29.12.15

कलौंजी के गुण और लाभ


कलौंजी में बहुत सारे मिनरल्स और न्यूट्रिएंट्स होते हैं. आयरन, सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम और फाइबर से भरपूर कलौंजी कई प्रकार के रोगों का घर बैठे इलाज है. लगभग 15 एमीनो एसिड वाला कलौंजी शरीर के लिए जरूरी प्रोटीन की कमी भी पूरी करता है.

बालों को लाभ


कलौंजी के लाभ में से सबसे बड़ा लाभ बालों को होता है. अनहेल्दी लाइफस्टाइल, स्ट्रेस जैसी कई समस्याओं से महिला हो या पुरुष, दोनों के ही साथ बालों के गिरने की समस्या आम हो चुकी है. इसके लिए तमाम तरह के ट्रीटमेंट कराने पर भी फायदा नहीं होता. लेकिन घर में मौजूद कलौंजी इस समस्या के निपटारे में बहुत ही कारगर उपाय है. सिर पर 20 मिनट तक नींबू के रस से मसाज करें और फिर अच्छे से धो लें. इसके बाद कलौंजी का तेल बालों में लगाकर उसे अच्छे से सूखने दें. लगातार 15 दिनों तक इसका इस्तेमाल बालों के गिरने की समस्या को दूर करता है.


पुरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) बढ़ने से मूत्र - बाधा  का  अचूक  इलाज 

कलौंजी ऑयल, 
ऑलिव ऑयल और मेहंदी पाउडर को मिलाकर हल्का गर्म करें. ठंडा होने दें और हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल करें. इससे गंजेपन की समस्या भी दूर होती है.
कलौंजी की राख को तेल में मिलाकर गंजे  सर पर मालिश करें कुछ दिनों में नए बाल पैदा होने लगेंगे. इस प्रयोग में धैर्य महत्वपूर्ण है.

कलौंजी के अन्य लाभ


डायबिटीज से बचाता है, 
पिंपल की समस्या दूर, 
मेमोरी पावर बढ़ाता है,
 सिरदर्द करे दूर,
 अस्थमा का इलाज, 
जोड़ों के दर्द में आराम,
आंखों की रोशनी,
 कैंसर से बचाव, 
ब्लड प्रेशर करे कंट्रोल|

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

कलौंजी एक बेहद उपयोगी मसाला है. इसका प्रयोग विभिन्न व्यंजनों जैसे दालों, सब्जियों, नान, ब्रेड, केक और आचार आदि में किया जाता है|
कलौंजी की सब्जी भी बनाई जाती है|
कलौंजी में एंटी-आक्सीडेंट भी मौजूद होता है जो कैंसर जैसी बीमारी से बचाता है|
कलौंजी का तेल कफ को नष्ट करने वाला और रक्तवाहिनी नाड़ियों को साफ़ करने वाला होता है. इसके अलावा यह खून में मौजूद दूषित व अनावश्यक द्रव्य को भी दूर रखता है| कलौंजी का तेल सुबह ख़ाली पेट और रात को सोते समय लेने से बहुत से रोग समाप्त होते हैं|गर्भावस्था के समय स्त्री को कलौंजी के तेल का उपयोग नहीं कराना चाहिए इससे गर्भपात होने की सम्भावना रहती है|
कलौंजी का तेल बनाने के लिए 50 ग्राम कलौंजी पीसकर ढाई किलो पानी में उबालें. उबलते-उबलते जब यह केवल एक किलो पानी रह जाए तो इसे ठंडा होने दें. कलौंजी को पानी में गर्म करने पर इसका तेल निकलकर पानी के ऊपर तैरने लगता है| इस तेल पर हाथ फेरकर तब तक कटोरी में पोछें जब तक पानी के ऊपर तैरता हुआ तेल खत्म न हो जाए. फिर इस तेल को छानकर शीशी में भर लें और इसका प्रयोग औषधि के रूप में करें|

दमा, खांसी, एलर्जीः एक कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद तथा आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह निराहार (भोजन से पूर्व) पी लेना चाहिए, फिर रात में भोजन के बाद उसी प्रकार आधा चम्मच कलौंजी और एक चम्मच शहद गर्म पानी में मिलाकर इस मिश्रण का सेवन कर लेना चाहिए. इस प्रकार 40 दिनों तक प्रतिदिन दो बार पिया जाए. सर्दी के ठंडे पदार्थ वर्जित हैं|

मधुमेहः 

एक कप काली चाय में आधा चाय का चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह नाश्ते से पहले पी लेना चाहिए. फिर रात को भोजन के पश्चात सोने से पहले एक कप चाय में एक चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर पी लेना चाहिए. चिकनाई वाले पदार्थों के उपयोग से बचें. इस इलाज के साथ अंगे्रजी दवा का उपयोग होता है तो उसे जारी रखें और बीस दिनों के पश्चात शर्करा की जांच करा लें. यदि शक्कर नार्मल हो गई हो तो अंग्रेजी दवा बंद कर दें, किंतु कलौंजी का सेवन करते रहें|

हृदय रोगः 


एक कप दूध में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर प्रतिदिन दो बार प्रयोग करें. इस तरह दस दिनों तक उपचार चलता रहे. चिकनाई वाले पदार्थों का सेवन न करें|
नेत्र रोगों की चिकित्साः
 नेत्रों की लाली, मोतियाबिंद, आंखों से पानी का जाना, आंखों की तकलीफ और आंखों की नसों का कमजोर होना आदि में एक कप गाजर के जूस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार सुबह (निराहार) और रात में सोते समय लेना चाहिए. इस प्रकार 40 दिनों तक इलाज जारी रखें. नेत्रों को धूप की
अपच या पेट दर्द में आप कलौंजी का काढा बनाइये फिर उसमे काला नमक मिलाकर सुबह शाम पीजिये. दो दिन में ही आराम देखिये|
*कैंसर के उपचार में कलौजी के तेल की आधी बड़ी चम्मच को एक ग्लास अंगूर के रस में मिलाकर दिन में तीन बार लें|
*हृदय रोग, ब्लड प्रेशर और हृदय की धमनियों का अवरोध के लिए जब भी कोई गर्म पेय लें, उसमें एक छोटी चम्मच तेल मिला कर लें|
*सफेद दाग और लेप्रोसीः 15 दिन तक रोज पहले सेब का सिरका मलें, फिर कलौंजी का तेल मलें.
कलौंजी के तेल को हल्का गर्म करके जहां दर्द हो वहां मालिश करें और एक बड़ी चम्मच तेल दिन में तीन बार लें. 15 दिन में बहुत आराम मिलेगा|
एक बड़ी चम्मच कलौंजी के तेल को एक बड़ी चम्मच शहद के साथ रोज सुबह लें, आप तंदुरूस्त रहेंगे और कभी बीमार नहीं होंगे; स्वस्थ और निरोग रहेंगे |
याददाश्त बढाने के लिए और मानसिक चेतना के लिए एक छोटी चम्मच कलौंजी का तेल 100 ग्राम उबले हुए पुदीने के साथ सेवन करें|
पथरी हो तो कलौंजी को पीस कर पानी में मिलाइए फिर उसमे शहद मिलाकर पीजिये, १०-११ दिन प्रयोग करके टेस्ट करा लीजिये.कम न हुई हो तो फिर १०-११ दिन पीजिये|
अगर गर्भवती के पेट में बच्चा मर गया है तो उसे कलौंजी उबाल कर पिला दीजिये, बच्चा निकल जायेगा.और गर्भाशय भी साफ़ हो जाएगा|
किसी को बार-बार हिचकी आ रही हो तो कलौंजी के चुटकी भर पावडर को ज़रा से शहद में मिलकर चटा दीजिये|
अगर किसी को पागल कुत्ते ने काट लिया हो तो आधा चम्मच से थोडा कम करीब तीन ग्राम कलौंजी को पानी में पीस कर पिला दीजिये, एक दिन में एक ही बार ३-४ दिन करे|
जुकाम परेशान कर रहा हो तो इसके बीजों को गरम कीजिए ,मलमल के कपडे में बांधिए और सूंघते रहिये.
दो दिन में ही जुकाम और सर दर्द दोनों गायब . कलौंजी की राख को पानी से निगलने से बवासीर में बहुत लाभ होता है|
कलौंजी का उपयोग चर्म रोग की दवा बनाने में भी होता है. कलौंजी को पीस कर सिरके में मिलाकर पेस्ट बनाए और मस्सों पर लगा लीजिये. मस्से कट जायेंगे. मुंहासे दूर करने के लिए कलौंजी और सिरके का पेस्ट रात में मुंह पर लगा कर सो जाएँ|
जब सर्दी के मौसम में सर दर्द सताए तो कलौंजी और जीरे की चटनी पीसिये और मस्तक पर लेप कर लीजिये|
घर में कुछ ज्यादा ही कीड़े-मकोड़े निकल रहे हों तो कलौंजी के बीजों का धुँआ कर दीजिये|


किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि




14.12.15

नींबू से करें रोगों का ईलाज






1) बहरापन हो तो नींबू के रस में दालचीनी का तेल मिलाकर डालें।
2) आधा कप गाजर के रस में नींबू निचोड़कर पिएं, रक्त की कमी दूर होगी।
3) दो चम्मच बादाम के तेल में नींबू की दो बूंद मिलाएं और रूई कीसहायता
से दिन में कई बार घाव पर लगाएं, घाव बहुत जल्द ठीक हो जाएगा।
4) प्रतिदिन नाश्ते से पहले एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच
ज़ैतून का तेल पीने से पथरी से छुटकारा मिलता है।
5) किसी जानवर के काटे या डसे हुए भाग पर रूई से नींबू का रस लगांए,
लाभ होगा

पित्त पथरी (gallstone) की अचूक औषधि

6) शुद्ध शहद में नींबू की शिकंजी पीने से मोटापा दूर होता है।
7) नींबू के सेवन से सूखा रोग दूर होता है।
8) नींबू का रस एवं शहद एक-एक तोला लेने से दमा में आराम मिलता है।
9) नींबू का छिलका पीसकर उसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन ठीक होता है।
10) नींबू में पिसी काली मिर्च छिड़क कर जरा सा गर्म करके चूसने से
मलेरिया ज्वर में आराम मिलता है।
11) नींबू के रस में नमक मिलाकर नहाने से त्वचा का रंग निखरता है
और सौंदर्य बढ़ता है।

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

12) नौसादर को नींबू के रस में पीसकर लगाने से दाद ठीक होता है।
13) नींबू के बीज को पीसकर सिर पर लगाने से गंजापन दूर होता है।
14) एक गिलास गर्म पानी में नींबू डाल कर पीने से पांचन क्रिया ठीक
रहती है।
15) रक्तचाप, खांसी, क़ब्ज़ और पीड़ा में भी नींबू चमत्कारिक प्रभाव दिखाता
है।
16) विशेषज्ञों का कहना है कि नींबू का रस विटामिन सी, विटामिन, बी
कैल्शियम,फ़ास्फ़ोरस, मैग्नीशियम, प्रोटीन और कार्बोहाईड्रेट से समृद्ध
होता है।
17) विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मसूढ़ों से ख़ून रिसता हो तो प्रभावित
जगहपर नींबू का रस लगाने से मसूढ़े स्वस्थ हो जाते हैं।

बिना आपरेशन प्रोस्टेट वृद्धि की अचूक औषधि

18) नींबू का रस पानी में मिलाकर ग़रारा करने से गला खुल जाता है।
19) नींबू के रस को पानी में मिलाकर पीने से त्वचा रोगों से भी बचाव
होता है अतः त्वचा चमकती रहती है, कील मुंहासे भी इससे दूर होते
हैं और झुर्रियों की भी रोकथाम करता है।
20) नींबू का रस रक्तचाप को संतुलित रखता है।
21) अगर बॉडी में विटामिन सी की मात्रा कम हो जाए, तो एनिमिया, जोड़ों
का दर्द, दांतों की बीमारी, पायरिया, खांसी और दमा जैसी दिक्कतें हो
सकती हैं। नीबू में विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए
इन बीमारियों से दूरी बनाने में यह आपकी मदद करता है।
22) पेट खराब, पेट फूलना, कब्ज, दस्त होने पर नीबू के रस में थोड़ी सी
अजवायन जीरा, हींग, काली मिर्च और नमक मिलाकर पीने से आपको
काफी राहत मिलेगी।

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका के अचूक उपचार

23) गर्मी में बुखार होने पर अगर थकान महसूस हो रही हो या पीठ और
बांहों में दर्द हो, तो भी आपके पास नींबू का उपाय है। आप एक चम्मच
नींबू के रस में दस बूंद तुलसी की पत्तियों का रस, चार काली मिर्च और
दो पीपली का चूर्ण मिलाकर लें। इसे दो खुराक के तौर सुबह-शाम लें।
24) चेहरे पर मुंहासे होना एक आम समस्या है। इसे दूर करने के लिए
नींबू रस में चंदन घिसकर लेप लगाएं। अगर दाद हो गया है, तो इसी
लेप में सुहागाघिसकर लगाएं, आपको आराम मिलेगा।
25) कई बार लंबी दूरी की यात्रा करने पर शरीर में बहुत थकान महसूस
होती है। ऐसे में एक गिलास पानी में दो नींबू निचोड़कर उसमें 50 ग्राम
किशमिश भिगो दें। रातभरभीगने के बाद सुबह किशमिश पानी में मथ
लें। यह पानी दिनभर में चारबार पिएं। इससे एनर्जी मिलेगी और बॉडी
की फिटनेस भी बनी रहेगी।

*किडनी फेल रोग का अचूक इलाज*

26) अधिक थकान और अशांति के कारण कई बार नींद नहीं आती। अगर
आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो लेमन रेमेडी अपनाएं। रात को
सोने से पहले हाथ-पांव, माथे, कनपटी व कान के पीछे सरसों के तेल
की मालिश करें।इसके बाद थोड़े से नीबू के रस में लौंग घिसकर चाट
लें। ऐसा करने से आपको नींद बहुत जल्दी आएगी।
27) मोटापे से आजकल हर तीसरा व्यक्ति परेशान होता है। इससे छुटकारा
पाने के लिए आप मूली के रस में नीबू का रस व थोड़ा नमक मिलाकर
नियमित रूप से लें। मोटापा दूर होगा।
28) अगर याददाश्त कमजोर हो गई है, तो गिरी, सोंठ का चूर्ण और मिश्री
को पीसकर नींबू के रस में मिलाएं। फिर इसे धीरे-धीरे उंगली से चाटें।

मर्दानगी(सेक्स पावर) बढ़ाने के नुस्खे

29) सुंदर दिखना तो सभी चाहते हैं। अगर आपकी भी यही चाहत है,
तो एक चम्मच बेसन, आधा चम्मच गेहूं का आटा, आधा चम्मच
गुलाब जल और आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर लोशन तैयार करें।
इसे धीरे-धीरे चेहरे पर मलें। कुछ ही दिनों में आपका चेहरा निखर
जाएगा।
30) जहां तक हो सके, कागजी पीले रंग के नीबू का उपयोग करें। इसमें दो
चुटकी सेंधा नमक या काला नमक मिला कर ले सकते हैं।