31.5.19

असली नकली केसर की पहिचान ऐसे करें

   


आजकल बाज़ार में सभी चीजों में मिलावट होती है और इन मिलावटी चीजों में असली और नकली की पहचान करना बहुत ही मुश्किल है। आज हम आपको केसर के बारे में बताते है। क्योंकि केसर बहुत महंगा होता है, केसर खरीदते समय, असली और नकली केसर की पहचान होना बहुत ज़रूरी है। तो चलिए आज जानते हैं शुद्ध और असली केसर कैसे पहचाने......केसर महंगे मसालों में से एक है। हमारे देश में केसर का इस्‍तेमाल सेहत और सौंदर्य दोनों के ल‍िहाज से किया जा सकता है। केसर की पैदावार सबसे ज्यादा भारत में जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में होती है। साथ ही आसपास के जगहों पर लोग इसकी खेती करते हैं। अगस्त-सितंबर के दौरान केसर को रोपने का काम होता है और अक्टूबर-दिसंबर तक इसके फूल निकल आते हैं। भारत में असली केसर बाजार में तीन से साढ़े तीन लाख रुपये किलो बिकता है। इसके महंगे होने का कारण इसकी कठिन खेती है।
मार्केट में असली केसर के नाम पर कई दुकानदार नकली केसर बेच रहे हैं। हम में से कई लोग असली और नकली केसर में अंतर नहीं पहचान पाते हैं। हम नकली केसर को भी असली समझ कर इस्‍तेमाल में ले लेते हैं। आज हम बता रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स और ट्रिक्स जिससे असली और नकली केसर में फर्क पहचान सकते हैं।
केसर की खुश्‍बू केसर के एक रेशे को अपनी जीभ पर रखें और हल्का चबाएं। अगर केसर का स्वाद आपको मीठेपन में लगे तो समझ लीजिये कि आप नकली केसर का स्वाद चख रहें हैं क्यूंकि असली केसर की पहचान मीठी खुशबू और कड़वे स्वाद द्वारा ही की जा सकती है।
ठंडे पानी में मिलाकर देखें थोड़ा सा ठंडा पानी किसी कांच की बोतल में डालें और अब इसमें 2-4 रेशे केसर की डालें। अगर केसर तुरंत अपना रंग छोड़ने लगा है तो वह नकली है क्यूंकि रंग हमेशा उसी का उतरेगा जिस पर रंग चढ़ा होगा। असली केसर धीरे धीरे अपना पीला रंग छोड़ता है अब अगर केसर असली है तो पानी डालकर इसमें ऊँगली घुमाएं आप देखेंगे कि केसर लगातार अपना रंग छोड़ रहा है और इसकी भीनी-भीनी खुशबू और रंग अगर 15-20 मिनट तक रहे या हाथ धोने के बाद भी ना जाए तो समझ जाएं कि केसर असली है।
गर्म जगह पर रखकर देखें केसर के धागे हमेशा सूखे होते हैं, पकड़ने से टूट जाते हैं और गर्म जगह पर केसर रखने से यह खराब हो जाता है जबकि नकली केसर वैसा का वैसा रहता है।
रंग से पहचानें हल्‍के गरम पानी में केसर के 2 रेशे डालिए। अब यदि रेशे तुरंत अपना रंग छोड़ने लगे तो समझ जाइये की केसर नकली है क्यूंकि असली केसर जब तक उबलता है या पानी में रहता है तो धीरे-2 रंग छोड़ता है।
बेकिंग पाउडर में मिलाकर देखें पानी में थोडा सा बेकिंग सोडा डालकर भी केसर की शुद्धता को परखा जा सकता है। एक कप पानी में थोडा सा बेकिंग सोडा डालें, अच्छे से इसे मिला लें। अब ध्यान दें कि अगर केसर भगवा रंग छोड़ रहा है तो वह नकली है। क्यूंकि केसर के रेशे का असली रंग भगवा होता है और बेकिंग सोडा में मिलाने से या किसी भी चीज़ में डालने से केसर पीला रंग छोड़ता है
कपड़े पर केसर का रंग - एक सफेद कपड़ा पानी से थोड़ा गिला कर लीजिए और उस पर थोड़ा-सा केसर रगड़ीये। अगर कपड़े पर हल्का पीला रंग आता है और केसर का रंग लाल ही रहता है, तो केसर असली है। कपड़ा धोने के बाद धीरे-धीरे यह पीला रंग कम होता है। नकली या मिलावटी केसर कपड़े पर रगड़ने से उसका लाल रंग कपड़े को लगता है और केसर का रंग लाल से सफेद हो जाता है।

स्वाद - केसर का गंध भले ही मीठा हो, लेकिन इसका स्वाद कड़वा होता है। जरा-सा केसर लेकर अपने जीभ पर रखिए अगर 15-20 मिनट के बाद आपको सिर में गर्मी महसूस होती है, तो केसर असली है। मिलावटी केसर का स्वाद मीठा होता है और इसे चखने के बाद यह आपके जीभ पर लाल रंग छोड़ती है।
कपड़े पर रगड़कर देखें केसर के रेशे को पानी में भिगोकर सफ़ेद कपड़े पर हल्का सा रगड़ें तो कपड़े पर यदि पीला केसरिया रंग दिखाई दे तो केसर असली होता है। नकली केसर को इस प्रकार रगड़ने से लाल रंग का दाग दिखेगा , बाद में ये कपड़े का दाग पीला पड़ सकता है।
केसर - केसर का उपयोग आयुर्वेद में झड़ते बालों की समस्या के, लिए स्वस्थ और सुंदर त्वचा पाने के लिए, हृदय रोग में तथा रक्तचाप में किया जाता है। हाल ही में इसका उपयोग कैंसर को रोकने में भी किया जा रहा है। इसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों जैसे मानसिक रोगों में भी किया जाता है क्योंकि यह बहुत अच्छा स्ट्रेस बस्टर है।
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20.5.19

काली मिर्च के स्वास्थ्य लाभ

                                                         

गर्म मसाले में प्रमुखता से शामिल काली मिर्च अनेक औषधीय गुणों से भी भरपूर होती है। यह पेट से लेकर त्वचा तक की समस्या में अनेक तरह से काम आती है। काली मिर्च के ढेर सारे फायदों के बारे में जानकारी -
किंग ऑफ स्पाइस या ब्लैक पेपर नाम से प्रचलित काली मिर्च भोजन में इस्तेमाल किए जाने वाले गर्म मसाले का अहम् हिस्सा है। काली मिर्च हमारे भोजन का केवल स्वाद ही नहीं बढ़ाती, कई बीमारियों के इलाज में भी सहायक साबित होती है।
*ब्लड प्रेशर काबू करने के लिए दिन में 2-3 बार 5-5 दाने काली मिर्च के साथ 20-20 दाने किशमिश का सेवन करें।
*हाई ब्लड प्रेशर में आधा गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच काली मिर्च पाउडर घोल कर 2-2 घंटे
के अंतराल पर पीने से आराम मिलता है।
*दो चम्मच दही, एक चम्मच चीनी और 6 ग्राम पिसी काली मिर्च मिलाकर चाटने से काली और सूखी खांसी में आराम मिलता है।
*एक चम्मच शहद में 2-3 पिसी काली मिर्च और चुटकी भर हल्दी मिलाकर खाने से जुकाम में बनने वाले कफ से राहत मिलेगी।
*नाक में एलर्जी होने पर 10-10 ग्राम सोंठ, काली मिर्च, पिसी इलायची और मिश्री को पीस कर चूर्ण बना लें। इसमें बीज निकला 50 ग्राम मुनक्का और तुलसी के 10 पत्ते पीसकर डालें और अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण की 3-5 ग्राम की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें। सुबह-शाम 2-2 गोलियां गर्म पानी के साथ लें।
*पिसी काली मिर्च पुराने गुड़ के साथ खाने से नाक से बहता खून बंद हो जाता है।
*गला बैठ गया है, तो 7 काली मिर्च और 7 बताशे रात को सोने से पहले चबाकर खाएं।
*बुखार में तुलसी, काली मिर्च और गिलोय का काढ़ा पीना फायदेमंद होता है।
*फेफड़े और सांस नली में संक्रमण होने पर काली मिर्च और पुदीने की चाय का सेवन करें। इसके अलावा पिसी काली मिर्च, घी और मिश्री बराबर मात्रा में मिलाएं। सुबह-शाम एक-एक चम्मच लें, लाभ होगा।
*काली मिर्च और काला नमक दही में मिलाकर खाने से पाचन संबंधी विकार दूर होते हैं। छाछ में काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर पीने से पेट के कीटाणु मरते हैं और पेट की बीमारियां दूर होती हैं।
*पेट में गैस की समस्या होने पर एक कप पानी में आधा नीबू का रस, आधा चम्मच पिसी काली मिर्च और आधा चम्मच काला नमक मिला कर पिएं।
*कब्ज होने पर 4-5 काली मिर्च के दाने दूध के साथ रात में लेने से आराम मिलता है।
*बदहजमी होने पर कटे नीबू के आधे टुकड़े के बीज निकाल कर काली मिर्च और काला नमक भरें। इसे तवे पर थोड़ा गर्म करके चूसें।
*चेहरे पर झाइयां होने पर काली मिर्च, जायफल और चंदन तीनों का पाउडर बराबर मात्रा में मिलाएं। 2-3 चुटकी पाउडर और थोड़ा पानी मिलाकर उबटन बनाएं। इसे चेहरे पर लगाएं। सूखने पर सादे पानी से चेहरा धो लें।
शरीर के किसी भी अंग में सूजन होने पर काली मिर्च का लेप लगाएं, आराम मिलेगा।
*20 ग्राम काली मिर्च, 10 ग्राम जीरा और 15 ग्राम शक्कर या मिश्री पीस कर मिश्रण बना लें। इसे सुबह-शाम पानी के साथ फांक लें। बवासीर रोग में आराम मिलेगा।
*काली मिर्च आंखों के लिए उपयोगी है। भुने आटे में देसी घी, काली मिर्च और चीनी मिला कर मिश्रण बनाएं। सुबह-शाम 5 चम्मच मिश्रण का सेवन करें।
*नमक के साथ काली मिर्च मिलाकर दांतों में मंजन करने से पायरिया ठीक होता है। दांतों में चमक और मजबूती बढ़ती है।
*सर्दी-खांसी होने पर 8-10 काली मिर्च, 10-15 तुलसी के पत्ते मिलाकर चाय बनाकर पीने से आराम मिलता है।
*100 ग्राम गुड़ पिघला कर 20 ग्राम काली मिर्च का पाउडर उसमे  मिलाएं। थोड़ा ठंडा होने पर उसकी छोटी-छोटी गोलियां बना लें। खाना खाने के बाद 2-2 गोलियां खाने से खांसी में आराम मिलता है।
*मुंह से बदबू आती है, तो दो काली मिर्च रात को ब्रश करने से पहले चबा लें।
*माइग्रेन होने पर एक कप दूध में एक चम्मच पिसी काली मिर्च और एक चुटकी हल्दी मिला कर उबाल कर पिएं।
*काली मिर्च शहद में मिलाकर खाने से कमजोर याददाश्त में फायदा होता है।
*चेहरे पर झाइयां होने पर एक गिलास गाजर के रस में नमक और पिसी काली मिर्च मिलाकर पीना फायदेमंद है।