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25.11.16

10 दिन मे शुगर कैसे खत्म करें? // Eliminate sugar in 10 days



भारत में : करीब 6 करोड़ लोगों को डाइबटीज है , हर 2 मिनट में एक आदमी डाइबटीज से मर जाता हैं !
दुष्प्रभाव: किसी की किडनी खराब हो रही है ,किसी का लीवर खराब हो रहा है , किसी को लकवा हो रहा है किसी को हृदयाघात हो रहा है !
भोजन पेट में जाकर एक प्रकार के ईंधन में बदलता है जिसे ग्लूकोज कहते हैं। यह एक प्रकार की शर्करा होती है। ग्लूकोज हमारे रक्त धारा में मिलता है और शरीर की लाखों कोशिकाओं में पहुंचता है। pancreas (अग्न्याशय) ग्लूकोज उत्पन्न करता है इनसुलिन भी रक्तधारा में मिलता है और कोशिकाओं तक जाता है।


शीघ्र पतन? घबराएँ नहीं ,करें ये उपचार 

मधुमेह या चीनी की बीमारी एक खतरनाक रोग है। रक्त ग्लूकोज (blood sugar level ) स्तर बढा़ हूँआ मिलता है, यह रोग मरीजों के (रक्त मे गंदा कोलेस्ट्रॉल,) के अवयव के बढने के कारण होता है। इन मरीजों में आँखों, गुर्दों, स्नायु, मस्तिष्क, हृदय के क्षतिग्रस्त होने से इनके गंभीर, जटिल, घातक रोग का खतरा बढ़ जाता है।
मधुमेह बीमारी का असली कारण जब तक आप लोग नही समझेगे आपकी मधुमेह कभी भी ठीक नही हो सकती है जब आपके रक्त में वसा (गंदे कोलेस्ट्रोल)LDL की मात्रा बढ जाती है तब रक्त में मोजूद कोलेस्ट्रोल कोशिकाओ के चारों तरफ चिपक जाता है !और खून में मोजूद जो इन्सुलिन है कोशिकाओं तक नही पहुँच पाता है (इंसुलिन की मात्रा तो पर्याप्त होती है किन्तु इससे द्वारो को खोला नहीं जा सकता है, अर्थात पूरे ग्लूकोज को ग्रहण कर सकने के लिए रिसेप्टरों की संख्या कम हो सकती है)


वात रोग (जोड़ों का दर्द ,कमर दर्द,गठिया,सूजन,लकवा) को दूर करने के उपाय

ऐसी स्थिति मे हम क्या करें- मेरा सुझाव है कि आप insulin पर ज्यादा निर्भर ना रहें ! क्यूंकि  insulin डाईबीटीज़ से भी ज्यादा खराब है |लेकिन कुछ स्थितियों मे इंसुलिन से रोगी के प्राण बचाए जा सकते हैं|
अब  अचूक असर शुगर  रोग नाशक योग लिख देता हूँ:
100 ग्राम (मेथी का दाना )ले ले इसे धूप मे सूखा कर पत्थर पर पीस कर इसका पाउडर बना लें !
100 ग्राम (तेज पत्ता ) लेलें इसे भी धूप मे सूखा कर पत्थर पर पीस कर इसका पाउडर बना लें !
150 ग्राम (जामुन की गुठली )लेलें इसे भी धूप मे सूखा कर पत्थर पर पीस कर इसका पाउडर बना लें !
250 ग्राम (बेलपत्र के पत्ते ) लेलें इसे भी धूप मे सूखा कर पत्थर पर पीस कर इसका पाउडर बना लें 


प्रोस्टेट वृद्धि से मूत्र समस्या का 100% अचूक ईलाज 

मेथी का दना – 100 ग्राम
तेज पत्ता ——- 100 ग्राम
जामुन की गुठली -150 ग्राम
बेलपत्र के पत्ते – 250 ग्राम
इन सबका पाउडर बनाकर इन सबको आपस मे मिला लें ! बस दवा तैयार है !!
इसे सुबह -शाम खाली पेट 1 से डेड चम्मच से खाना खाने से एक घण्टा पहले गरम पानी के साथ लें |
2 से 3 महीने लगातार इसका सेवन करें !

एक और शुगर की बीमारी का रामबाण नुस्खा नोट कर लें:-
इंद्रजौ
बादाम
चना 


सोरायसिस(छाल रोग) के आयुर्वेदिक उपचार 

तीनों चीजों को बराबर मात्रा मे लेकर अलग अलग कूट लीजिये, थोडा दरदरा पावडर बनाए और कांच के जार में रख लें और खाने के बाद एक चाय वाला चम्मच एक दिन में केवल एक बार खाएं सादे जल से. लें|
इस नुस्खे के रिजल्ट का अंदाजा आप यूं लगा सकते हैं कि अगर इसको उसकी मात्रा से ज्यादा लिया जाए तो शुगर इसके सेवन से लो होने लगती है बादाम को इस वजह से शामिल किया गया यह शुगर रोगी की दुर्बलता कमजोरी सब दूर कर देता है चने को इन्द्रजो की कड़वाहट थोड़ी कम करने के लिए मिलाया गया है|

*नेशनल हैल्थ की गैर-संक्रामक रोग निवारण योजना की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि मेरठ में हर दूसरे मरीज पर शुगर का खतरा है। शुगर की बीमारी ने उच्च रक्तचाप को भी पीछे छोड़ दिया है। प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी रिपोर्ट से यह तथ्य साबित हुआ है। गत वर्ष जुलाई से मार्च 15 तक 4527 मरीजों की जांच एवं काउंसिलिंग से बेहद खतरनाक संकेत सामने आये हैं, 2026 मरीजों यानी 45 फीसदी में शुगर पाई गई। उच्च रक्तचाप से ज्यादा हृदयरोगी मिले हैं, जबकि कैंसर की जांच तक शुरु नहीं हो सकी। तमाम मरीजों में कार्डियोवस्कुलर बीमारी एवं स्ट्रोक का भी खतरा मिला है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. साधना सिंह के अनुसार महिलाओं में शुगर तेजी से बढ़ रही है ऐसी महिलाओं में प्रसव के दौरान विशेष खतरा होता है। मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर उन्हें शुगर, हृदयरोग एवं स्ट्रोक की ओर ले जा रहे हैं।

पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

मधुमेह को रोकता है मलाई वाला दूध 
लंदन। मलाईरहित दूध को सेहत के लिए बेहतर मानने की धारणा को वैज्ञानिकों ने गलत पाया है। उन्होंने शोध में पाया कि मलाईरहित दूध के मुकाबले मलाईयुक्त दूध स्वास्थ्य के लिए बेहतर हो सकता है। यह डायबिटीज के खतरे को भी काफी कम कर सकता है। अब तक माना जाता रहा है कि मलाईरहित दूध वजन कम रखने और डायबिटीज के खतरे को दूर रखने में सहायक होता है, पर शोधकर्ताओं ने पाया कि पूरी मलाई वाले दूध का सेवन करने वालों का वजन मलाईरहित दूध पीने वालों के मुकाबले सामान्य तौर पर कम रहता है।

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

उन्होंने यह भी पाया कि मलाईयुक्त दूध पीने वालों में डायबिटीज होने का खतरा भी 46 प्रतिशत कम रहता है। टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि कई दशकों से आहार सम्बंधी दिशा-निर्देशों में कम वसा वाले डेयरी उत्पादों की सलाह दी जाती रही है, जबकि पूर्ण वसा वाले दूध से बचने की सलाह भी दी जाती रही है। ये दिशा-निर्देश हड्डियों के स्वास्थ्य व दिल के रोगों को ध्यान में रखकर दिये जाते रहे हैं। लेकिन न तो कम वसायुक्त और न ही पूर्ण वसा वाले दूध का दिल की पारम्परिक बीमारी के खतरों से जुड़े कारणों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव देखा गया है।

चिकित्सा आलेख-