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28.7.18

बच्चों की चोट के घरेलू उपचार //Home remedies for children's injuries

                                             

    अपने बच्चे को किसी भी प्रकार की चोट लगने पर बिना घबराए ,पहले यह देखे की उसे किस प्रकार की चोट लगी हैं यह समझते हुए उसका प्राथमिक ईलाज करे और अपने बच्चे को राहत दिलाये यदि हो सके तो आर्निका 30 खिलाये और यदि चोट गंभीर हो तो डॉक्टर के पास ले जाए।
प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी किसी की जान बचा सकती है। मगर सावधानी और बचाव सबसे जरुरी है। छोटे बच्चों को इस बात की जानकारी या एहसास नहीं होता की उन्हें किन चीज़ों से चोट लग सकती है। मगर बड़ों को ख्याल रखना चाहिए की जहाँ बच्चे खेल रहें हो वहां कोई ऐसी वस्तु न हो जिससे बच्चो को चोट लगे। हानिकारक वस्तुएं जैसे की कीटनाशक या फिर फिनायल बच्चों की पहुँच से दूर रखें। टेबल कुर्सी भी इस तरह रखें की बच्चे उसपे चढ़ कर कूदें नहीं। घर पे सीढ़ी हो तो उसपे गेट लगवा लें ताकि बच्चे सीढ़ी पर ऊपर निचे बिना बड़ों के निगरानी के न खेलें। कुछ सावधानियां बरत कर आप अपने बच्चे को कई प्रकार के चोट से बचा सकती हैं। प्राथमिक चिकित्सा के माध्यम से चोट पर तुरंत काबू पाया जा सकता है , लगातार बहने वाले खून को रोका जा सकता है तथा बच्चे की गंभीर स्थिति को साधारण स्थिति में बदला जा सकता है।
*यदि आप के बच्चे को इस तरह की चोट लग गई हो जहाँ से लगातार खून बह रहा हो तो, सबसे पहले खून रोकने का उपाय करना चाहिए। जैसे - फिटकरी को रगड़े या दुब को पीस कर घाव पर लगाने से खून बहना बंद हो जायेगा। बर्फ के टुकड़ें को घाव वाली जगह पर रगड़ने से खून बहना बंद हो जाता हैं।
खून बहने के स्थान पर यदि खून जम जाए तो पुदीने का रास बच्चे को पिलाना चाहिए।

*सुगन्धित परफ्यूम लगाने से बहता हुआ खून रुक जाता है।
*कभी - कभी बच्चा इस तरह गिर जाता है की उसके माथे या सिर के पीछे के भाग में गोला सा गुरमा निकल आता है ,उसपर तुरंत बर्फ रगडने से यह चोट ठीक हो जाता है।
*हल्दी ,प्याज , भांग की पत्ती पीसकर उसमे सरसो का तेल डालकर गर्मकर उस फूले हुए हिस्से पर लगाने से चोट पर आराम मिलता हैं। कुछ परिस्तिथियाँ ऐसी होती है की बच्चे की हाथ या पैर की हड्डी टूट या सरक जाती है, उस समय हल्दी दूध में मिलाकर पिलाने से चोट ओर दर्द दोनों में राहत मिलती है। 
*स्पिरिट लगाने से भी बहता हुआ खून बंद हो जाता हैं।
*बच्चे को चोट लगने पर इस बात का ध्यान रखे की कही उसे अंदरूनी चोट तो नहीं लग गई है, ऐसा होने पर लहसुन हल्दी और गुड़को मिलाकर लेप करने से चोट ठीक हो जाती है।
*लहसुन की कली को नमक के साथ पीसकर उसकी पुल्टिस बनाकर बांधने से चोट ओर दर्द में आराम मिलता है।
*नमक को तवे पर सेक कर मोटे कपडे में बांधकर दर्द वाली जगह पर सेकने से आराम मिलता है।
*चोट- मोच के दर्द में पोस्ता के दाने को पीसकर लगाने से आराम मिलता है। तिलके तेल में कपूर मिलाकर लगाने से आराम मिलता है।
*जमे हुए खूनपर पुदीना पीसकर लगाने से आराम मिलता है।