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26.3.17

रोग के अनुसार आयुर्वेदिक औषधि// Ayurvedic medicine according to the disease




शरद ऋतु में विशेष रूप से सेवन योग्य (पौष्टिक) :
 बादाम पाक, बसंत, कुसुमाकर रस, च्यवनप्राश अवलेह (स्पेशल) दयाल तेल, दशमूलारिष्ट।
विषम ज्वर (मलेरिया) :
. विषम ज्वरांतक लौह, सुदर्शन चूर्ण, महासुदर्शन काढ़ा, अमृतारिष्ट, ज्वरांकुश रस, सत्व गिलोय।
वात श्लेष्मिक ज्वर (एन्फ्लूएन्जा) : त्रिभुवन कीर्ति रस, लक्ष्मी विलास रस, संजीवनी वटी, पीपल 64 प्रहरी, अमृतारिष्ट।
श्लीपद (हाथी पाँव) :
 नित्यनंद रस, मल्ल सिंदूर।
जीर्ण ज्वर व अन्य : 
स्वर्ण वसंत मालती, सितोपलादि चूर्ण, अमृतराष्टि, मत्युंजय रस, आनंद भैरव, गोदंती भस्म, सर्वज्वरहर लौह, संजीवनी, 
ज्वरांकुश रस ,महालाक्षादि तेल।
पार्श्व शूल (प्लूरिसरी, फेफेड़ों में पानी भरना) :
 नारदीय लक्ष्मी विलास रस, स्वर्ण वसंत मालती, मृगश्रृंग भस्म, रस सिंदूर।
खालित्य (बालों का गिरना, गंजापन) :
 महाभृंगराज तेल, हस्तिदंतमसी, च्यवनप्राश अवलेह।
विचर्चिका (छाजन, एग्जिमा) : 
चर्म रोगांतक मरहम, गुडुच्यादि तेल, रस माणिक्य, महामरिचादि तेल गंधक रसायन, त्रिफला चूर्ण, पुभष्पांजन, रक्त शोध, खदिरादिष्ट, महामंजिष्ठादि काढ़ा।
पालित्य (बाल सफेद होना) :
 महाभृंगराज तेल, भृंगराजसव, च्यवनप्राश।
हिक्का रोग (हिचकी आना) : 
सूतशेखर स्वर्णयुक्त, मयूर चन्द्रिका भस्म, एलादि वटी, एलादि चूर्ण।
तमक श्वास (दवा)
कफकेयर, च्यवनप्राश अवलेह, सितोपलादि चूर्ण, श्वासकास, चिंतामणि कनकासव, शर्बत वासा, वासारिष्ट, वासावलेह, मयूर चन्द्रिका भस्म, अभ्रक भस्म तेल।
कास रोग (कफ खांसी) : 
कफकेयर शर्बत वासा, वासावलेह, वासारिष्ट खदिरादि वटी, मरिचादि वटी, लवंगादि वटी, त्रिकुट चूर्ण, द्राक्षारिष्ट, एलादि वटी, कालीसादि चूर्ण, कफकेतु रस, अभ्रक भस्म, श्रृंगारभ्र रस बबूलारिष्ट।
राजयक्षमा (टीबी) : स्वर्ण वसंत मालती, लक्ष्मी विलास रस, मृगांक रस, वृहत्‌ श्रृंगारभ्र रस, राजमृगांक रस, वासावलेह, द्राक्षासव, च्यवनप्राश अवलेह, महालक्ष्मी विलास रस।
उर्ध्व रक्तपित्त (कफ के साथ अणवा उल्टी में खून आना)
कफकेयर, शर्बत वासा, कामदुधा रस मौ.यु. कहरवा पिष्टी, वासावलेह, प्रवाल पिष्टी, वासारिष्ट, बोलबद्ध चूर्ण, बोल पर्पटी, रक्त पित्तांतक लौह कुष्माण्ड अवलेह।

दद्रु (दाद, रिंगवर्म) :
 सोमराजी तेल, गंधक रसायन।

पेट मे गेस के अनुपम नुस्खे 

शीत पित्त (पित्ती) : 
हरिद्राखंड, कामदुधा रस, आरोग्यवर्द्धिनी वटी, सूतशेखर रस।
पिदक (गर्मी की मरोरी, पसीना) : खमीरा संदल, प्रवालयुक्त, गुलकन्द, प्रवाल पिष्टी, जहर मोहरा पिष्टी, सारिवाद्यासव।
खाज-खुजली, फोड़े-फुंसी, रक्त विकार : 
रक्त शोधक, खदिराष्टि, महामंजिष्ठादि काढ़ा, सारिवाद्यासव, महामरिचादि तेल, रोगन नीम, गंधक रसायन, केशर गूगल, आरोग्यवर्द्धनी, जात्यादि तेल, चर्मरोगांतक मरहम,पुष्पांजन।
कुष्ठ (सफेद दाग) : 
सोगन बावची, खदिरादिष्ट, आरोग्यवर्द्धिनी वटी, रस माणिक्य, गंधक रसायन, चालमोगरा तेल, महामंजिष्ठादि क्वाथ।
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