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3.3.17

कड़ी पत्ता के स्वास्थ्य लाभ और उपयोग // Health benefits and uses of curry leaves


कड़ी पत्ता: प्रायः भारत के हर भाग और हर घर में पाया जाने वाला पौधा है। इसे मीठी नीम भी कहा जाता है। इसे सभी प्रकार के भोजन में तड़के के रूप में खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। कड़ी पत्‍ता या फिर जिसको हम मीठी नीम के नाम से भी जानते हैं, भोजन में डालने वाली सबसे अहम सामग्री मानी जाती है। यह खास तौर पर साउथ इंडिया में काफी पसंद किया जाता है। अक्‍सर लोग इसे अपनी सब्‍जियों और दाल में पड़ा देख, हाथों से उठा कर दूर कर देते हैं। पर आपको ऐसा नहीं करना चाहिये। कड़ी पत्‍ते में कई मेडिकल प्रोपर्टी छुपी हुई हैं। यह हमारे भोजन को आसानी से हजम करता है और अगर इसे मठ्ठे में हींग और कुडी़ पत्‍ते को मिला कर पीया जाए तो भोजन आसानी से हजम हो जाता है।लेकिन कन्नड़ भाषा में इसे काला नीम कहा जाता है। कड़ी पत्ता ना केवल खाने का जयका बढ़ता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इससे मधुमेह, लिवर जैसी बड़ी बीमारिया भी दूर होने लगती है। आप शायद नहीं जानते होंगे लेकिन जो लोग अपना वजन कम करना चाहते है, उनके लिए भी यह फायदेमंद है। दक्षिण भारत और पश्चिमी-तट के राज्यों में कई तरह के व्यंजन में इसकी पत्तियों का उपयोग बहुतायत किया जाता है। इसका उपयोग आयुर्वेद में जड़ी-बूटी के रूप में किया जाता है। इसमें कई तरह के औषधीय गुण जैसे ऐंटी-डायबिटीक, ऐंटीऑक्सीडेंट, ऐंटीमाइक्रोबियल पाये जाते है। कड़ी पत्ते के सेवन से दस्त में फायदा मिलता है, इससे पाचन तंत्र सुधरता है आदि। मधुमेह के रोगियों के लिए तो यह बहुत ही ज्यादा फायदेमंद है। कढ़ी पत्ता लम्बे और स्वस्थ बालों के लिए भी बहुत लाभप्रद माना जाता है।

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कड़ी पत्ता या मीठा नीम सब्जी , दाल आदि में खुशबू और स्वाद के लिए तड़के में डाला जाता है। इसकी चटनी भी बनाई जाती है। कढ़ी पत्ता सिर्फ खुशबू और स्वाद ही नहीं देता बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी कढ़ी पत्ता बहुत लाभदायक होता है। इसकी ताजा पत्तियों में एक अलग ही खूशबू होती है। यह खुशबू फ्रिज में या बाहर रखने पर नहीं मिल पाती इसलिए ताजा तोड़ी हुई पत्ती ही उपयोग में लेनी चाहिए।
*करी पत्ते का इस्तेमाल मुख्य रूप से किसी भी व्यंजन का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है. करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्व कई लिहाज से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं. शुगर को कंट्रोल में रखकर यह वजन भी बढ़ने नहीं देता. इसे त्वचा और बालों के लिए भी अच्छा माना जाता है. करी पत्ते के कुछ फायदे तो ऐसे होते हैं जिन पर आप भरोसा भी नहीं कर पाएंगे:
*कढ़ी पत्ता के फूल सफ़ेद रंग के छोटे और ख़ुशबूदार होते हैं। इसमें काले रंग के छोटे फल
लगते है। कढ़ी पत्ते के बीज ज़हरीले होते हैं।
बालों की जड़ों को मज़बूत बनायें ज़रूरत से ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल और प्रदूषण की वजह से बालों को काफी नुक्सान होता है। करी पत्ते में वो सारे पोषण तत्व पाये जाते हैं, जो बालों को स्वस्थ रखते हैं। करी पत्तों को पीस कर इसका लेप बना लें फिर इसे सीधे बालों की जड़ों में लगाएं या आप करी पत्ते को खा भी सकते हैं, अगर आपको इसके कड़वे स्वाद से कोई परेशानी नहीं है। इससे आपके बाल काले, लंबे और घने हो जाएंगें साथी ही बालों की जड़ें भी मज़बूत होंगी।

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*कुछ लोग कढ़ी पत्ता सब्जी से बाहर निकाल कर रख देते है जबकि इसे खा लेना चाहिए। कढ़ी पत्ता बहुत पोष्टिक होता है। करी पत्ता से प्रोटीन , कैल्शियम , मैग्नेशियम , फॉस्फोरस , आयरन , कॉपर आदि मिलते है। इसके अलावा इससे विटामिन C , विटामिन A ,कड़ी पत्ता खाने से त्वचा, बाल और स्वास्थ्य को कितने फायदे मिलते हैं! कड़ी पत्ता ब्लड-शुगर लेवल को कम करने में सहायता करता है जो मधुमेह रोगियों के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होता है। यहाँ तक लीवर को स्वस्थ रखने के लिए कड़ी पत्ता का जूस पिया जाता है,जो लीवर के लिए लाभकारी होता है। यह तो कड़ी पत्ते के फायदों के बारे में बता रहे हैं लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि कड़ी पत्ता से वज़न को भी आसानी से घटाया जा सकता है। इन पत्तों के सेवन से आपके शरीर का जमा फैट निकल जाता है और इसमें जो फाइबर होता है वह शरीर से विषाक्त पदार्थों या टॉक्सिन को निकाल देता है। इसका रेचक (laxative) गुण खाने को जल्दी हजम करवाता है,
*एनीमिया के खतरे को कम करता है:
 करी पत्ते में भरपूर मात्रा में आयरन और फॉलिक एसिड होता है. आयरन जहां शरीर के लिए एक प्रमुख पोषक तत्व है वहीं फॉलिक एसिड इसके अवशोषण में सहायक होता है. इस वजह से यह एनीमिया से बचाव करने में कारगर है.लीवर शरीर का बहुत महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। कई प्रकार के काम करता है। स्वस्थ रहने के लिए लीवर का निरंतर बिना रुके सही तरीके से काम करना जरुरी होता है। करी पत्ता लीवर को सशक्त बनाता है । यह लीवर को बेक्टिरिया तथा वायरल इन्फेक्शन से बचाता है। इसके अलावा यह फ्री रेडिकल्स , हेपेटाइटिस , सिरोसिस आदि कई प्रकार की बीमारियों से लीवर को बचाता है।

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कड़ी पत्ते से घटाए वजन
यह जानकर आपको आश्चर्य होगा की कड़ी पत्ते से आप आपका वजन भी कम कर सकते है| दरहसल इसके पत्तों के सेवन से आपके शरीर का जमा फैट बाहर निकल जाता है और इसमें मौजूद फाइबर शरीर से विषाक्त पदार्थों या टॉक्सिन को निकाल देता है। इसके इस्तेमाल से आपके शरीर की जमी हुई चर्बी कम होने लगेगी, और वजन भी आसानी से कम हो जायेगा|
आँखें
करी पत्ता में पर्याप्त मात्रा में विटामिन A होता है। विटामिन A आँखों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से रतोंधी
नामक बीमारी हो सकती है , आँखों की रौशनी कम हो सकती है और भी बहुत सी परेशानियां हो सकती है।
गर्मी में ठंडक पहुँचाये
गर्मियों में अक्सर पेट में जलन और दर्द होने की समस्या होने लगती है, तो उसके लिए आपको कुछ नहीं करना है बस जो छाछ की लस्सी आप पीते है, उसमे आपको कड़ी पत्ते डालकर सेवन करना है, इससे आपको पेट में जल्द ही ठंडक महसूस होने लगेगी।
*दिल से जुड़ी समस्याओं में: करी पत्ता कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मददगार होता है. यह ब्लड में गुड कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ाकर दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है.

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बालों को ग्रोथ के लिए: 
करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्व बालों को जल्दी सफेद नहीं होने देते और बालों का झड़ना भी कम करते हैं. यह डैंड्रफ जैसी समस्याओं में भी कारगर होता है.
तनाव दूर करने को भोजन में शामिल करे कड़ी पत्ते
भोजन में इसको नियमित रूप से शामिल करेंगे उतना आपका तनाव और दूर होगा, सिर्फ यही नहीं इससे आपके बालो को काला होने में भी मदद मिलेगी।
एंटीऑक्सीडेंट
करी पत्ता में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट तथा फेनोल्स पाए जाते है जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाते है। करी पत्ता के विशेष तत्व
ल्यूकेमिया , प्रोस्टेट कैंसर तथा कोलोरेक्टल कैंसर आदि से बचाव करने में सक्षम पाए गए है। कई प्रकार के विटामिन की मौजूदगी भी
ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस तथा फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाते है।
कड़ी पत्ते से मिलने वाले अन्य लाभ इन्हे भी जाने
कड़ी पत्ते से बाल झड़ने की समस्या भी कम होती है।
कड़ी पत्ते आँखों की ज्योति बढ़ाने के लिए फायदेमंद होता है।
इसका सेवन डायरिया, डिसेंट्री, पाइल्स, पाचन आदि में असरदारी है।
कड़ी पत्ते के पेस्ट को जले और कटे स्थान पर लगाने से लाभ मिलता है।

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आँखों की बीमारियों में लाभकारी है कड़ी के पत्ते, यह नेत्र ज्योति को भी बढाता है।
कड़ी पत्ते को आवले के तेल में मिलाने से यह बालो में टॉनिक का काम करता है।
यदि जहरीले कीड़े ने काट लिया हो तो इसके फलों के रस को निम्बू के रस के साथ मिलाकर लगाने से लाभ मिलता है।
मतली और अपच जैसी समस्‍या के लिए कड़ी पत्‍ते का उपयोग बहुत लाभकारी होता है। इसको तैयार करने के लिए कड़ी पत्‍ते का रस ले कर उसमें नींबू निचोडें और उसमें थोड़ा सी चीनी मिलाकर प्रयोग करें।
अगर आप अपने बढ़ते हुए वजन से परेशान हैं और कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। तो रोज कुछ पत्‍तियां कड़ी नीम की चबाएं। इससे आपको अवश्‍य फायदा होगा।
कड़ी पत्‍ता हमारी आंखों की ज्‍योती बढाने में भी काफी फायदेमंद है। साथ ही यह भी माना जाता है कि यह कैटरैक्‍ट जैसी भंयकर बीमारी को भी दूर करती है।
अगर आपके बाल झड़ रहें हों या फिर अचानक सफेद होने लग गए हों तो कड़ी पत्‍ता जरुर खाएं।
कड़ी पत्ते से बाल झड़ने की समस्या भी कम होती है।
कड़ी पत्ते आँखों की ज्योति बढ़ाने के लिए फायदेमंद होता है।
इसका सेवन डायरिया, डिसेंट्री, पाइल्स, पाचन आदि में असरदार है।
कड़ी पत्ते के पेस्ट को जले और कटे स्थान पर लगाने से लाभ मिलता है।
आँखों की बीमारियों में लाभकारी है कड़ी के पत्ते, यह नेत्र ज्योति को भी बढाता है।
कड़ी पत्ते को आवले के तेल में मिलाने से यह बालो में टॉनिक का काम करता है।
इसके हरे पत्ते में शरीर के लिए फायदेमंद तत्व आयरन, कॉपर, जिंक, केल्शियम, विटामिन ए और बी, अमीनो एसिड, फोलिक एसिड आदि मौजूद होते है।

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

कड़ी पत्ते का सेवन कोलेस्ट्रोल को कम करने में मददगार है।
यह इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है।
कड़ी पत्ते किडनी के लिए लाभकारी होते है।
यदि जहरीले कीड़े ने काट लिया हो तो इसके फलों के रस को निम्बू के रस के साथ मिलाकर लगाने से लाभ मिलता है।
यह बालो को काला करने के साथ ही सफ़ेद होने से और झड़ने से भी रोकता है।
इसके पत्तों का पेस्ट बनाकर बालों में लगाने से जुओं से छुटकारा मिलता है।
वजन कम करने के लिए रोजाना कुछ मीठी नीम की पत्तियाँ चबाना फायदेमंद होता है।
कड़ी पत्ते में एंटी ओक्सीडेंट होते है जो और केंसर कोशिकाओं को बढ़ने नहीं देते है।
कड़ी पत्ते पेन्क्रीआज़ के बीटा सेल्स को एक्टिवेट करके मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करते है।
पित्त पथरी (gallstone) के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार 

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14.2.17

तैराकी है सबसे अच्‍छा व्‍यायाम स्वास्थ्य के लिए

   

    तैरना एक कला के साथ ही व्‍यायाम भी है, यह सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है। तैरने से कई प्रकार की बीमारियों का खतरा तो कम होता ही है, साथ ही आपका शरीर भी मजबूत बनता है।
तैरना - यह व्यायाम का एक उत्कृष्ट रूप है।यह काम सभी मांसपेशी समूहों में आता है।वसा पेशी से बदला गया है जब इस वजह से, खोने वजन सही ढंग से किया जाता है।एक घंटे के लिए तैराकी की मदद से, आप गहन चलाने निर्माण के दौरान 100 से अधिक है, जो 500 कैलोरी, अप करने के लिए खो सकते हैं।

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गठिया रोग से बचाव-

नियमित तैरने से आपके शरीर के जोड़ मजबूत होते हैं। जोड़ मजबूत होने से आपको भविष्‍य में गठिया संबंधी परेशानी होने का खतरा कम होता है। गठिया से बचाव के लिए अन्‍य प्रकार की एरोबिक एक्‍सरसाइज करने की भी सलाह दी जाती है। गर्म पानी से सिकाई करने पर भी गठिया के दर्द में राहत मिलती है।
दिल और फेफड़ों के लिये लाभकारी स्‍विमिंग एक ऐसी एक्‍सरसाइज है जिसको करने से सांस बार बार अंदर बाहर खींचनी पड़ती है। इसलिये यह दिल और फेफड़े के लिये अच्‍छी मानी जाती है। इसे रेगुलर करने से हार्ट अच्‍छे से काम करता है।

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दिल मजबूत होता है-

स्‍वीमिंग एक प्रकार की एरोबिक एक्‍सरसाइज है और इससे आपके दिल की मांशपेशियां मजबूत होती हैं। इससे आपके पूरे शरीर में रक्‍त संचार अच्‍छा रहता है। कई शोधों से यह भी सामने आया है कि प्रतिदिन आधे घंटे तक स्‍वीमिंग करने से महिलाओं को कोरोनरी हार्ट डिजीज होने का खतरा 30 से 40 फीसदी तक कम हो जाता है।
मासपेशियां रेगुलर तैराकी करने से मासपेशियां मजबूत बनती हैं और उनमें शक्‍ती आती है। आपकी पूरी बॉडी टोन्‍ड लगने लगती है।

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मसल्‍स बढ़ाने में कारगर-

यदि आप नियमित रूप से स्‍वीमिंग करते हैं तो आपको कोई और व्‍यायाम करने की जरूरत नहीं होती। स्‍वीमिंग आपकी मांसपेशियां बढ़ती हैं और मजबूत भी होती हैं। तैरने के दौरान जमीन पर व्‍यायाम की तुलना में 12 गुना अधिक मेहनत करनी पड़ती है। तैरने से आपके शरीर के जोड़ मजबूत होते हैं।

गुड कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ता है-

स्‍वस्‍थ रहने के लिए जरूरी है कि आपके शरीर में बैड कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा कम हो। शरीर में गुड कोलेस्‍ट्रॉल यानी एचडीएल ज्‍यादा है तो यह आपके लिए फायदेमंद साबित होता है। हफ्ते में पांच दिन तैरने से शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा बैलेंस रहती है। कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा सही रहने से आपको हृदय रोग की आशंका भी कम होती है।

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रक्‍त संचार बढ़ता है-

तैरने से शरीर का रक्‍त संचार बढ़ता है और आपको तनाव व दर्द से राहत मिलती है। रक्‍त संचार बढ़ने से आप चुस्‍त रहते हैं और किसी भी काम को ज्‍यादा मन लगाकर करते हैं।

वजन कम करने में सहायक-

कई बार लोग यह सोचते हैं क‍ि पानी का तापमान शरीर से कम होता है, इसलिए स्‍वीमिंग से वजन कम नहीं हो सकता। जबकि हकीकत यह है कि स्‍वीमिंग को कैलोरी बर्न वाले बेहतर व्‍यायामों में से माना जाता है। तैरने से वजन नियंत्रण में रहता है और मोटापा भी कम होता है। हर रोज 30 मिनट तैरने से शरीर से लगभग 440 कैलोरी कम हो जाती है।

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शरीर में लचीलापन बढ़ता है-

बॉडी में ज्‍यादा से ज्‍यादा लचीलापन लाने के लिए काफी लोग जिम और अन्‍य प्रकार के व्‍यायामों का सहारा लेते हैं। तैरना एक ऐसा व्‍यायाम है जिससे आपके शरीर के हर हिस्‍से में लचीलापन बना रहता है।

तनाव दूर करे-


 स्विमिंग आपके दिल के लिए अच्छा है और यह शरीर पर तनाव के प्रभाव को भी कम करता है। अगर आपको अपने कार्यस्‍थल पर तनाव महसूस होता है तो पूल पर जाना ना भूलें।

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