26.1.20

किडनी स्टोन के अचूक घरेलू हर्बल उपचार



किडनी स्टोन या किडनी में पथरी होना एक आम समस्या है। गुर्दे की पथरी से बहुत से लोग पीड़ित होते हैं। किडनी की पथरी की समस्या किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। यह महिला और पुरुष दोनों पर समान प्रभाव डालती है। किडनी की पथरी अगर छोटी हो तो यह अपने आप बाहर निकल आती है लेकिन मध्यम या बड़ी आकार की पथरी होने पर इलाज की जरुरत पड़ती है। पथरी के दर्द को कम करने के लिए कई घरेलू उपचार मौजूद है। इसके साथ ही किडनी की पथरी को कई घरेलू नुस्खे की मदद से भी तोड़ा भी जा सकता है। अगर गुर्दे की पथरी शुरूआती स्टेज में है तो पथरी के घरेलू उपायों से इसके लक्षणों को दूर किया जा सकता है। आइये जानते हैं किन घरेलू उपायों से अपने आप निकल जाएगी किडनी की पथरी।
गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन क्रिस्टलयुक्त खनिज और लवण होते हैं जो डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के कारण बनते हैं। गुर्दे में पथरी तब बनती है जब मिनरल और साल्ट जैसे कैल्सियम ऑक्जलैट किडनी में क्रिस्टलीकृत होकर जमने लगते हैं और कठोर होकर जमा हो जाते हैं। हालांकि पथरी किडनी में ही बनती है लेकिन यह यूरिनरी ट्रैक्ट को भी प्रभावित करती है। किडनी स्टोन को कैल्कुली (calculi) या यूरोलिथियासिस भी कहते हैं।

पथरी होने के कारण
गुर्दे में पथरी या किडनी स्टोन आमतौर पर एक नहीं बल्कि कई कारणों से होती है। गुर्दे की पथरी तब होती है जब यूरिन में कैल्शियम, ऑक्जलेट और यूरिक एसिड जैसे पदार्थ जमा होकर अधिक मात्रा में क्रिस्टल का निर्माण करते हैं और यूरिन के फ्लुइड को पतला कर देते हैं। इस दौरान यूरिन में क्रिस्टल को एक दूसरे से जोड़ने से रोकने वाले पदार्थों की कमी हो जाती है जिससे किडनी में पथरी बन जाती है। इसके अलावा यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, रिनल ट्यूबुलर एसिडोसिस, हाइपरथायरॉयडिज्म सहित कई बीमारियों के कारण किडनी की पथरी हो सकती है।
पथरी के लक्षण 
आमतौर पर किडनी स्टोन के लक्षण तब तक पता नहीं चल पाते हैं जब तक पथरी किडनी के चारों ओर घूमने नहीं लगती या किडनी और ब्लैडर के बीच स्थित मूत्रवाहिनी में नहीं आ जाती है। उसके बाद किडनी की पथरी के ये लक्षण सामने आते हैं:
पसलियों के नीचे और पीठ में तेज दर्द
पेशाब के दौरान दर्द
गुलाबी, लाल या भूरे रंग की यूरिन
पेशाब से तीक्ष्ण दुर्गंध आना
मितली और उल्टी होना
बार-बार पेशाब लगना
सामान्य से अधिक पेशाब होना
इंफेक्शन
ठंड लगना और बुखार
कम मात्रा में पेशाब होना
इसके साथ ही किडनी स्टोन के कारण शरीर के विभिन्न हिस्सों में हल्का और गंभीर दर्द भी होता रहता है।
गुर्दे की पथरी एक आम समस्या है जिसे घरेलू उपचार से भी काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। घर में ऐसी कई चीजें मौजूद होती हैं जिनमें भरपूर मात्रा में औषधीय गुण पाये जाते हैं और ये वस्तुएं किडनी की पथरी को बढ़ने से रोकने के साथ ही दर्द में भी राहत देती हैं।

पथरी का घरेलू इलाज पानी
किडनी की पथरी का सबसे आसान घरेलू उपचार है पानी। किडनी स्टोन होने पर रोजाना सामान्य रुप से 8 गिलास पानी पीने की बजाय 12 गिलास पानी पीने से पथरी का ग्रोथ रुक जाता है। वास्तव में गुर्दे की पथरी का एक बड़ा कारण डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) है। शरीर में पानी की कमी होने पर यह बीमारी उत्पन्न होती है।
पानी किसी भी बीमारी को दूर करने में कितना मददगार साबित हो सकता है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं की केवल पानी पीने से ही पथरी को बाहर किया जा सकता है। इसलिए अधिक से अधिक पानी पीने के साथ ही यूरिन के रंग पर भी ध्यान देना चाहिए। आपके यूरिन का रंग लाइट और कम पीला होना चाहिए। यदि आपका यूरिन का रंग गहरा पीला है तो इसका मतलब यह है कि आपके शरीर में पानी की कमी हो गई है। अगर गुर्दे की पथरी का आकर छोटा है तो इसे अधिक मात्रा में पानी पीकर बाहर निकाला जा सकता है।
नींबू से पथरी का इलाज किया जा सकता है। नींबू से पथरी का इलाज भी बहुत आसान है और इस घरेलू उपाय को बहुत से लोग आजमाते हैं। नींबू में साइट्रेट नामक रसायन पाया जाता है जो गुर्दे में कैल्शियम स्टोन बनने से रोकता है। इसके साथ ही साइट्रेट किडनी की पथरी को छोटी-छोटी पथरी में ब्रेक करता है और उन्हें बढ़ने से रोकता है। किडनी स्टोन के घरेलू इलाज के रुप में सबसे पहले एक बार सुबह खाली पेट नींबू पानी और रात के खाने के कुछ घंटे पहले नींबू पानी का सेवन करना चाहिए। यह घरेलू उपाय करने से कई बार किडनी स्टोन को निकालने के लिए ऑपरेशन की जरुरत भी नहीं पड़ती है। अगर आप बिना सर्जरी के किडनी स्टोन को ठीक करना चाहते हैं (Remove Kidney Stones Without Surgery), तो आपको यह नुस्खा रोज करना होगा।
तुलसी का  रस 

पथरी तोड़ने की दवा के रुप में तुलसी के रस का इस्तेमाल भी किया जाता है। यह किडनी की पथरी निकालने का घरेलू नुस्खा माना जाता है। जिससे किडनी स्टोन से राहत पाने में मदद मिलती है। तुलसी में एसिटिक एसिड पाया जाता है जो गुर्दे की पथरी को तोड़ता है और दर्द कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही तुलसी पोषक तत्वों से भरपूर है।
आमतौर पर तुलसी को पाचन और सूजन की समस्याओं को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होने के कारण तुलसी का रस किडनी की पथरी के घरेलू उपचार में मदद करता है। किडनी की पथरी निकालने के लिए तुलसी की ताजी पत्तियों की चाय दिन में कई बार सेवन करें। इसके साथ ही तुलसी की पत्तियों का जूस पीने से भी गुर्दे की पथरी ठीक हो जाती है। हालांकि छह सप्ताह से ज्यादा तुलसी के रस का सेवन नहीं करना चाहिए। 
सेब का सिरका
किडनी की पथरी का देसी इलाज है सेब का सिरका। इसमें पर्याप्त मात्रा में एसिटिक एसिड पाया जाता है जो गुर्दे की पथरी को गलाने में मदद करता है। इसके साथ ही यह पथरी के कारण होने वाले दर्द को भी कम करता है। किडनी स्टोन को गलाने के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच एपल साइडर विनेगर मिलाकर दिन में कई बार सेवन करें। सेब के सिरके का इस्तेमाल सलाद में भी किया जा सकता है। हालांकि यदि आपको डायबिटीज है या आप इंसुलिन, डिगॉक्सिन या कोई डाइयूरेटिक दवा ले रहे हों तो आपको सेब के सिरके का सेवन नहीं करना चाहिए।
 अजवाइन का रस
किडनी की पथरी के लिए अजवाइन का रस बेहद फायदेमंद है। यह विषाक्त पदार्थों को दूर करके किडनी स्टोन बनने से रोकने में मदद करती है। अजवाइन में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो पेशाब की मात्रा को बढ़ाता है और किडनी स्टोन को पेशाब के माध्यम से बाहर निकालने में प्रभावी तरीके से कार्य करता है। अजवाइन के रस को पानी में मिलाएं और पूरे दिन में कई पानी सेवन करें। लेकिन यदि आपको किसी तरह की ब्लीडिंग होती हो या लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित हों एवं दवाओं का सेवन कर रहे हों तो डॉक्टर से परामर्श लेकर ही अजवाइन के रस का सेवन करना चाहिए।


व्हीटग्रास जूस 
व्हीटग्रास जूस पथरी के घरेलू इलाज के काम आता है। व्हीटग्रास जूस में कई तरह के पोषक तत्व पाये जाते हैं जो यूरिन को बढ़ाते हैं और पेशाब के माध्यम से किडनी स्टोन को बाहर निकालने में मदद करते हैं। किडनी स्टोन को निकालने के लिए रोजाना दिन में कई बार व्हीटग्रास जूस का सेवन करना चाहिए। इससे गुर्दे की पथरी बढ़ती भी नहीं है और उससे होने वाले दर्द में भी आराम मिलता है।
 अनार का रस
किडनी स्टोन के असहनीय दर्द के इलाज के लिए अनार का रस उपयोगी होता है। किडनी से जुड़ी सभी समस्याओं के लिए अनार के रस का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। यह सिस्टम से पथरी और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। अनार के रस में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो यूरिन के एसिडिक लेवल को कम करता है और गुर्दे की पथरी को बढ़ने से रोकता है। दिन में कई बार अनार का जूस पीने से किडनी स्टोन के असहनीय दर्द से राहत पाया जा सकता है।
ऑलिव ऑयल
एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल किडनी स्टोन का घरेलू इलाज है। यह ऑयल काभी गाढ़ा और पोषक तत्वों से समृद्ध होता है जो मूत्रमार्ग को चिकना करके किडनी स्टोन को बाहर निकालने में मदद करता है। एक गिलास पानी में वर्जिन ऑलिव ऑयल की कुछ बूंदे मिलाकर सुबह दोपहर और शाम को सेवन करने से किडनी स्टोन टूट जाता है और दर्द एवं बेचैनी भी कम हो जाती है।

किडनी स्टोन का होना आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकता हैं। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि आप गुर्दे की पथरी के लक्षण को पहचान कर समय रहते ही इसके लिए इलाज तलाश लें। अक्सर लोग किडनी स्टोन के घरेलू उपाय आजमाते हैं, जो इस्तेमाल में आसान और किडनी स्टोन को घोलकर पेशाब के माध्यम से बाहर निकालने में मददगार होते हैं। यदि आप भी किडनी स्टोन की बीमारी से जूझ रहें है तो इस लेख में बताये गए किडनी स्टोन को निकालने के लिए घरेलू इलाज को आजमा सकते हैं। हालांकि यह थोड़ा असुविधाजनक हो सकता है, लेकिन अपने दम पर गुर्दे की पथरी को बाहर करना संभव है।
पथरी ठीक होने तक उपचार जारी रखना सुनिश्चित करें, और शराब न पियें।
आप इन उपायों को अपने सामान्य आहार में शामिल कर सकते हैं और पथरी की बीमारी ठीक होने के बाद भी इनका उपयोग जारी रख सकते हैं। यह फिर से पथरी बनने से रोकने में मदद कर सकते है।
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4.1.20

आई पिल (गर्भ निरोधक गोली) के फायदे व नुकसान



 आज कल आपातकालीन गर्भ निरोधक गोली जैसे आई पिल का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है, पर क्या आपको पता हैं इसके साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। आसानी से मिलने वाली यह गोली असुरक्षित सेक्स के बाद अनचाहे गर्भ को रोकने का कारगर उपाय हो सकती है, लेकिन इसका नियमित इस्तेमाल किसी भी लड़की या महिला के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। जिंदगी को बिंदास अंदाज से जीने वाली लड़कियों के लिए अनचाही प्रेगनेंसी से बचने के लिए आइ-पिल मानो ईश्वर का वरदान है। क्योंकि उन्हें फिर इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता जिस पुरुष के साथ वह संबंध बना रही हैं, उसने कंडोम पहना है या नहीं। अगर आपके पास उस समय गोली न भी हो तो इसे लेने के लिए आपके पास पूरे 72 घंटे होते हैं।
आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली को आम बोल-चाल की भाषा में हम इसे इमरजेंसी कॉनट्रासेप्टिव पिल भी कहते हैं। आई पिल और अन्य इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियां किसी भी दवाईयों की दुकान से आसानी से खरीदी जा सकती है।” आइये जानतें हैं आई पिल गोली लेने से पहले आपको दो बार क्यों सोचना चहिये? और यौन सबंध के बाद इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली लेना कितना सही है? हर वो बात जो आप और आपके पार्टनर को जाननी चाहिए।
आई पिल क्या है?
आई पिल कैप्सूल एक मौखिक गर्भनिरोधक गोली है।
इसमें लिवोनारजेस्ट्रल इसके मुख्य घटक के रूप में शामिल है।
असुरक्षित यौन संबंध के बाद अवांछित गर्भावस्था से बचने के लिए आम तौर पर महिलाओं द्वारा पिल का उपयोग किया जाता है।
यह गर्भावस्था को रोकने की एक समर्थन विधि है और नियमित उपयोग के लिए नहीं है।
आई पिल से जुड़े मुख्य तथ्य
आई-पिल एक आपातकालीन गर्भनिरोधक है; यह गर्भपात की गोली नहीं।
यह एक अनियोजित गर्भावस्था को रोकने में मदद करती है।
सेक्सुअल रिलेशन बनाने के 72 घंटे के भीतर आई-पिल लेनी चाहिए। असुरक्षित यौन संबंध के 12 घंटे के भीतर लेने पर यह सबसे प्रभावी रूप से काम करती है।
किशोरों (teenagers) के लिए आई-पिल उपयुक्त नहीं है।
यदि आप आई-पिल लेने के बारे में सोच रहीं हैं तो आपकी उम्र 25 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों की बढ़ती लोकप्रियता और इसके इस्तेमाल के पीछे का कारण प्रभावी विज्ञापन का नतीजा हो सकता है, जिसमें कंडोम का फटना या अनियमित बर्थ कंट्रोल जैसी समस्याओं ने इस गोली को इतना खास बना दिया है। लेकिन इसके इस्तेमाल से होने वाले नुकसान की जानकारी आपको जरूर होनी चहिये।
आई-पिल की रूपरेखा और उपयोग
आई-पिल गर्भावस्था को रोक सकती है लेकिन अगर कोई महिला पहले से ही गर्भवती है तो उसकी मदद नहीं हो सकती है
24 घंटे के भीतर असुरक्षित यौन संबंध रखने के तुरंत बाद गोली लेनी चाहिए।
यदि कोई लंबी अवधि की दवा चल रही है, तो आई-पिल लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना सबसे अच्छा है।
आई-पिल यौन संक्रमित बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा नहीं करता है।
कोई भी जो लिवोनारजेस्ट्रल (गर्भ निरोधक गोलियों) के लिए एलर्जी है, इन गोलियों को लेने की कोशिश करने से पहले एक डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
ये पिल काम कैसे करती है?
“संयुक्त गर्भनिरोधक गोली तीन तरीकों से गर्भधारण को रोकती है, जिससे यह एक बहुत प्रभावी गर्भनिरोधक विकल्प बन जाती है। यह ओव्यूलेशन को रोकती है, शुक्राणु के प्रवेश को रोकने के लिए गर्भ के द्वार पर बलगम को गाढ़ा करती है, और एक अंडे को रोकने के लिए गर्भ के अस्तर को बदल देती है जहाँ वह बढ़ रहा है। ”
आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियां गर्भावस्था को अवरुद्ध करने वाले हार्मोन का उपयोग करती हैं। इसमें अधिकांश वही हार्मोन का उपयोग किया जाता है जो नियमित गर्भनिरोधक गोलियों में होते हैं।
ये शरीर में होने वाले फ़र्टिलाइजेशन को रोक देता है। आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियां मुख्य रूप से अंडे बनाने की क्रिया या ओव्यूलेशन की रिहाई में देरी करने का काम करती हैं। गर्भाशय के निचले हिस्से से एक फ्लूइड निकलता है। जिसे सर्विकल म्यूकस कहते हैं. यह कुछ हद तक अंडे की सफ़ेदी जैसा होता है। इमरजेंसी पिल की वजह से यह बहुत गाढ़ा बनने लगता है। जिसकी वजह से स्पर्म वहां मौजूद अंडों तक नहीं पहंच पता है। इसके साथ ही यह अंडों को ओवरीज़ से जल्दी निकलने नहीं देता है। लेकिन एक बार आरोपण (implantation) हो जाने के बाद, आपातकालीन गर्भनिरोधक अब प्रभावी नहीं है। यदि आप पहले से ही गर्भवती हैं, तो इन गोलियों का गर्भनिरोधक विधि के रूप में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
क्या इमरजेंसी पिल हर बार काम करती है?
आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियां जैसे आई पिल अच्छी तरह से काम करती है। लेकिन आपको इसे जल्दी से लेना चाहिए – अधिमानतः सेक्स के 24 घंटों के भीतर। जितनी जल्दी आप इसे लेंगीं, उतनी ही अधिक यह प्रभावी होगी। अध्ययनों से पता चलता है कि यदि आप सेक्स के 72 घंटों के भीतर आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली लेती हैं, तो आपके गर्भवती होने की केवल 1% से 2% संभावना ही होती है।
ये तो हुई बात कि आई पिल कब ली जाती है और यह कैसे काम करती है। अब आते हैं सबसे ज़रूरी मुद्दे पर।
आपको आई-पिल के इन साइड इफेक्ट्स का पता होना चाहिए
जी मिचलाना
सरदर्द
पेट के निचले हिस्से में दर्द
स्तन में कोमलता
योनि स्राव
कई दिनों के लिए अतिरिक्त रक्तस्राव
लंबे समय तक मासिक धर्म चक्र का न आना (3 से 6 महीने)
कामेच्छा में कमी (सेक्स ड्राइव) प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है
पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (औरतों में डिंबग्रंथि संबंधी विकार) की अधिक संभावना
आई-पिल का पीरियड पर कैसा असर पड़ता है?
क्योंकि ये पिल्स आपके हॉर्मोन्स के साथ छेड़छाड़ करती हैं इसलिए इसके बार बार इस्तेमाल करने पर आपके पीरियड्स में गड़बड़ी आ सकती है। इससे आपको पीरियड्स वक़्त से पहले हो सकते हैं या काफ़ी लेट हो सकते हैं। और पीरियड्स के दौरान दर्द हर बार से कई गुना ज़्यादा हो सकता है। आई-पिल का पीरियड पर कैसा असर पड़ता है की बात यहीं ख़त्म नहीं होती इसे लेने के बाद बीच-बीच में हल्की स्पॉटिंग भी हो सकती है। मतलब हल्का सा खून आएगा जिससे आपको लगेगा कि फिर से पीरियड्स शुरू हो गए हैं, पर ऐसा होगा नहीं।
ऐसी स्थति में आपके पीरियड्स को नॉर्मल होने में कुछ समय लग सकता है। इससे आपको बहुत ज़्यादा परेशान होने की ज़रुरत नहीं है। लेकिन यदि लम्बे समय तक ऐसा हो तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें और उन्हें सारी बात सच-सच बताएं।
आई पिल लेने के बाद क्या होता है?
जिन महिलाओं ने आई पिल गोली ली थी उन्होंने इसे लेने के बाद मतली, उल्टी, निचले पेट में दर्द, सिरदर्द, थकावट और स्तन कोमलता की शिकायत की है। आप आपातकालीन गर्भनिरोधक लेने के बाद ” पीरियड्स के पहले दिन जैसा दर्द दर्द ” या कुछ रक्तस्राव का भी अनुभव भी कर सकतीं हैं।
क्या मैं गोली लेने के बाद भी गर्भवती हो सकती हूं?
हां, गर्भवती होना संभव है। आई पिल – मॉर्निंग आफ्टर पिल – असुरक्षित यौन संबंध के बाद गर्भधारण को रोकने में मदद कर सकती है। लेकिन यह गोलियों को लेने के बाद किये जाने वाले किसी भी सेक्स के लिए गर्भावस्था को नहीं रोकेगी।
आई-पिल की सामान्य खुराक
मैं असुरक्षित संभोग के एक प्रकरण के बाद इसे जितनी जल्दी लेती हूं उतना बेहतर काम करता है।
जितनी जल्दी हो सके पहले टैबलेट को लें लेकिन असुरक्षित संभोग के 72 घंटे बाद नहीं।
12 घंटे बाद दूसरा टैबलेट लें।
क्या आई पिल खतरनाक है?
भले ही जन्म नियंत्रण की गोलियाँ बहुत सुरक्षित हैं, आई पिल की तरह ही अन्य आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली का उपयोग स्वास्थ्य समस्याओं के आपके जोखिम को थोड़ा बढ़ा सकता है। जटिलताओं में इनका होना दुर्लभ हैं, लेकिन वे गंभीर हो सकते हैं। इनमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक, ब्लड क्लॉट और लिवर ट्यूमर शामिल हैं।
क्या गोली लेने के बाद पीरियड्स आ सकता हैं?
आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली लेने के बाद मैं अपने अगले मासिक धर्म की उम्मीद कब कर सकती हूं? आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली लेने के 3 सप्ताह के भीतर आपका पीरियड्स शुरू होना चाहिए। आपका अगला पीरियड्स सामान्य से थोड़ा जल्दी या कुछ दिनों बाद शुरू हो सकता है। यदि आपके अगले पीरियड में देर हो रही है, तो अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से संपर्क करें और गर्भावस्था परीक्षण करायें।
क्या गोली पीरियड्स रोकती है?
गर्भनिरोधक गोलियां लेना गर्भावस्था को रोकने और कई चिकित्सा स्थितियों का इलाज करने का एक प्रभावी तरीका है। चूंकि गोली आपके सिस्टम में विभिन्न हार्मोनों को कम और ज्यादा करके काम करती है, इसलिए यह आपके मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकती है। कुछ महिलाओं को हल्का रक्तस्राव हो सकता है, और अन्य के पीरियड्स पूरी तरह से रूक सकते हैं।
आई पिल के इस्तेमाल से जुड़ी बहुत महत्वपूर्ण बात
I-pill में 10% विफलता दर है।
आई-पिल को 6 महीने के भीतर दोहराना नहीं चाहिए। मतलब 6 महीने में केवल एक बार आई-पिल को लिया जाना चाहिए। न की हर बार सेक्स करने के बाद रेगुलर गर्भनिरोधक गोलियों की तरह।
अगर इसका बार-बार इस्तेमाल किया जाए तो इससे शरीर के नेचुरल हार्मोन पैटर्न के बदलने का खतरा होता है, जो बाद में उस महिला के प्रेग्नेंट होने की राह में मुश्किलें पैदा कर सकता है।
आई-पिल HIV / एड्स और यौन संचारित रोगों से सुरक्षा प्रदान नहीं करती है।
इसके बजाय आपके पार्टनर को कंडोम जैसे सुरक्षित गर्भनिरोधक विकल्प का उपयोग करना चाहिए। क्योंकि यह अवांछित गर्भावस्था, एचआईवी और यौन संचारित रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है।
लोगों के बीच में इमरजेंसी कन्ट्रासेप्टिव पिल्स को लेकर कोई विरोध नहीं है, न ही इसपर कोई बहस उठती है। हर छोटी दवा की दुकानों पर इनका आसानी से उपलब्ध होना, हर साल नए-नए ब्रांड का बाजार में आना इस ओर इशारा कर रहा है कि भारत के बड़े शहरों से लेकर अब छोटे शहरों तक की युवतियों के बीच ये गोलियां तेजी से अपनी जगह बनाती जा रही हैं। यदि आपकी कोई दोस्त इसका इस्तेमाल करती हैं तो उसे इसके नुकसान के बारे में अवश्य बताएं और उन्हें ये भी बताएं कि आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली का इस्तेमाल इमरजेंसी में ही करें।
- आई-पिल से कब बचें
एलर्जी से लेवोनोर्जेस्ट्रेल के मामले में आई पिल से बचना चाहिए।
आई-पिल नियमित रूप से जन्म नियंत्रण विधि के रूप में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
यदि आप पहले से गर्भवती हैं तो आई -पिल का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
अगर ट्यूबल गर्भावस्था की प्रवृत्ति से पीड़ित हैं तो आई पिल का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
मधुमेह के मामलों में।
योनि से असामान्य रक्तस्राव के इतिहास वाले मरीजों में।
यदि आपको स्तन कैंसर है तो आई पिल का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
यदि आप स्ट्रोक से पीड़ित हैं तो आई पिल का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
यदि आपको खून बह रहा है या क्लोटिंग डिसऑर्डर है तो आई पिल का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए
यदि आप पोर्फ्रिया (रक्त और लिम्फैटिक प्रणाली के अनुवांशिक विकार) से पीड़ित हैं तो आईपिल का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
सोलह वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में आई पिल का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि आई पिल एचआईवी या अन्य यौन संक्रमित बीमारियों से रक्षा नहीं करता है।
जिगर में ट्यूमर वाले मरीजों में पिल का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
आई पिल संभवतः थायराइड फंक्शनिंग परीक्षण में हस्तक्षेप कर सकता हूं और गलत रिर्पोट देता है। थायरॉइड फ़ंक्शन टेस्ट से गुजरने से पहले इस दवा का उपयोग करने पर डॉक्टर को रिपोर्ट करें।