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4.6.16

अतिसार की चिकित्सा // Home treatment of diarrhea






असंतुलित और अनियमित खान-पान से,दूषित पानी उपयोग करने से,खाली पेट चाय पीने से, अधिक ठंडे पदार्थों के सेवन करने से,अखाद्य और विजातीय पदार्थ भक्छण करने से ,पाचन क्रिया ठीक न होने से,लिवर की प्रक्रिया में व्यवधान आने से प्राय: अतिसार रोग की उत्पत्ति होती है।इस रोग में रोगी को आम युक्त पानी जैसे पतले दस्त होने लगते हैं। बार-बार शोच के लिये जाना पडता है। रोग लम्बा चलने पर रोगी बहुत दुर्बल हो जाता है और ईलाज नहीं लेने पर रोगी की मृत्यु भी हो जाती है।




अतिसार रोग के लक्षण -

रोगी को बार-बार मल त्यागने जाना,नाभी के आस पास व पेटमें मरोड का दर्द होना,गुड गुडाहट की आवाज के साथ दस्त होना,दस्त में बिना पचा हुआ आहार पदार्थ निकलना,हवा के साथ वेग से दस्त बाहर निकलना,पसीना, बेहोश हो जाना, दस्तों में शरीर का जल निकल जाने से डिहाईड्रेशन की हालत पैदा हो जाना-ये अतिसार रोग के प्रमुख लक्षण हैं।

अब यहां अतिसार की सरल चिकित्सा लिख रहा हूं। अतिसार को तुरंत रोकने का प्रयास घातक भी हो सकता है। आहिस्ता-आहिस्ता अतिसार नियंत्रित करना उत्तम है।



1) अतिसार रोग दूर करने का एक साधारण उपाय है केला दही के साथ खाएं। इससे दस्त बहुत जल्दी नियंत्रण में आ जाते हैं।
२) एक नुस्खा बनाएं। आधा चम्मच निंबू का रस,आधा चम्मच अदरक का रस और चौथाई चम्मच काली मिर्च का पवडर मिश्रण करलें। यह नुस्खा दिन में दो बार लेना उचित है।



३) अदरक की चाय बनाकर पीने से अतिसार में लाभ होता है और पेट की ऐंठन दूर होती है।
४) भूरे चावल पोन घंटे पानी में उबालें।छानकर चावल और पकाये हुए चावल का पानी पीयें। दस्त रोकने का अच्छा उपाय है
५) आम की गुठली का पावडर पानी के साथ लेने से अतिसार ठीक होता है।



६) निंबू बीज सहित पीस लें और पेस्ट बनालें। एक चम्मच पेस्ट दिन में तीन बार लेने से अतिसार में फ़ायदा होता है।

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७) अदरक इस रोग की अच्छी दवा मानी गई है। करीब १०० मिलि गरम पानी में अदरक का रस एक चम्मच मिलाकर गरम-गरम पीयें। अतिसार में अच्छे परिणाम आते हैं
८) एक खास बात याद रखें कि अतिसार रोगी पर्याप्त मात्रा में शुद्ध जल पीता रहे। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। विजातीय पदार्थ पेशाब के जरिये बाहर निकलते रहेंगे।




९) सौंफ़ और जीरा बराबर मात्रा में लेकर तवे पर स्रेक लें और पावडर बनालें। ५ ग्राम चूर्ण पानी के साथ हर तीन घंटे के फ़ासले से लेते रहें। बहुत गुणकारी उपाय है।



१०) जीरा तवे पर सेक लें। पाव भर खट्टी छाछ में २-३ ग्राम जीरा-पावडर डालकर और इसमे आधा ग्राम काला नमक मिलाकर दिन में तीन बार पीने से अतिसार का ईलाज होता है।
११) ५० ग्राम शहद पाव भर पानी में मिलाकर पीने से दस्त नियंत्रण में आ जाते हैं।
१२) आधा चम्मच मैथी के बीज,आधा चम्मच जीरा सिका हुआ और इसमें ५० ग्राम दही मिलाकर पीने से अतिसार रोग में बहुत लाभ होता
१३) अदरक का रस नाभि के आस -पास लगाने से अतिसार में लाभ होता है|


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१४) कच्चा पपीता उबालकर खाने से दस्त में आराम लग जाता है|
१५) मिश्री और अमरूद खाना हितकारी है|

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2.6.16

एक्ज़ीमा के घरेलु उपचार // Eczema home remedies



एक्जिमा (Eczema) सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है और इसके कारण कष्ट भी होता है | चिकित्सक अक्सर इसमें स्टेरॉयडल क्रीम (steroidal cream) लगाने की सलाह देते हैं | कई लोगों को स्टेरॉयड के उपयोग से कई तरह के साइड इफ़ेक्ट हो जाते हैं इसलिए स्टेरॉयड हमेशा सबके लिए उचित नहीं होते हैं | परन्तु अच्छी बात ये है कि यहाँ कई ऐसी चीजें हैं जिनसे खुजली, रूखापन और त्वचा में होने वाले परिवर्तन को ठीक किया जा सकता हैं |
*नींबू हर घर में आराम से मिल जाता है। इसलिए बॉडी में जहां पर भी खुजली हो रही हो उस जगह पर नींबू और गरी का तेल मिलाकर लगा लें। लगाने के तुरंत बाद खुजलाएं नहीं। थोड़ी देर में आराम मिल जाएगा। नीम्बू को बीच से आधा काटकर सीधे एक्जिमा पर लगायें | इससे कुछ बदलाव दिखाई देंगे | जलन होने की उम्मीद कर सकते है परन्तु जलन सिर्फ तब होती है जब आप इसे खुरचते है | नीम्बू आपकी त्वचा के अन्दर संचित हुई सूजन को हटाता है इसलिए जलन होती है | अधिकांशतः एक्जिमा वाली त्वचा के फट जाने से जलन होती है |
*खीरे को बारीक स्‍लाइस में काटकर दो घंटे के लिए रख दें। पूरा रस निकल जाने के बाद उसे छान लें और खुजली वाली जगह पर लगा लें। जरूर आराम होगा।
*गेहूं के आटे का लेप करने से शरीर के सारे चर्म रोग दूर हो जाते हैं और खुजली में आराम मिलता है।
बार-बार नहाने से बचें, गुनगुने पानी का प्रयोग करें: बार-बार नहाने से त्वचा से नमी निकल जाती है और एक्जिमा को बदतर बना देती है | नहाने की एक सीमा रखें और अगर हो सके तो प्रत्येक 1 से 2 दिन शावर लें | भापयुक्त या ठंडा शावर लेने से बचें और 15 से 20 मिनट तक ही लें | खुद नरमी से थपथपाकर पोंछने के लिए साफ़ और सूखी टॉवेल इस्तेमाल करें |
*शावर के बाद मॉशसचराइज़र लगायें | अपनी त्वचा को नमी देने के लिए शिया (shea) बटर, एवोकेडो या केस्टर ऑइल लगायें | इस बात की सावधानी रखें कि एक्जिमा से पीड़ित लोग इन ऑयल्स को सहन कर सकें क्योंकि हर व्यक्ति अलग होता है और आपको पता लगाना है कि आपके लिए सबसे अच्छा क्या हैं |
*टब में लम्बे समय तक न रहें, कभी-कभी पानी आपकी त्वचा को मुरझा सकता है | आप नहीं चाहेंगे कि आपका एक्जिमा उत्तेजित हो क्योंकि त्वचा में उत्तेजना से एक्जिमा की स्थिति में खुजली की सम्भावना बढ़ जाती है |
*खुजली होने पर गुनगुने पानी से नहाएं और तुरन्‍त बाद किसी माश्‍चराइजर या क्रीम का यूज न करते हुए ऑलिव ऑयल यानि जैतून के तेल का इस्‍तेमाल करें। अच्‍छे से हल्‍के - हल्‍के मालिश करने पर खुजली वाली जगह में आराम मिलेगा।
*एलोवेरा का प्रयोग करें: एलोवेरायुक्त उत्पाद खरीदने की बजाय एलोवेरा के वास्तविक पौधे से एलोवेरा लें | एक पत्ति को तोड़कर निचोड़ें और ज़ेल (gel) को निकालें | एक्जिमा से ग्रस्त त्वचा पर इस ज़ेल को लगायें और सूखने दें | कई बार इस्तेमाल के लिए इसकी पत्तियों को रेफ्रीजिरेटर में संग्रह करके रखा जा सकता है | शुद्ध एलोवेरा से कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होते, इसलिए ज़रूरत पड़ने पर इसका उपयोग करना पूरी तरह से सुरक्षित है |एलोवेरा पौधे के ज़ेल-समान सार भाग का उपयोग हजारों सालों से मॉशसचराइज़र और सूजनविरोधी (anti-inflammatory) उपचार के रूप में किया जाता रहा है
 *कई लोगों ने एक्जिमा के इलाज़ में इसे प्रभावकरी पाया है क्योंकि यह खुजली को शांत करता है और रुखी, शल्कीय (flaky) त्वचा को नमी देता है |
*हरड़ को बारीक पीस लें। दो चम्‍मच हरड़ को दो गिलास पानी में उबाल कर रख लें। जहां भी खुजली हो, उस पानी को लगा लें कुछ देर में आराम मिल जाएगा।
*नारियल तेल प्रयोग करें: आर्गेनिक नारियल तेल (Organic cold pressed virgin coconut oil) का प्रयोग सामान्यतः मॉशसचराइज़र के रूप में किया जाता है

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राम मिलता है।