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9.12.18

आयरनयुक्त शाकाहारी चीजों से हेमोग्लोबिन बढ़ाएँ


                                                 

आयरन हमारे शरीर के लिए जरूरी है क्योंकि ये रक्त में हीमोग्लोबिन का सबसे जरूरी घटक है। यही हीमोग्लोबिन हमारे शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन ले जाने में मदद करता है। आयरन हमारे शरीर के लिए इसलिए भी जरूरी है क्योंकि ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानि इम्यूनिटी बढ़ाता है।
क्यों जरूरी है आयरन
शरीर में आयरन पर्याप्त मात्रा में होने पर शरीर की हर कोशिका पूरी तरह से ऊर्जा से भरी रहती है। आयरन की कमी से एनीमिया की बीमारी होने के अलावा दूसरी बीमारी होने का जोखिम बना रहता है। इसके कमी से शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता घटती है, जिससे कोई भी बीमारी जल्दी शरीर में घर कर जाती है। बच्चों इसकी कमी से एकाग्र नहीं हो पाते हैं। गर्भवती महिला में इसके कमी से उनके साथ-साथ शिशु पर भी बूरा प्रभाव पड़ता है।
कितनी होनी चाहिए आयरन की मात्रा
गर्भवती महिलाओं को आयरन की सबसे अधिक जरूरत होती है। किसी गर्भवती महिला को रोज़ 27 मिलीग्राम आयरन की ज़रुरत होती है। 18 से 35 वर्ष के महिलाओं और पुरुषों को 18 मिलीग्राम आयरन के सेवन की सलाह दी जाती है। 35 से 50 साल के लोगों को 10 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती है वहीं 50 वर्ष से ऊपर की उम्र के पुरुषों और महिलाओं को 8 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता होती है।
वैसे शरीर की जरूरत देखें, तो हमें सिर्फ 1 से 2 ग्राम आयरन की जरूरत होती है मगर आहार से मिल रहे कुल आयरन का 10 फीसदी आंत अवशोषित कर लेती है। इसलिए हमें कम-से-कम 10 से 20 मिलीग्राम आयरन का सेवन करना चाहिए।
आयरन के शाकाहारी स्रोत

काजू

काजू शरीर में खास पोषक तत्‍वों की कमी को दूर करता है। जिन लोगों के शरीर में आयरन की कमी होती है डॉक्‍टर उन्‍हें काजू लेने की सलाह देते हैं। पुरुषों को 8 मिलीग्राम आयरन की जरूरत है जबकि महिलाओं को 18 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती हैं। अगर कोई 10 ग्राम काजू खाता है तो उसको 0.3 मिलीग्राम आयरन प्राप्‍त होता है।

पालक

पालक में आयरन काफी अधिक मात्रा में होता है। हीमोग्‍लोबिन की कमी होने पर पालक का सेवन करने से शरीर में इसकी कमी पूरी होती है। इसके अलावा पालक में कैल्शियम, सोडियम, क्लोरीन, फास्फोरस, खनिज लवण और प्रोटीन जैसे तत्‍व आदि मुख्य हैं।

मुनक्का

मुनक्के में आयरन और बी कॉम्पलेक्स यानि विटामिन बी भरपूर मात्रा में होता है इसलिए मुनक्का शरीर की कमजोरी और एनीमिया को ठीक करता है। इसमें मौजूद आयरन रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाता है। यह स्‍वाद में मीठा और हल्‍का, सुपाच्‍य और नर्म होता है। गर्मियों में कम मुनक्का खाना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।

मूंगफली

मूंगफली एक ऐसा नट्स है जो सस्ता और पौष्टिकता से भरपूर होता है। यह आयरन और कैल्शियम का भंडार होता है। इसके अलावा इसमें फाइबर भी होता है। जब मूंगफली को मूंगफली मक्‍खन के रूप में सेवन किया जाता है तो इसके दो बड़े चम्‍मच में 0.6 मिलीग्राम आयरन शामिल होता है। इसमें पोटेशियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी भी शामिल होता हैं।

चने


एनीमिया का इलाज करने के लिए रोज सुबह नाश्ते में भीगे हुए चना दाल खाएं। रात को एक कटोरी चना दाल भिगा लें। सुबह उसमें आधा प्याज, लहसुन और एक टमाटर काट कर मिला लें। थोड़ा सा नमक डालें। अब इसे खा लें। रोजाना चना दाल ऐसे ही सुबह खाएं। हीमोग्लोबिन कंट्रोल करने के लिए आप भीगे हुए दाल में एक चम्मच शहद मिलाकर भी खाएंगे तो फायदा करेगा।

तिल

तिल भी आयरन का बहुत अच्छा स्रोत है। इसमें कई प्रकार के प्रोटीन, कैल्शियम, बी काम्‍प्‍लेक्‍स और कार्बोहाइट्रेड आदि तत्‍व पाये जाते हैं। तिल का सेवन करने से तनाव दूर होता है और मानसिक दुर्बलता नही होती। प्रतिदिन लगभग पचास ग्राम तिल खाने से आयरन और कैल्शियम की आवश्यकता पूरी होती है। तिल को आप गुड़ के साथ मिलाकर लड्डू के रूप में भी खा सकते हैं।

गुड़ का सेवन

एक चम्मच गुड़ में 3.2 मि.ग्रा. आयरन होता है। इसीलिए एनिमिया से ग्रस्त लोगों को रोज 100 ग्राम गुड़ जरूर खाना चाहिए। गुड़ में सुक्रोज 59.7 प्रतिशत, ग्लूकोज 21.8 प्रतिशत, खनिज तरल 26 प्रतिशत तथा जल अंश 8.86 प्रतिशत मौजूद होते हैं। खाने के बाद थोड़ा सा गुड़ खाने से भी एनिमिया दूर होता है। इसे खाने से ब्‍लड में शुगर की समस्‍या नहीं होगी।

रागी

रागी आयरन का बहुत अच्छा प्राकृतिक स्रोत है। रागी की खपत से खून की कमी की स्थिति बेहतर होती है।नई माँओं को रागी खाने की सलाह दी जाती है, जिससे उनमें हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाया जा सके। जिन मांओं के स्तनों में दूध का ठीक से उत्पादन ना हो रहा हो, उन्हें हरी रागी का सेवन करने की सलाह दी जाती है।दूध पिलाने वाली माताओं में दूध की कमी के लिये यह टॉनिक का कार्य करता है।

ब्रोकली

ब्रोकली में आयरन और विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है। विटामिन सी शरीर में इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने और इन्फेक्शन से लड़ने का काम करता है। इसमें कुछ ऐसे तत्व भी मौजूद होते हैं जो शरीर से टॉक्सिन्स निकाल बाहर करते हैं और सर्दी-जुकाम से प्रतिरक्षा प्रदान करते हैं।

मोटे अनाज

अनाज का सेवन करने से भी आयरन की कमी दूर होती है क्‍योंकि इसमें आयरन अधिक मात्रा में होता है। हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने के लिए भोजन में गेंहू और सूजी की बनी चीजे बहुत फायदेमंद हैं।


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