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27.7.19

नींद मे पसीना आने के उपचार


तापमान और हवा का दबाव ज्यादा होने पर रात में पसीना आना बहुत आम बात है। लेकिन ये कारण अगर मौजूद नहीं हैं, तो रात में पसीना ज्यादा आना किसी ऐसी बात का लक्षण हो सकता है जिसका पता लगाने की ज़रूरत है।
हालांकि रात को बहुत ज्यादा पसीना आम बात है। इसके अलावा कभी-कभी जब हम सर्दी लगने से ऊबर रहे होते हैं या हमें कोई छोटा-मोटा संक्रमण हुआ हो, तो भी इसका अनुभव करते हैं। इसके अलावा रजोनिवृत्ति (menopause) के दौरान रात में अक्सर पसीना आता है।
हालांकि रात में पसीने का अनुभव करने वाला हर कोई हाइपरहाइड्रोसिस से पीड़ित नहीं होता है, यह स्थिति अक्सर स्वास्थ्य केंद्रों के मरीजों में दिखाई देती है। कई मामलों में, अत्यधिक पसीना आने का कारण अनिद्रा (insomnia), तनाव (stress) या रात को अच्छी नींद न मिलने पर होने वाली एंग्जायटी भी होती है।
लेकिन कुछ मामलों में, अंदरूनी बीमारियां जो अपेक्षाकृत गंभीर होती हैं, इस स्थिति का कारण बन सकती हैं। इन बीमारियों का इलाज किया जाना ज़रूरी होता है।
जब आपके कमरे में अधिक गर्मी होती है या फिर आप एक साथ कई चादरें औढ लेते हैं तो आपको पसीना आ सकता है। लेकिन हम इसके बारे में बात नहीं कर रहे हैं। आधी रात में पसीना आने से मतलब है आप पसीने से तरबतर होकर उठते हैं और कभी-कभार आपको चादरें बदलने की नौबत तक पड़ जाती है। आमतौर पर यह चिकित्सा से संबंधित हो सकता है। अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें रात को सोते वक्त बेहद पसीना आ जाता है  इसके पीछे के ऐसे 5 कारण  हैं, जिनको आप ठीक कर इससे निजात पा सकते हैं।
लो ब्लड शुगर (Low Blood Sugar)
क्या आपको डायबिटीज है? जब आप सोते वक्त जांचते हैं तो आपका ब्लड ग्लूकोज स्थिर होता है लेकिन सोने के बाद इसमें अचानक गिरावट आ जाती है। इसके पीछे आपकी दिन भर की भागदौड़, शाम को की गई एक्सरसाइज या फिर देर रात खाना खाना हो सकता है। अगर आप अपनी डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन का प्रयोग करते हैं तो इसके लिए रात को ली गई हाइपोगिल्समिया जिम्मेदार हो सकती है। जब आपका ग्लूकोज सोने से पहले 140 मिलीग्राम/डीएल के मुकाबले कम हो जाए या कुछ घंटे में इसमें गिरावट आ जाए तो कुछ खा लें।
नींद में सांस लेने मे दिक्कत (Sleep Apnea)
जब आप इस स्थिति से गुजर रहे होते हैं तो आपको रात में सांस लेने के दौरान कई बार दिक्कत होती है। क्योंकि आपकी बॉडी को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा होता है, जिसके कारण आपको पसीना आने लगता है। हर बार जब आप दोबारा से सांस लेना शुरू करते हैं तो आपकी मांसपेशियों को दोगुना काम करना पड़ता है। जो लोग रात में सांस लेने के लिए सीपीएपी मशीन का प्रयोग करते हैं उन्हें रात में अक्सर पसीना आता है।
एसिड रिफलक्स (Acid Reflux)
सीने में जलन और सीने में दर्द ही आपको रात में नहीं उठाता। पेट की समस्या का उपचार न कराना आपको रात में पसीना से तरबतर कर सकता है। सोने से पहले कम खाना खाएं और हो सके तो टहलें। फैटी, तले और टमाटार से बने उत्पाद खाने से बचें। अगर आपको सप्ताह में दो बार भी इसके लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
दवाएं (Medications)
बहुत सी दवाएं रात में पसीने के कारण बन सकती हैं, इसमें बुखार के लिए मेडिकल से खरीदी गई दवाएं भी शामिल हैं। ट्राइसाइक्लिक या टीसीए जैसे पुराने एंटीडिप्रेसेंट्स के साथ-साथ बुप्रोपियन व वेनलाफैक्सिन, हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी और कोर्टिसोन व प्रेडनिसोन जैसे स्टेरॉयड सामान्य रूप से रात में पसीना आने का कारण बन सकते हैं। ग्लूकोमा के लिए दवाएं और मुंह का सूखना भी पसीने की ग्रंथियों को उत्तेजित करती हैं।
थाइरॉयड का अतिसक्रिय होना (Overactive Thyroid)
ज्यादा पसीना आना और गर्मी के प्रति संवेदनशील होना हाइपरथाइरॉयडिज्म का प्रमुख लक्षण है। आपकी थाइरॉयड ग्रंथि आपके मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है इसलिए जब यह अधिक हार्मोन बनाने लगती है तो आपकी बॉडी अतिसक्रिय होने लगती है। आपके शरीर का तापमान बढ़ जाता है और आपको भूख व प्यास लग सकती है, आपकी नब्ज तेज चलने लगती है या फिर आपके हाथ कांपने लगते हैं।हमें यह ध्यान रखना चाहिए, जब थायराइड ग्रंथि थायरॉक्सिन हॉर्मोन से जुड़ा कोई बदलाव अनुभव करती है, तो यह हमारे मेटाबोलिज्म पर असर डालता है। इसके मुख्य नतीजों में  गर्मी को लेकर असहनशीलता और अत्यधिक पसीना आना है।
*रात में पसीना आना गेस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज का संकेत भी हो सकता है
गेस्ट्रोइसोफेगल रिफलक्स के प्रमुख लक्षण
1-रोगी के सीने या छाती में जलन.
2-कई बार एसिडिटी के कारण सीने में दर्द भी रहता है, मुंह में खट्टा पानी आता रहता है.
3-एसिडिटी के कारण कई बार रोगी ऐसा महसूस करता है जैसे भोजन उसके गले में आ रहा है या कई बार डकार के साथ खाना मुंह में आ जाता है.
4-रात में सोते समय इस तरह की शिकायत ज्यादा होती है और बहुत ज्यादा पसीना आता है.
5-कई बार एसिड भोजन नली से सांस की नली में भी पहुंच जाता है, जिससे मरीज को दमा या खांसी की तकलीफ भी हो सकती है.
आमतौर पर पसीना आना चिंता का विषय नहीं होता, लेकिन तब परेशान होना जरूरी है जब जरूरत से ज्यादा पसीना आए और वो भी रात में आता हो. दरअसल डॉक्टर्स का मानना है कि रात में अत्यधिक पसीना आना या बैचेनी महसूस करना खतरे की घंटी है. इस समस्या को नजरअंदाज करने की बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और यदि यह गेस्ट्रोइसोफेगल रिफलक्स के कारण हो तो इसके उपचार के लिये डॉक्टर की सलाह से दवाएं लें.
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