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21.3.16

गुलाब जल के फायदे //Benefits of Rose Water



   


गुलाब जल एक प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधन है जिसको लगातार लगाने से कई तरह की स्किन संबधी समस्याएँ खतम हो जाती हैं। चाहे सन बर्न हो गया हो या फिर स्किन को साफ करना हो, गुलाब जल काफी फायदेमंद होता है। साथ ही पुरूष इसे दाढ़ी बनाने के पश्चात प्रयोग कर सकते हैं|
टोनर- गुलाब जल के प्रयोग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह एक बेहतरीन टोनर भी है। यह एक प्राकृतिक अस्ट्रिन्जन्ट होता है इसलिए यह टोनर के रुप में प्रयोग किया जाता है। रोज़ रात को इसे अपने चेहरे पर लगाएं और देखे की आपकी स्किन कुछ ही दिनों में टाइट हो जाएगी और झुर्रियां चली जाएगीं।

मुंहासों को दूर करने के लिए गुलाब जल से बेहतर कुछ भी नहीं -

मुंहासों की समस्या को दूर करने के लिए गुलाब जल का इस्तेमाल करना बहुत ही फायदेमंद होता है. यह त्वचा को साफ करने के साथ ही अपने एंटी-बैक्टीरियल गुण से संक्रमण भी दूर करता है.
आज की बदलती और अव्यवस्थित जीवन शैली में मुंहासों की समस्या काफी सामान्य हो गई है. त्वचा पर मौजूद सूक्ष्म रंध्रों (पोर्स) के बंद हो जाने से, ऑयली त्वचा होने की वजह से, बैक्टीरिया का संक्रमण होने की वजह से, तनाव के चलते, हॉर्मोन्स के असंतुलित हो जाने की वजह से और शराब व सिगरेट के अति सेवन की वजह से मुहासों की समस्या हो जाती है.

गुलाब जल त्वचा के प्राकृतिक पीएच स्तर को बनाए रखने में मददगार होता है और मुंहासों के बनने के लिए उत्तरदायी बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है. हालांकि यह बेहद धीमी गति से अपना असर दिखाता है, इसलिए अगर आप मुंहासों की समस्या के लिए गुलाब जल का इस्तेमाल कर रहें हैं तो आपको पर्याप्त धैर्य रखने की जरूरत होगी. जिन लोगों की त्वचा अति संवेदनशील है, उनके लिए गुलाब जल के इस्तेमाल से बेहतर कुछ भी नहीं.
गुलाब जल को आप रुई में भिगोकर भी चेहरे पर लगा सकते हैं लेकिन आप चाहें तो गुलाब जल को इन तरीकों से भी इस्तेमाल में ला सकते हैं -
संतरे के छिलके के पाउडर को गुलाब जल में मिलाकर लगाएं-
संतरे के छिलके को धूप में सुखाकर उसे पीस लें. यह पाउडर त्वचा में निखार लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो मुंहासों की समस्या को दूर करने में मददगार होता है. इस पाउडर में थोड़ी सी मात्रा में गुलाब जल मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें. इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. उसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा साफ कर लें.
गुलाब जल तैयार करने की विधि-
1) सबसे पहले एक कंटेनर में पानी लें और उसमें गुलाब की ताजा पंखुडियों को डाल कर उबलने के लिए रखें। 

2) जब यह भली प्रकार से उबल जाए तब बरतन को कवर करके ठंडा होने के लिए रख दें। अब इसको फ्रिज में 24 घंटे के लिए ठंडा होने के लिए रखें।

3) अब इसको फ्रीज़ से निकाल कर पानी छान लें और किसी हवा बंद शीशी में रख दें। यह हमेशा ताजा बना रहे इसके‍ लिए इसको फ्रिज में ही रखें।
अदरक के साथ गुलाब जल को मिलाकर लगाना भी है फायदेमंद-
अदरक में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाया जाता है. यह मुंहासों की समस्या के लिए बेहद कारगर उपाय है. मुंहासों की समस्या को दूर करने के लिए और भविष्य में उन्हें पनपने से रोकने के लिए इस मिश्रण का इस्तेमाल करना बेहद फायदेमंद होता है.

मुलतानी मिट्टी के साथ गुलाब जल का मिश्रण-
रूप निगा।खारने के लिए मुलतानी मिट्टी का इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है. इसे गुलाब जल के साथ मिलाकर लगाने से एक ओर जहां त्वचा में निखार आता है वहीं त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं भी दूर हो जाती हैं.
नींबू के साथ गुलाब जल मिलाकर-
नींबू में अम्लीय गुण होता है जबकि गुलाब जल में ठंडक देने का. जब इन दोनों को साथ में मिलाया जाता है तो यह एक बेहतरीन उत्पाद बन जाता है. मुंहासों को बढ़ने से रोकने और उनकी रोकथाम के लिए यह एक बेहतरीन उत्पाद है.नींबू के रस की जितनी भी मात्रा आप लें, गुलाब जल की मात्रा उसकी दोगुनी होनी चाहिए. इस मिश्रण को चेहरे पर पंद्रह मिनट तक लगाकर छोड़ दें और फिर साफ पानी से चेहरा साफ कर लें.

*रुई लें और उसे गुलाब जल में डुबो कर अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं। यह न केवल चेहरे को अंदर से साफ करेगा बल्कि रोम छिद्र को भी खोलेगा और स्किन को फ्रेश बना देगा।

सिरदर्द में भी फायदेमंद-
सिरदर्द से परेशान लोग जो रोजाना गोली लेकर काम चलाते हैं वे फ्रिज में रखे एकदम ठंडे गुलाबजल में भीगे कपड़े या रूई को 40-45 मिनट तक सिर पर रखें। काफी आराम मिलेगा|

7.10.15

नेत्र ज्योति बढाने के उपाय // Home remedies to improve eyesight



कम उम्र में चश्मा लग जाना आजकल एक सामान्य-सी बात है। इस समस्या से जूझ रहे लोग इसे मजबूरी मानकर हमेशा के लिए अपना लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि अगर किसी कारण से एक बार चश्मा लग जाए तो वह उतर नहीं सकता। चश्मा लगने का सबसे प्रमुख कारण आंखों की ठीक से देखभाल न करना, पोषक तत्वों की कमी या अनुवांशिक हो सकते हैं। इनमें से अनुवांशिक कारण को छोड़कर अन्य कारणों से लगा चश्मा सही देखभाल व खानपान का ध्यान रखने के साथ ही देसी नुस्खे अपनाकर उतारा जा सकता है।आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही घरेलू नुस्खे जो आंखों की समस्या में रामबाण की तरह काम करते हैं| ** आंवले के पानी से आंखें धोने से या गुलाब जल डालने से आंखें स्वस्थ रहती है।

बिना आपरेशन प्रोस्टेट  वृद्धि की अचूक औषधि

**बादाम की गिरी, बड़ी सौंफ व मिश्री तीनों को समान मात्रा में मिला लें। रोज इस मिश्रण को एक चम्मच मात्रा में एक गिलास दूध के साथ रात को सोते समय लें।
** बेलपत्र का 20 से 50 मि.ली. रस पीने और 3 से 5 बूंद आंखों में काजल की तरह लगाने से रतौंधी रोग में आराम होता है।
**आंखों के हर प्रकार के रोग जैसे पानी गिरना , आंखें आना, आंखों की दुर्बलता, आदि होने पर रात को आठ बादाम भिगोकर सुबह पीस कर पानी में मिलाकर पी जाएं।
**केला, गन्ना खाना आंखों के लिए लाभकारी है। गन्ने का रस पिएं। एक नींबू एक गिलास पानी में पीते रहने से जीवन भर नेत्र ज्योति बनी रहती है।
** हल्दी की गांठ को तुअर की दाल में उबालकर, छाया में सुखाकर, पानी में घिसकर सूर्यास्त से पूर्व दिन में दो बार आंख में काजल की तरह लगाने से आंखों की लालिमा दूर होती है व आंखें स्वस्थ रहती हैं।करते रहने पर चश्मे का नंबर कम हो जाता है।
** कनपटी पर गाय के घी की हल्के हाथ से रोजाना कुछ देर मसाज करने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है।
**पैर के तलवों पर सरसों के तेल की मालिश करके सोएं। सुबह के समय नंगे पैर हरी घास पर चलें व नियमित रूप से अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें।आंखों की कमजोरी दूर हो जाएगी।
** एक चने के दाने जितनी फिटकरी को सेंककर सौ ग्राम गुलाब जल में डालकर रख लें। रोजाना रात को सोते समय इस गुलाब जल की चार-पांच बूंद आंखों में डाले। साथ ही,पैर के तलवों पर घी की मालिश करें इससे चश्मे के नंबर कम हो जाते हैं।
** रात्रि में सोते समय अरण्डी का तेल या शहद आंखों में डालने से आंखों की सफेदी बढ़ती है।
**नींबू एवं गुलाब जल का समान मात्रा में मिलाकर बनाया गया मिश्रण एक-एक घंटे के अंतर से आंखों में डालने से आखों को ठंडक मिलती है। 
** त्रिफला चूर्ण को रात्रि में पानी में भिगोकर, सुबह छानकर उस पानी से आंखें धोने से नेत्रज्योति बढ़ती है।
** बादाम की गिरी, बड़ी सौंफ व मिश्री तीनों को समान मात्रा में मिला लें। रोज इस मिश्रण को एक चम्मच मात्रा में एक गिलास दूध के साथ रात को सोते समय लें।
** सुबह के समय उठकर बिना कुल्ला किए मुंह की लार (Saliva) अपनी आंखों में काजल की तरह लगाएंं।लगातार 6 महीने |बुढ़ापे में भी चश्मे की जरुरत नहीं होगी| 


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आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचा