अलसी के बीज लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
अलसी के बीज लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

27.8.19

थायराइड की समस्या का जड़ से इलाज


                         
थायराइड, जिसे लोग एक प्रकार की बीमारी समझते हैं मौजूदा वक्त में उससे बहुत से लोग परेशान हैं। लोगों में थायराइड की समस्या आम हो गई है, जिसे कंट्रोल रखने के लिए निरंतर दवाओं का सेवन बढ़ रहा है। लेकिन सबसे पहले आपको बता दें कि थायराइड कोई बीमारी नहीं बल्कि एक प्रकार की तितली के आकार की ग्रंथि होती है, जो हमारे गले में आगे की तरफ होती है। यह ग्रंथि थायराइड हार्मोन का निर्माण करती है, जो हमारे शरीर में मेटाबॉलिज्म के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करती है। हालांकि जब हार्मोन असंतुलित होने लगते हैं तब लोगों को थायराइड की समस्या होने लगती है। थायराइड का बढ़ना लोगों में मोटापे, थकान, पीठ दर्द जैसी समस्याओं का कारण बनता है।
सामान्य तौर पर थायराइड को नियंत्रित रखने के लिए लोग दवा का सेवन करते हैं जबकि कुछ प्राकृतिक तरीके ऐसे भी हैं, जिसके जरिए आप इस बीमारी को जड़ से खत्म कर सकते हैं। अगर आप भी थायराइड की समस्या से निजात पाना चाहते हैं तो आप अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल कर थायराइड की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। हम आपको ऐसी पांच चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके सेवन से आप थायराइड की समस्या से दूर रहेंगे।
मुलेठी
थायराइड की समस्या से छुटकारा पाने के लिए मुलेठी को एक बेहद ही लाभकारी औषधि माना गया है। मुलेठी थायराइड ग्रंथि से हार्मोन्स के रिसाव को बढ़ाती है और शरीर में हार्मोन्स के संतुलन को ठीक रखने में मदद करती है। नियमित रूप से मुलेठी का सेवन थायराइड की समस्या को दूर करने में फायदेमंद साबित होता है। मुलेठी का सेवन आपके शरीर में हमेशा हार्मोन का संतुलन नियंत्रित रखता है, जिसके कारण आपको थायराइड की समस्या नहीं होती। इसके अलावा मुलेठी के सेवन से आपका लिवर भी फिट रहता है और आपको पेट संबंधी समस्याएं भी नहीं होतीं।
अलसी के बीज
थायराइड की समस्या से छुटकारा दिलाने में जितना फायदेमंद अलसी है उतने ही अलसी के बीज भी इस समस्या को दूर करने में लाभकारी हैं। इसके लिए आपको करना ये है कि एक चम्मच अलसी के पाउडर को 1 गिलास दूध या फिर फलों के रस में मिलाना है और अच्छी से तरह से इसका मिश्रण कर दिन में 1 से 2 बार पीना है। नियमित रूप से ऐसा करने से थायराइड की समस्या से छुटकारा मिलता है।
हरा धनिया बेहद फायदेमंद
थायराइड की समस्या से छुटकारा पाने में बाजार में बिकने वाला मामूली सा हरा धनिया बेहद फायदेमंद है। आप इसको पीसकर चटनी बना लें और सुबह-शाम इस चटनी का सेवन करें। ऐसा करने से आप थायराइड जैसी समस्या से घरेलू उपचार के जरिए निजात पा सकते हैं। आप इस चटनी को 1 गिलास पानी में घोलकर भी पी सकते हैं। इस घोल को रोजाना पीने से आपका थायराइड कंट्रोल भी रहेगा। इसके अलावा आप खाना-खाने के दौरान भी चटनी का सेवन करें। इससे आपको इस समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी।
एलोवेरा
एलोवेरा के फायदों के बारे में आपने जरूर सुना होगा। दरअसल इस प्राकतिक औषधि में 8 प्रकार के एमिनो एसिड और 12 विटामिन्स पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के गले में मौजूद थायराइड ग्रंथि को डिटॉक्स कर सारे विषैले पदार्थ बाहर निकालने का काम करते हैं। थायराइड को नियंत्रित या फिर इस समस्या को खत्म करने के लिए आप रोजाना सुबह इसका जूस पीएं। नियमित रूप से ऐसा करने से आपको जल्द ही इस समस्या से छुटकारा मिलेगा।
आज मैं आपको एक ऐसा उपचार बताने जा रहा हूँ जो दोनों तरह की थायराइड को सिर्फ 10 दिन में जड़ से समाप्त कर देगा।
आवश्यक सामग्री - 
कांचनार छाल चूर्ण 50 ग्राम, सहजन पत्र चूर्ण 50 ग्राम, मुलेटी चूर्ण 50 ग्राम, ग़म्बरी फल चूर्ण 50 ग्राम और गौमूत्र 250 ग्राम।
बनाने और सेवन विधि -
सबसे पहले इन सभी सामग्रियों को आपस में अच्छी तरह से सुखा कर पीस लें और पाउडर बना कर किसी कांच की शीशी में रख लें। अब आप हर रोज एक चम्मच औषधि और आधा चम्मच गोमूत्र अर्क के साथ लें। ऐसा सिर्फ 10 दिन करने से आपको किसी प्रकार की थायराइड जड़ से समाप्त हो जायेगी। इस औषधि के सेवन के आधा घंटा तक कुछ न लें।

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि 

आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार



किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि 

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि 



20.6.19

सर्दी,जुकाम,खांसी के असरदार उपचार



सर्दी जुकाम और खांसी बरसात और ठंड के मौसम में सामान्‍य समस्‍या होती है। लेकिन सर्दी जुकाम आपको बहुत ही परेशानी में डाल सकता है। सामान्‍य सर्दी की वजह से जब आपको खांसी या बुखार होता है और आप घर पर ही बिस्‍तर पर आराम  करते हैं तो यह आपके लिए सुखद अनुभव नहीं होता है। इस स्थिति में सिर दर्द, बदन दर्द, बुखार, सर्दी, नाक का बहना आदि असुविधाजनक घटनाएं आपके साथ घटित होती हैं। आप इनका इलाज भी करा सकते हैं, लेकिन आपके लिए अच्‍छी बात यह है कि इस सामान्‍य समस्‍या का उपचार आप अपने घर पर ही कुछ घरेलू उपायों के माध्‍यम से कर सकते हैं। आइए जाने सर्दी-खांसी-जुकाम के घरेलू इलाज के बारे में।
सर्दी जुकाम का आयुर्वेदिक उपचार है लहसुन
एलिसिन नामक यौगिक की अच्‍छी मात्रा लहसुन में पाई जाती है जिसमें एंटीमाइक्रोबायल गुण होते हैं। आप अपने आहार में लहसून का उपयोग करके सर्दी के लक्षणों को दूर कर सकते हैं। कुछ अध्‍ययन बताते हैं कि यदि लहसुन का नियमित रूप से सेवन किया जाता है तो यह सर्दी जुकाम के प्रारंभिक या शुरुआती दौर में ही इसे रोकने में मदद करते हैं। लहसुन प्रकृति में गर्म होता है जो कि आपके शरीर को पर्याप्‍त गर्मी और पोषक तत्‍व उपलब्‍ध कराने में मदद करता है। इस तरह से आप सर्दी और जुकाम आदि के लक्षणों से बचने के लिए लहसुन का उपयोग कर सकते हैं। लहसुन को सर्दी जुकाम की आयुर्वेदिक दवा के रूप भी जाना जाता है।

सर्दी जुकाम की घरेलू दवा दूध और हल्‍दी
रसोई घर में उपलब्‍ध सबसे सामान्‍य मसाला हल्‍दी जिसका उपयोग हम अपने भोजन को स्‍वादिष्‍ट बनाने के लिए करते हैं। हल्‍दी में एंटीऑक्‍सीडेंट बहुत अच्‍छी मात्रा में होते हैं जो कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को हल करने में हमारी मदद करते हैं। यदि सर्दी जुकाम से जल्‍दी राहत पाना है तो आपको हल्‍दी और दूध का इस्‍तेमाल करना चाहिए। दूध और हल्‍दी सर्दी जुकाम का सबसे प्रभावी और उपयोगी घरेलू उपचारों में से एक है। आप रात में सोने से पहले 1 गिलास गुनगुने दूध में 1 छोटा चम्‍मच हल्‍दी मिलाकर सेवन करें। यह सर्दी जुकाम से राहत पाने का सबसे अच्‍छा तरीका हो सकता है।
खांसी जुकाम के घरेलू नुस्खे में करें नमक और पानी से गरारे
पानी में नमक मिलाकर गरारे करने से आपको गले की खरास से राहत मिल सकती है। नमक वाला पानी सर्दी के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। पानी के साथ नमक का उपयोग करने से यह कफ की मात्रा को कम कर सकता है जिसमें बैक्‍टीरिया होते हैं। इस उपाय को अजमाने के लिए एक गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्‍मच नमक डालें और फिर इस पानी से गरारे  करें। यह सर्दी के कारण होने वाले आपके गले के दर्द, और खरास आदि का प्रभावी तरीके से इलाज कर सकता है।
पुराने जुकाम का इलाज है हनी और ब्रांडी
आपने बुर्जुगों से सुना होगा कि ब्रांडी का उपयोग सीने को गर्म रखने के लिए उपयोग किया जाता है। ब्रांडी का उपयोग करने से शरीर के तापमान को बढ़ाया जाता है। यदि ब्रांडी में शहद को मिलाकर सेवन किया जाए तो यह सर्दी के दौरान होने वाली खांसी को कम करने में मदद करती है। इसके लिए आपको ब्रांडी की एक बोलत पीने की आवश्‍यकता नहीं है। आप केवल 1 चम्‍मच ब्रांडी में कुछ बूंदे शहद की मिला सकते हैं और इसका सेवन कर सकते हैं। यह आपको सर्दी और खांसी दोनों से राहत दिलाने में मदद करती है।
सर्दी जुकाम का आयुर्वेदिक उपचार है मसालेदार चाय
आप सर्दी जुकाम के दौरान अपनी सामान्‍य चाय को और अधिक स्‍वादिष्‍ट और प्रभावी बनाने के लिए इसे मसालेदार बना सकते हैं। इस प्रकार की चाय आपकी सर्दी को मिटाने में बहुत ही प्रभावी होती है। आप अपनी चाय बनाते समय इसमें तुलसी, अदरक और काली मिर्चको मिला सकते हैं जो आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। ये तीनों मसाले  आपकी सामन्‍य सर्दी और जुकाम को दूर करने वाले औषधीय गुणों से भरपूर होती है।
जुकाम के घरेलू उपचार के लिए पीये गर्म पानी
सामान्‍य शीत और गले की खरास के लिए आप गुनगुने पानी का उपयोग कर सकते हैं। गर्म पानी का उपयोग करने से गले की सूजन को कम करने में मदद मिलती है। इसका एक और फायदा यह है कि गर्म पानी पीने से या गरारे करने से आपके गले और मुंह में मौजूद बैक्‍टीरिया की सफाई की जा सकती है। इसलिए सर्दी के दौरान हमेशा गुनगुना पानी  पीने की सलाह दी जाती है।
सर्दी जुकाम बुखार का घरेलू उपचार विटामिन सी
आपके शरीर के अच्‍छे विकास के लिए विटामिन सी बहुत ही महत्‍वपूर्ण होता है, इसके बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ जिनमें सर्दी जुकाम भी शामिल हैं। संतरा, नींबू, अंगूर, पत्‍तेदार सब्जियां और अन्‍य फलों से विटामिन सी (vitamin C) की अच्‍छी मात्रा प्राप्‍त की जा सकती है। गर्म चाय में नींबू का रस और शहद मिलाकर सेवन करने से यह सर्दी के दौरान कफ को कम करने में मदद करता है। हालांकि इस तरह के विटामिन सी से भरपूर फलों का सेवन करने पर यह पूरी तरह से सर्दी को ठीक नहीं करता है लेकिन वे आपको पर्याप्‍त विटामिन सी उपलब्‍ध करा सकते हैं जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं। विटामिन सी का उपयोग कर सर्दी से संबंधित संक्रमणों से भी बच सकते हैं।
सर्दी जुकाम के घरेलू नुस्खे में करें चिकिन सूप का सेवन
यदि आप समझ रहे है कि चिकिन सूप का उपयोग हमेशा ही किसी दवा के रूप में उपयोग किया जा सकता है तो यह गलत है। लेकिन यदि आप सामान्‍य सर्दी या जुकाम से पीड़ित हैं तो यह आपके लिए अच्‍छा विकल्‍प हो सकता है। अध्‍ययनों से पता चलता है कि सब्जियों के साथ चिकिन सूप का सेवन करने से आपके शरीर को गर्मी प्रदान करता है और यह आपके शरीर में न्‍यूट्रोफिल की गति को धीमा कर सकता है जिससे यह प्रभावित क्षेत्र में अधिक समय तक ठहरता है और आपकी उपचार प्रक्रिया को बढ़ाने में मदद करता है।
न्‍युट्रोफिल सफेद रक्‍त कोशिकाओं का एक प्रकार है जो आपके शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करता है। अध्‍ययनों में पाया गया कि चिकिन सूप विशेष रूप से ऊपरी श्‍वसन संक्रमण के लक्षणों को कम करने में प्रभावी होता है। कम सोडियम सूप भी पोषण दिलाने में मदद करते हैं और आपको हाइड्रेट रखने में सहायक होते हैं।
गर्मी के जुकाम का इलाज है आंवला –
एक बहुत ही शक्तिशाली इम्यूनो मॉड्यूलेटर होने के कारण आंवला कई बीमारियों से हमारे शरीर की रक्षा करता है। नियमित रूप से आंवला का सेवन करने से बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्राप्‍त हो सकते हैं। सामान्‍य मौसम में बदलाव या गर्मी के जुकाम को ठीक करने का सबसे अच्‍छा उपाय आंवला के रूप में मौजूद है। आवंला का सेवन करने से यह यकृत की उचित कार्यप्रणाली सुनिश्चित करता है और रक्‍त परिसंचरण में सुधार करता है। इसलिए आप गर्मी के जुकाम का उपचार करने के लिए आंवले का फायदेमंद उपयोग कर सकते हैं।
सर्दी का घरेलू इलाज है अदरक और नमक –
आप सोच रहे होगें कि एक अदरक कितने प्रकार से सर्दी का उपचार कर सकता है। लेकिन यह ऐसी जड़ी बूटी  है कि यह कई प्रकार से हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होती है। आप यदि अदरक की चाय  का सेवन नहीं करना चाहते हैं तो आप अदरक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और इसमें अपने स्‍वादानुसार नमक मिलाएं। गले की खरास, सर्दी और खांसी से बचने के लिए आप अदरक के इन टुकड़ों को मुंह में लें और चबाएं। यह आपके गले को राहत देगा और आपकी सर्दी का उपचार भी करेगा।
पुराने जुकाम का इलाज है अदरक की चाय
यह आयुर्वेद की सबसे ज्‍यादा शक्तिशाली जड़ी बूटीयों में से एक है। इसमें एंटीवायरल  गुण अच्‍छी मात्रा में होते हैं जो पर्याप्‍त मात्रा में सेवन करने पर सर्दी के लक्षणों को कम करने में सहायक होते हैं। इसके लिए आप अदरक को कच्‍चा ही खा सकते हैं लेकिन अदरक की चाय ज्‍यादा सुविधाजनक और फायदेमंद होती है। इसके लिए आप अदरक का पेस्‍ट बनाकर इसका रस निकालकर इसमें नींबू का रस और शहद  को मिलाकर चाय तैयार करें। यह आपकी सर्दी को रोकने में आपकी मदद करती है।
सर्दी जुकाम की घरेलू दवा है शहद
कच्‍चा शहद (Unpasteurized) में एंटीमाइक्रोबायल और एंटीऑक्‍सीडेंट गुण अच्‍छी मात्रा में मौजूद रहते हैं। शहद के ये गुण प्रतिरक्षा को बढाते हैं और खांसी के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं। कच्‍चे शहद का उपयोग विशेष रूप से 6 वर्ष की आयु से छोटे बच्‍चों के लिए बहुत ही प्रभावी होता है। लेकिन कुछ जानकार सलाह देते हैं कि 1 वर्ष से कम आयु वाले बच्‍चों को शहद (Honey) का सेवन नहीं कराया जाना चाहिए। यदि आप सर्दी जुकाम के दौरान शहद का उपयोग करते हैं और इससे आपको आराम नहीं मिलता है तो आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए। लेकिन आयुर्वेद में ऐसा माना जाता है कि यदि नियमित रूप से शहद का सेवन किया जाए तो यह सर्दी, खांसी जैसी सामान्‍य समस्‍याओं से छुटकारा दिला सकता है।
सर्दी जुकाम की घरेलू दवा अलसी के बीज –
सामान्‍य सर्दी और खांसी को ठीक करने के लिए अलसी के बीज (Flax seeds) एक प्रभावी उपाय हैं। इसके लिए आप थोड़े से अलसी के बीजों को पानी में उबालें जब तक की मिश्रण गाढ़ा ना हो जाये। जब अच्‍छी तरह से अलसी बीज उबल जाएं तो आप इसे ठंडा करके इसमें नींबू का रस और शहद की कुछ बूंदे मिलाएं। इस मिश्रण को अच्‍छी तरह से मिलाने के बाद आप इसका सेवन कर सकते हैं। यह आपको सर्दी जुकाम से राहत दिलाने का सबसे अच्‍छा घरेलू उपाय है।
सर्दी जुकाम से बचने के लिए भाप का प्रयोग
आप सर्दी के कारण अपनी बंद नाक को साफ करने के लिए अपने चेहरे को एक गर्म पानी से भरे बर्तन के ऊपर ले जाएं और इससे निकलने वाली भाप से धीरे-धीरे सांस लें इससे आपकी बंद नाक साफ होगी और आपको सर्दी से राहत भी मिल सकती है।