहँदी पावडर लें, इसमें दो बड़े चम्मच चाय का पानी, दो चम्मच आँवला पावडर, शिकाकाई व रीठा पावडर, एक चम्मच नीबू का रस, दो चम्मच दही, एक अंडा (जो अंडा न लेना चाहें वे न लें), आधा चम्मच नारियल तेल व थोड़ा-सा कत्था। यह सामग्री लोहे की कड़ाही में रात को भिगो दें। सुबह हाथों में दस्ताने पहनकर बालों में लगाएँ, त्वचा को बचाएँ, ताकि रंग न लगने पाए। दो घंटे बाद धो लें। यह आयुर्वेदिक खिजाब है, इससे बाल काले होंगे, लेकिन इन्हें कोई नुकसान नहीं होगा।
काली चाय पैन में पानी डालें, उसमें 2 चम्‍मच चाय की पत्‍ती डाल कर खौलाएं और जब यह पानी ठंडा हो जाए तो इसे छान कर बालों में लगाएं। इसे लगाने के बाद बालों में शैंपू न लगाएं वरना असर खत्‍म हो जाएगा।
*कडी पत्‍ता अपनी डाइट में कडी पत्‍ता शामिल करें। इसे आप चटनी के रूप में खा सकते हैं। इसको खाने से बालों का सफेद होना रुक जाएगा।
हेयर ऑयल नारियल तेल को कडी पत्‍ता और आमला के साथ गरम करें। इस तेल को लगातार लगाने से बाल मजबूत होगें और उसका पुराना रंग वापस आ जाएगा।
*नारियल तेल में करी पत्ता उबालें, जब करी पत्ते काले हो जाएं तो तेल को ठंडा करके बोतल में भर लें। इस तेल को रोजाना बालों में लगाएं, लाभ होगा।
* लौकी को सुखाकर नारियल तेल में उबाल लें। इस तेल को छानकर बोतल में भर लें। इस तेल की मसाज करने से बाल काले हो जाएंगे।

* ब्राह्मी की पत्तियों को पीसकर या इसका तेल बनाकर बालों में लगाएं, बाल काले होने लगेंगे।
*तुरई को काटकर नारियल तेल में तब तक उबालें, जब तक वह काली न हो जाए। इस तेल को रोजाना बालों में लगाने से बाल काले हो जाते हैं।
*आंवले के साथ आम की गुठली को पानी मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को बालों में लगाकर एक घंटे बाद बाल धो लें।
* काली अखरोट को पानी में उबालकर उस पानी को ठंडा करके बाल धोएं। कम उम्र में सफेद हुए बाल फिर से काले हो जाएंगे।
* बालों को हमेशा ठंडे और साफ पानी से धोएं।
* हरे आंवले का पेस्ट बनाकर बालों की जड़ों में लगाएं या आंवला पाउडर में नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाएं।
* कच्चे प्याज को टुकड़े कर मिक्सर में पीस लें। इसका रस बालों की जड़ों में लगाएं। नियमित उपयोग से कम उम्र में सफेद हुुए बाल काले हो जाते हैं। साथ ही, बाल गिरने भी कम हो जाते हैं।
* दो चम्मच मेहंदी पाउडर, एक चम्मच दही,1चम्मच मेथीदाना पाउडर, तीन चम्मच कॉफी, दो चम्मच तुलसी पाउडर के मिश्रण को बालों में लगाएंं और तीन घंटे बाद सिर धो लें।
* अदरक को छीलकर मिक्सर में पीस लें। इसे छानकर रस निकाल लें। फिर अदरक के रस में शहद मिलाकर बालों की जड़ों में लगाएं। एक घंटे बाद बाल धो लें। लगातार यह उपाय करने से कम उम्र में सफेद हुए बाल फिर से काले हो जाएंगे।
* नारियल तेल में नींबू का रस मिलाकर स्कल्प पर लगाएं। यह उपाय रोज करें, सफेद बाल काले होने लगेंगे।
* हफ्ते में दो बार गाय के दूध से बनी छाछ को बालों की जड़ों में लगाएं। कम उम्र में बाल सफेद नहीं होंगे।
*एक नींबू के रस में उतना ही पानी मिलाकर मिश्रण बना लें। शैंपू करने के बाद बालों में डालें, कुछ देर रहने दें और फिर साफ पानी से धो लें।
* आंवले का रस, नींबू का रस और बादाम का तेल मिलाकर बालों की जड़ों में लगाएं।
* मेथी दानों को रातभर पानी में भिगो दें। सुबह मेथी दानों को दही में पीसकर बालों में लगाएं। एक घंटे बाद बाल धो लें।
* आमलकी रसायन आधा चम्मच प्रतिदिन सेवन करने से बाल प्राकृतिक रूप से जड़ से काले हो जाते हैं।
* सफेद बालों को कभी भी उखाड़ें नहीं, ऐसा करने से ये ज्यादा संख्या में बढ़ते हैं। सफेद बाल निकालना हों तो कैंची से काट दें या उन्हें काला करने वाला उपाय अपनाएँ।
* त्रिफला, नील, लोहे का बुरादा- तीनों 1-1 चम्मच लेकर भृंगराज पौधे के रस में डालकर रात को लोहे की कड़ाही में रख दें। प्रातः इसे बालों में लगाकर, सूख जाने के बाद धो डालें।
* रात को सोते समय नाक में दोनों तरफ षडबिन्दु तेल की 2-2 बूँद नियमित रूप से टपकाते रहें।
- आधा कप दही में एक ग्राम काली मिर्च और थोड़ा नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाएं, फायदा होगा।
* अमरूद की पत्तियों का पेस्ट बनाकर बालों में लगाएं, लाभ होगा।
* बाल धोने से पहले बालों में ऐलोवेरा जेल की मसाज करें। बाल घने और काले हो जाएंगे।
* 250 ग्राम सरसों के तेल में मेहंदी के पत्तों को उबालें। इस तेल को छानकर बोतल में भरकर रख लें। रोजाना रात को सोने से पहले बालों में लगाएं।
* मेहंदी की पत्तियों में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर पीस लें। इसमें एक चम्मच कॉफी पाउडर और एक अंडा मिलाएं। इस मिश्रण को बालों में लगाएं और 45 मिनट के बाद बाल धो लें।

सफेद बाल फिर काले हो जाएंगे :
* आंवले के कुछ टुकड़ों को नारियल तेल में उबाल लें। तेल को इतना उबालें कि आंवले काले हो जाएं। इस तेल को रोजाना बालों में लगाने से सफेद बाल फिर से काले होने लगते हैं।
* सूरजमुखी, खुबानी, गेहूं, अजमोद और पालक आदि लौह तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करें। केला, गाजर और मछली जैसे आयोडिन युक्त चीजें खाना भी फायदेमंद होता है। इसके अलावा, विटामिन बी5 और बी2 को भी अपने भोजन में शामिल कर लेना चाहिए।
ये सभी प्रयोग धीरे-धीरे बालों को काला करने वाले हैं। कोई भी एक प्रयोग लगातार 5-6 माह तक करते रहें। षडबिन्दु तेल का प्रयोग अन्य प्रयोग करते हुए भी कर सकते हैं।

2016-11-27

मौत को छोड कर हर मर्ज की औषधि है कलौंजी


मिठाईयों पर लगने वाली काले रंग की कलौंजी तो सबने देखी होंगी। इसका इस्तेमाल मीठी चाशनी में किया जाता है। लेकिन शायद ही किसी ने इस बात की तरफ ध्यान दिया होगा कि यह कलोंजी महज स्वाद के अलावा बहुत से फायदे कराती है। सिवाय मौत से बचने के अलावा कलौंजी हमारे शरीर को हर तरह से ख़राब होने से बचाती है। आइए जानते है काले रंग कि इस कलौंजी के छोटे से बीजों के बड़े फायदे - ये हैं फायदे कलौंजी के बीजों का सीधा सेवन किया जा सकता है। एक छोटा चम्मच कलौंजी को शहद में मिश्रित करके इसका सेवन करें। पानी में कलौंजी उबालकर छान लें और इसे पीएं। कलौंजी को रीठा के पत्तों के साथ काढ़ा बनाकर पीने से गठिया रोग समाप्त होता है। दूध ब्रेड में ऐसे करें इस्तेमाल दूध में कलौंजी को उबालें। ठंडा होने दें फिर इस मिश्रण को पीएं। कलौंजी को ग्राइंड करें तथा पानी तथा दूध के साथ इसका सेवन करें। कलयुग में धरती पर संजीवनी है कलौंजी, अनगिनत रोगों को चुटकियों में ठीक करती है।
 कैसे करें इसका सेवन?
• कलौंजी के बीजों का सीधा सेवन किया जा सकता है।
एक छोटा चम्मच कलौंजी को शहद में मिश्रित करके इसका सेवन करें।
• पानी में कलौंजी उबालकर छान लें और इसे पिएँ।
• दूध में कलौंजी उबालें। ठंडा होने दें फिर इस मिश्रण को पिएँ।
• कलौंजी को ग्राइंड करें व पानी तथा दूध के साथ इसका सेवन करें।
• कलौंजी को ब्रैड, पनीर तथा पेस्ट्रियों पर छिड़क कर इसका सेवन करें।
 ये किन-किन रोगों में सहायक है?
1. टाइप-2 डायबिटीज:
प्रतिदिन 2 ग्राम कलौंजी के सेवन के परिणामस्वरूप तेज हो रहा ग्लूकोज कम होता है। इंसुलिन रैजिस्टैंस घटती है,बीटा सैल की कार्यप्रणाली में वृद्धि होती है तथा ग्लाइकोसिलेटिड हीमोग्लोबिन में कमी आती है।
2. उच्च रक्तचाप:
100 या 200 मि.ग्रा. कलौंजी के सत्व के दिन में दो बार सेवन से हाइपरटैंशन के मरीजों में ब्लड प्रैशर कम होता है।
रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) में एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीने से रक्तचाप सामान्य बना रहता है। तथा 28 मि.ली. जैतुन का तेल और एक चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर पूर शरीर पर मालिश आधे घंटे तक धूप में रहने से रक्तचाप में लाभ मिलता है। यह क्रिया हर तीसरे दिन एक महीने तक करना चाहिए।
३. गंजापन:
जली हुई कलौंजी को हेयर ऑइल में मिलाकर नियमित रूप से सिर पर मालिश करने से गंजापन दूर होकर बाल उग आते हैं।
4. त्वचा के विकार:
कलौंजी के चूर्ण को नारियल के तेल में मिलाकर त्वचा पर मालिश करने से त्वचा के विकार नष्ट होते हैं।
5. मुँहासे:
सिरके में कलौंजी को पीसकर रात को सोते समय पूरे चेहरे पर लगाएं और सुबह पानी से चेहरे को साफ करने से मुंहासे कुछ दिनों में ही ठीक हो जाते हैं।
6. स्फूर्ति:
स्फूर्ति (रीवायटल) के लिए नांरगी के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सेवन करने से आलस्य और थकान दूर होती है।
7. गठिया:
कलौंजी को रीठा के पत्तों के साथ काढ़ा बनाकर पीने से गठिया रोग समाप्त होता है।
8. जोड़ों का दर्द:
एक चम्मच सिरका, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय पीने से जोड़ों का दर्द ठीक होता है।
9. आँखों के सभी रोग:
आँखों की लाली, मोतियाबिन्द, आँखों से पानी का आना, आँखों की रोशनी कम होना आदि। इस तरह के आँखों के रोगों में एक कप गाजर का रस, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में 2बार सेवन करें। इससे आँखों के सभी रोग ठीक होते हैं। आँखों के चारों और तथा पलकों पर कलौंजी का तेल रात को सोते समय लगाएं। इससे आँखों के रोग समाप्त होते हैं। रोगी को अचार, बैंगन, अंडा व मछली नहीं खाना चाहिए।
10. स्नायुविक व मानसिक तनाव:
एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल डालकर रात को सोते समय पीने से स्नायुविक व मानसिक तनाव दूर होता है।
11. गांठ:
कलौंजी के तेल को गांठो पर लगाने और एक चम्मच कलौंजी का तेल गर्म दूध में डालकर पीने से गांठ नष्ट होती है।
12. मलेरिया का बुखार:
पिसी हुई कलौंजी आधा चम्मच और एक चम्मच शहद मिलाकर चाटने से मलेरिया का बुखार ठीक होता है।
13 मिर्गी:
2007 में हुए एक अध्ययन के अनुसार मिर्गी से पीड़ित बच्चों में कलौंजी के सत्व का सेवन दौरे को कम करता है।
14. स्वप्नदोष:
यदि रात को नींद में वीर्य अपने आप निकल जाता हो तो एक कप सेब के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करें। इससे स्वप्नदोष दूर होता है। प्रतिदिन कलौंजी के तेल की चार बूंद एक चम्मच नारियल तेल में मिलाकर सोते समय सिर में लगाने स्वप्न दोष का रोग ठीक होता है। उपचार करते समय नींबू का सेवन न करें।
15. पीलिया:
एक कप दूध में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर प्रतिदिन 2 बार सुबह खाली पेट और रात को सोते समय 1 सप्ताह तक लेने से पीलिया रोग समाप्त होता है। पीलिया से पीड़ित रोगी को खाने में मसालेदार व खट्टी वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।
16. कैंसर का रोग:
एक गिलास अंगूर के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 3 बार पीने से कैंसर का रोग ठीक होता है। इससे आंतों का कैंसर, ब्लड कैंसर व गले का कैंसर आदि में भी लाभ मिलता है। इस रोग में रोगी को औषधि देने के साथ ही एक किलो जौ के आटे में 2 किलो गेहूं का आटा मिलाकर इसकी रोटी, दलिया बनाकर रोगी को देना चाहिए। इस रोग में आलू, अरबी और बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए। कैंसर के रोगी को कलौंजी डालकर हलवा बनाकर खाना चाहिए।
17. दांत:
कलौंजी का तेल और लौंग का तेल 1-1 बूंद मिलाकर दांत व मसूढ़ों पर लगाने से दर्द ठीक होता है। आग में सेंधानमक जलाकर बारीक पीस लें और इसमें 2-4 बूंदे कलौंजी का तेल डालकर दांत साफ करें। इससे साफ व स्वस्थ रहते हैं।
दांतों में कीड़े लगना व खोखलापन: रात को सोते समय कलौंजी के तेल में रुई को भिगोकर खोखले दांतों में रखने से कीड़े नष्ट होते हैं।
18 . नींद:
रात में सोने से पहले आधा चम्मच कलौंजी का तेल और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से नींद अच्छी आती है।
19. लकवा:
कलौंजी का तेल एक चौथाई चम्मच की मात्रा में एक कप दूध के साथ कुछ महीने तक प्रतिदिन पीने और रोगग्रस्त अंगों पर कलौंजी के तेल से मालिश करने से लकवा रोग ठीक होता है।
20. कान की सूजन, बहरापन:
कलौंजी का तेल कान में डालने से कान की सूजन दूर होती है। इससे बहरापन में भी लाभ होता है।
21. सर्दी-जुकाम:
कलौंजी के बीजों को सेंककर और कपड़े में लपेटकर सूंघने से और कलौंजी का तेल और जैतून का तेल बराबर की मात्रा में नाक में टपकाने से सर्दी-जुकाम समाप्त होता है। आधा कप पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल व चौथाई चम्मच जैतून का तेल मिलाकर इतना उबालें कि पानी खत्म हो जाए और केवल तेल ही रह जाए। इसके बाद इसे छानकर 2 बूंद नाक में डालें। इससे सर्दी-जुकाम ठीक होता है। यह पुराने जुकाम भी लाभकारी होता है।
22. कलौंजी को पानी में उबालकर इसका सत्व पीने से अस्थमा में काफी अच्छा प्रभाव पड़ता है।
23. छींके:
कलौंजी और सूखे चने को एक साथ अच्छी तरह मसलकर किसी कपड़े में बांधकर सूंघने से छींके आनी बंद हो जाती है।
24. पेट के कीडे़:
दस ग्राम कलौंजी को पीसकर 3 चम्मच शहद के साथ रात सोते समय कुछ दिन तक नियमित रूप से सेवन करने से पेट के कीडे़ नष्ट हो जाते हैं।
25. प्रसव की पीड़ा:
कलौंजी का काढ़ा बनाकर सेवन करने से प्रसव की पीड़ा दूर होती है।
26 पोलियों का रोग:
आधे कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद व आधे चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय लें। इससे पोलियों का रोग ठीक होता है।
27. मासिकधर्म:
• कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से मासिकधर्म शुरू होता है। इससे गर्भपात होने की संभावना नहीं रहती है।
• जिन माताओं बहनों को मासिकधर्म कष्ट से आता है उनके लिए कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में सेवन करने से मासिकस्राव का कष्ट दूर होता है और बंद मासिकस्राव शुरू हो जाता है।
कलौंजी का चूर्ण 3 ग्राम की मात्रा में शहद मिलाकर चाटने से ऋतुस्राव की पीड़ा नष्ट होती है।
• मासिकधर्म की अनियमितता में लगभग आधा से डेढ़ ग्राम की मात्रा में कलौंजी के चूर्ण का सेवन करने से मासिकधर्म नियमित समय पर आने लगता है।
• यदि मासिकस्राव बंद हो गया हो और पेट में दर्द रहता हो तो एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम पीना चाहिए। इससे बंद मासिकस्राव शुरू हो जाता है।
कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन 2-3 बार सेवन करने से मासिकस्राव शुरू होता है।
28. कब्ज:
चीनी 5 ग्राम, सोनामुखी 4 ग्राम, 1 गिलास हल्का गर्म दूध और आधा चम्मच कलौंजी का तेल। इन सभी को एक साथ मिलाकर रात को सोते समय पीने से कब्ज नष्ट होती है।
29. खून की कमी:
एक कप पानी में 50 ग्राम हरा पुदीना उबाल लें और इस पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट एवं रात को सोते समय सेवन करें। इससे 21 दिनों में खून की कमी दूर होती है। रोगी को खाने में खट्टी वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।
30. पेट दर्द:
किसी भी कारण से पेट दर्द हो एक गिलास नींबू पानी में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीएं। उपचार करते समय रोगी को बेसन की चीजे नहीं खानी चाहिए। या चुटकी भर नमक और आधे चम्मच कलौंजी के तेल को आधा गिलास हल्का गर्म  पानी मिलाकर पीने से पेट का दर्द ठीक होता है। या फिर 1 गिलास मौसमी के रस में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीने से पेट का दर्द समाप्त होता है।
31. सिर दर्द:
कलौंजी के तेल को ललाट से कानों तक अच्छी तरह मलनें और आधा चम्मच कलौंजी के तेल को 1 चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से सिर दर्द ठीक होता है। कलौंजी खाने के साथ सिर पर कलौंजी का तेल और जैतून का तेल मिलाकर मालिश करें। इससे सिर दर्द में आराम मिलता है और सिर से सम्बंधित अन्य रोगों भी दूर होते हैं।
कलौंजी के बीजों को गर्म करके पीस लें और कपड़े में बांधकर सूंघें। इससे सिर का दर्द दूर होता है।
कलौंजी और काला जीरा बराबर मात्रा में लेकर पानी में पीस लें और माथे पर लेप करें। इससे सर्दी के कारण होने वाला सिर का दर्द दूर होता है।
32. उल्टी:
आधा चम्मच कलौंजी का तेल और आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर सुबह-शाम पीने से उल्टी बंद होती है।
33. हर्निया:
तीन चम्मच करेले का रस और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह खाली पेट एवं रात को सोते समय पीने से हार्निया रोग ठीक होता है।
34. मिर्गी के दौरें:
एक कप गर्म पानी में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करने से मिर्गी के दौरें ठीक होते हैं। मिर्गी के रोगी को ठंडी चीजे जैसे- अमरूद, केला, सीताफल आदि नहीं देना चाहिए।

35. गर्भवती महिलाओं को वर्जित:
*गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं कराना चाहिए क्योंकि इससे गर्भपात हो सकता है।*
36. स्तनों का आकार:

कलौंजी आधे से एक ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से स्तनों का आकार बढ़ता है और स्तन सुडौल बनता है।
37. स्तनों में दूध:
कलौंजी को आधे से 1 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से स्तनों में दूध बढ़ता है।
38. स्त्रियों के चेहरे व हाथ-पैरों की सूजन:
कलौंजी पीसकर लेप करने से हाथ पैरों की सूजन दूर होती है।
39. बाल लम्बे व घने:
50 ग्राम कलौंजी 1 लीटर पानी में उबाल लें और इस पानी से बालों को धोएं इससे बाल लम्बे व घने होते हैं।
40. बेरी-बेरी रोग:
बेरी-बेरी रोग में कलौंजी को पीसकर हाथ-पैरों की सूजन पर लगाने से सूजन मिटती है।
41. भूख का अधिक लगना:
50 ग्राम कलौंजी को सिरके में रात को भिगो दें और सूबह पीसकर शहद में मिलाकर 4-5 ग्राम की मात्रा सेवन करें। इससे भूख का अधिक लगना कम होता है।
42. नपुंसकता:
कलौंजी का तेल और जैतून का तेल मिलाकर पीने से नपुंसकता दूर होती है।
43. खाज-खुजली:
50 ग्राम कलौंजी के बीजों को पीस लें और इसमें 10 ग्राम बिल्व के पत्तों का रस व 10 ग्राम हल्दी मिलाकर लेप बना लें। यह लेप खाज-खुजली में प्रतिदिन लगाने से रोग ठीक होता है।
44. नाड़ी का छूटना:
नाड़ी का छूटना के लिए आधे से 1 ग्राम कालौंजी को पीसकर रोगी को देने से शरीर का ठंडापन दूर होता है और नाड़ी की गति भी तेज होती है। इस रोग में आधे से 1 ग्राम कालौंजी हर 6 घंटे पर लें और ठीक होने पर इसका प्रयोग बंद कर दें। कलौंजी को पीसकर लेप करने से नाड़ी की जलन व सूजन दूर होती है।
45. हिचकी:
एक ग्राम पिसी कलौंजी शहद में मिलाकर चाटने से हिचकी आनी बंद हो जाती है। तथा कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में मठ्ठे के साथ प्रतिदिन 3-4 बार सेवन से हिचकी दूर होती है। या फिर कलौंजी का चूर्ण 3 ग्राम मक्खन के साथ खाने से हिचकी दूर होती है। और यदि
3 ग्राम कलौंजी पीसकर दही के पानी में मिलाकर खाने से हिचकी ठीक होती है।
46. स्मरण शक्ति:
लगभग 2 ग्राम की मात्रा में कलौंजी को पीसकर 2 ग्राम शहद में मिलाकर सुबह-शाम खाने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।
47. पेट की गैस:
कलौंजी, जीरा और अजवाइन को बराबर मात्रा में पीसकर एक चम्मच की मात्रा में खाना खाने के बाद लेने से पेट की गैस नष्ट होता है।
48. पेशाब की जलन:
250 मिलीलीटर दूध में आधा चम्मच कलौंजी का तेल और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से पेशाब की जलन दूर होती है।

2016-11-26

आपको हमेशा जंवा बनाए रखता है ये सुपरफूड,(राई) गठिया में .भी है रामबाण!




आज जिस सुपर फूड के बारे में हम आपको बता रहे हैं। वो सेहत को बहुत फायदा पहुंचाता है। राई हर घर में आसानी से मिल जाता है। इसे सरसों के नाम से भी जाना जाता है।
* कभी-कभी ऐसा होता है कि अचानक हमें घबराहट महसूस होने लगती है। इस समस्या से राई आपको निजात दिला सकता है। राई को पीस लें और जब भी ऐसी दिक्कत हो उसे हाथ और पैरों के तलवे पर मलें, फायदा होगा।
 

अगर आपको बालों से जुड़ी समस्याएं जैसे डैंड्रफ और बालों का झड़ना परेशान कर रहा है तो राई को घोलकर उसका पतला लेप बनाकर बालों पर लगाएं।
*जुकाम की समस्या होने पर राई को शहद में मिलाकर सूंघें। जुकाम से आराम मिलेगा।
*राई के दानों में ग्लूकोसाइनोलेट्स नाम का तत्व पाया जाता है जो कि कैंसर के सैल्स को बढ़ने से रोकता है।
*अगर आप गठिया रोग से पीड़ित हैं तो राई को अपने खाने में जरूर शामिल करें। इसमें सैलेनियम और मैग्नीशियम पाया जाता है जो कि गठिया के दर्द से निजात दिलाता है।
*माइग्रेन के दर्द से भी राई आपको बचा सकता है। अगर आप मछली खाते हैं तो उसे राई के तड़के से पकाएं। ऐसा करने से इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड उत्पन्न होता है जो माइग्रेन के दर्द से निजात दिलाता है।
*राई नेचुरल स्क्रब का भी काम करता है। राई को पीसकर इसमें गुलाबजल मिला लें। इसको रोजाना चेहरे पर उबटन की तरह लगाने से आपके चेहरे कि डेड स्किन निकल जाएगी।
*Raeeराई में फ्लैनेवॉयड और कैरेटिनॉयड पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं तो त्वचा को जल्दी बूढ़ा होने से बचाता है।

2016-11-25

मुहासे ,पिंपल व झाइयों के दाग के निशान हटाने के रामबाण नुस्खे




 *चेहरे को अच्छी तरह धो लें | उसके बाद एक चम्मच मलाई में तीन या चार बादाम पीसकर उसका पेस्ट बना लें | इस पेस्ट से रात को चेहरे की मसाज करके सो जाए और सुबह उठकर बेसन से चेहरे को धो लें और उसके बाद चेहरे को साफ़ पानी से धो लीजिए ऐसा करने से चेहरे की झाइयाँ समाप्त हो जाती है 
 *एक चम्मच मलाई में नीम्बू के रस की पांच से छह बूंदे डाल लेनी है और चेहरे को धोने के बाद इस पेस्ट से चेहरे की मसाज कीजिए ऐसा करने से चेहरे की झाइयाँ जल्द ही समाप्त हो जायेंगी|
* खरबूजे के बीज और उसके छिलके पानी की मदद से पीस लेनें है | इस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर रखिए और इसके बाद इसे पानी से धो लीजिए इस प्रयोग से झाइयाँ खत्म हो जाती है |
*दो चम्मच बेसन में आधा चम्मच नीम्बू का रस और आधा चम्मच हल्दी मिलाकर उसको दिन में तीन बार 15 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखना है |  


ऐसा करने से भी आपको लाभ प्राप्त होता है |
*जौ के आटे में शहद मिलाकर उसको चेहरे पर लगा लेना है और जब यह सूख जाए तो इसके उपर दही को लगा ले कुछ देर बाद पानी से इसको धो लें ऐसा करने से त्वचा के सभी प्रकार के दागों को दूर किया जा सकता है |
*उड़द की दाल के पाउडर में गुलाबजल, ग्लिसरीन तथा बादाम रोगन तेल को मिलाकर इसको चेहरे पर लगा लेना है और 15 मिनट के बाद इसको गुनगुने पानी से धो लेना है | ऐसा करने से झाइयाँ समाप्त हो जाती है |
*बरगद से निकलने वाले दूध को चेहरे पर लगाने से लगाने से भी झाइयाँ ख़त्म हो जाती है
*गाजर तथा गाजर के रस से भी झाइयों से बचा जा सकता है |
*पपीते को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर चेहरे पर घिसने से भी चेहरे की झाइयों को दूर किया जा सकता
है |
*शहद की मदद से भी चेहरे की झाइयों को खत्म किया जा सकता है |
*तुलसी के पत्तो का रस तथा संतरे के रस को रात को सोते समय चेहरे पर लगा लेना है और सुबह उठकर उसे गुनगुने पानी से धो लेना है | इससे भी झाइयों में आराम मिलता है |
सरसों के तेल को प्रतिदिन नाभि में लगाने से चेहरा तथा होंठ मुलायम बन जाते है

10 दिन मे शुगर कैसे खत्म करें?



भारत में : करीब 6 करोड़ लोगों को डाइबटीज है , हर 2 मिनट में एक आदमी डाइबटीज से मर जाता हैं !
दुष्प्रभाव: किसी की किडनी खराब हो रही है ,किसी का लीवर खराब हो रहा है , किसी को लकवा हो रहा है किसी को हृदयाघात हो रहा है !
भोजन पेट में जाकर एक प्रकार के ईंधन में बदलता है जिसे ग्लूकोज कहते हैं। यह एक प्रकार की शर्करा होती है। ग्लूकोज हमारे रक्त धारा में मिलता है और शरीर की लाखों कोशिकाओं में पहुंचता है। pancreas (अग्न्याशय) ग्लूकोज उत्पन्न करता है इनसुलिन भी रक्तधारा में मिलता है और कोशिकाओं तक जाता है।
मधुमेह या चीनी की बीमारी एक खतरनाक रोग है। रक्त ग्लूकोज (blood sugar level ) स्तर बढा़ हूँआ मिलता है, यह रोग मरीजों के (रक्त मे गंदा कोलेस्ट्रॉल,) के अवयव के बढने के कारण होता है। इन मरीजों में आँखों, गुर्दों, स्नायु, मस्तिष्क, हृदय के क्षतिग्रस्त होने से इनके गंभीर, जटिल, घातक रोग का खतरा बढ़ जाता है।
मधुमेह बीमारी का असली कारण जब तक आप लोग नही समझेगे आपकी मधुमेह कभी भी ठीक नही हो सकती है जब आपके रक्त में वसा (गंदे कोलेस्ट्रोल)LDL की मात्रा बढ जाती है तब रक्त में मोजूद कोलेस्ट्रोल कोशिकाओ के चारों तरफ चिपक जाता है !और खून में मोजूद जो इन्सुलिन है कोशिकाओं तक नही पहुँच पाता है (इंसुलिन की मात्रा तो पर्याप्त होती है किन्तु इससे द्वारो को खोला नहीं जा सकता है, अर्थात पूरे ग्लूकोज को ग्रहण कर सकने के लिए रिसेप्टरों की संख्या कम हो सकती है)
ऐसी स्थिति मे हम क्या करें- मेरा सुझाव है कि आप insulin पर ज्यादा निर्भर ना रहें !  


क्यूंकि  insulin डाईबीटीज़ से भी ज्यादा खराब है |लेकिन कुछ स्थितियों मे इंसुलिन से रोगी के प्राण बचाए जा सकते हैं|
अब  अचूक असर शुगर  रोग नाशक योग लिख देता हूँ:
100 ग्राम (मेथी का दाना )ले ले इसे धूप मे सूखा कर पत्थर पर पीस कर इसका पाउडर बना लें !
100 ग्राम (तेज पत्ता ) लेलें इसे भी धूप मे सूखा कर पत्थर पर पीस कर इसका पाउडर बना लें !
150 ग्राम (जामुन की गुठली )लेलें इसे भी धूप मे सूखा कर पत्थर पर पीस कर इसका पाउडर बना लें !
250 ग्राम (बेलपत्र के पत्ते ) लेलें इसे भी धूप मे सूखा कर पत्थर पर पीस कर इसका पाउडर बना लें
मेथी का दना – 100 ग्राम
तेज पत्ता ——- 100 ग्राम
जामुन की गुठली -150 ग्राम
बेलपत्र के पत्ते – 250 ग्राम
इन सबका पाउडर बनाकर इन सबको आपस मे मिला लें ! बस दवा तैयार है !!
इसे सुबह -शाम खाली पेट 1 से डेड चम्मच से खाना खाने से एक घण्टा पहले गरम पानी के साथ लें |
2 से 3 महीने लगातार इसका सेवन करें !

एक और शुगर की बीमारी का रामबाण नुस्खा नोट कर लें:-
इंद्रजौ
बादाम
चना
तीनों चीजों को बराबर मात्रा मे लेकर अलग अलग कूट लीजिये, थोडा दरदरा पावडर बनाए और कांच के जार में रख लें और खाने के बाद एक चाय वाला चम्मच एक दिन में केवल एक बार खाएं सादे जल से. लें|
इस नुस्खे के रिजल्ट का अंदाजा आप यूं लगा सकते हैं कि अगर इसको उसकी मात्रा से ज्यादा लिया जाए तो शुगर इसके सेवन से लो होने लगती है बादाम को इस वजह से शामिल किया गया यह शुगर रोगी की दुर्बलता कमजोरी सब दूर कर देता है चने को इन्द्रजो की कड़वाहट थोड़ी कम करने के लिए मिलाया गया है|